Source :- LIVE HINDUSTAN
पाकिस्तान की ओर से यह व्यक्ति DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आया। उसने खुद को मोहम्मद आसिफ बताते हुए कहा कि वह 2023 में एसएसजी से हवलदार के पद से रिटायर हुआ था।
भारतीय सेना के जवानों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया। इस घटना के एक दिन बाद पाकिस्तान ने एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया। इस्लामाबाद ने किया कि यही मोहम्मद आसिफ है और वह जिंदा है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में मुठभेड़ के दौरान इंडियन आर्मी ने आसिफ को मार गिराने की बात कही थी। आसिफ को पूर्व स्पेशल सर्विस ग्रुप यानी SSG कमांडो बताया गया। पाकिस्तान की ओर से गुरुवार को पेश किए गए व्यक्ति के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उसकी पहचान को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ स्वतंत्र ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस अकाउंट्स ने पुराने फोटो से तुलना करते हुए उसके चेहरे और शरीर की बनावट में अंतर होने का दावा किया।
पाकिस्तान की ओर से यह व्यक्ति DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आया। उसने खुद को मोहम्मद आसिफ बताते हुए कहा कि वह 2023 में एसएसजी से हवलदार के पद से रिटायर हुआ था। उसके मुताबिक उसने 2000 में पाकिस्तानी सेना ज्वाइन की थी और 2005 में एसएसजी में शामिल हुआ। उसने दावा किया कि उसने वहां 18 साल सेवा की और 2023 में रिटायर हुआ। उसने कहा, ‘मैं जिंदा हूं और आपके सामने मौजूद हूं।’
नकली मूसा की कैसे हुई पहचान
पुरानी तस्वीरों में हाशिम मूसा को फौजी नाम से भी जाना जाता था। कुछ एक्सपर्ट्स ने दोनों तस्वीरों की तुलना करते हुए कान, नाक और आंखों की स्थिति समेत चेहरे की बनावट में अंतर की ओर इशारा किया। इन दावों के आधार पर पाकिस्तान के दावे पर सोशल मीडिया पर सवाल उठे। रिटायर्ड मेजर जनरल हर्ष काकर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने एक नकली व्यक्ति को हाशिम मूसा के नाम से पेश किया।
हाशिम मूसा को बुधवार को मार गिराया
मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को सुरक्षा बलों ने बुधवार को यूसमर्ग में मुठभेड़ के दौरान मार गिराने की बात कही थी। वह पीर पंजाल इलाके और कश्मीर घाटी में नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में शामिल बताया गया था। 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिन 4 लश्कर आतंकियों की तस्वीरें सामने आई थीं, मूसा उनमें से एक था। पहलगाम हमले में 25 पर्यटकों की मौत हुई थी। इन चारों आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया जा चुका है। मूसा इस समूह का आखिरी जीवित सदस्य था।
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