Source :- LIVE HINDUSTAN
कनाडा पुलिस का दावा है कि ऐसे समूह का पता चला जो जबरन वसूली, प्रतिबंधित हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था। संकेत सिंगला के अलावा गिरफ्तार किए गए 4 लोगों को सरे से पकड़ा गया है और वे हिरासत में हैं।
कनाडा में जबरन वसूली और हिंसा के मामले में 5 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इनमें 23 वर्षीय संकेत सिंगला भी शामिल है। जांच के दौरान उसकी भूमिका सामने आने के समय वह भारत में था। इसके बाद कनाडाई अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तालमेल करके एक कार्रवाई के तहत उसे कनाडा बुलाया। 1 अक्टूबर को टोरंटो एयरपोर्ट पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला ब्रिटिश कोलंबिया के लैंगली इलाके में ऑटो डीलरशिप को निशाना बनाकर की गई जबरन वसूली और हिंसा से जुड़ा है।
लैंगली की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने जून 2025 में जांच शुरू की थी। लैंगली स्थित ऑटो डीलरशिप के सह-मालिकों ने शिकायत की थी कि उनसे बड़ी रकम की जबरन मांग की जा रही है। डीलरशिप के सरे और लैंगली स्थित ठिकानों को 2 बार आगजनी और गोलीबारी से निशाना बनाया गया। पुलिस बयान में कहा गया कि इन घटनाओं से धमकियों और हिंसा की गंभीरता का पता चलता है। जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई गई और कनाडा के साथ-साथ दूसरे देशों में भी कार्रवाई की गई।
घटना के बारे में पुलिस ने क्या बताया
पुलिस का दावा है कि ऐसे समूह का पता चला जो जबरन वसूली, प्रतिबंधित हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था। संकेत सिंगला के अलावा गिरफ्तार किए गए 4 लोगों को सरे से पकड़ा गया है और वे हिरासत में हैं। इनकी पहचान साहिल, सिमरनजीत सिंह, हर्ष और ओटावा निवासी जगदीप सिंह के रूप में हुई है। सभी पर जबरन वसूली, लापरवाही से हथियार चलाने, आग या विस्फोट से संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, संपत्ति नष्ट करने के इरादे से विस्फोटक पदार्थ फेंकने और प्रतिबंधित हथियार देने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने अलग-अलग तरह के कारतूस और मैगजीन बरामद कीं। इसके अलावा संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम जैसे नशीले पदार्थ भी जब्त किए गए। यह लैंगली आरसीएमपी के नेतृत्व में चलाया गया अभियान था, जिसमें ब्रिटिश कोलंबिया की कंबाइंड फोर्सेज स्पेशल एनफोर्समेंट यूनिट और RCMP फेडरल पुलिसिंग पैसिफिक रीजन की भी मदद मिली। लैंगली आरसीएमपी के अधिकारी ने मामले में सामने आने वाले पीड़ितों के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों ने जांच के दौरान पुलिस का साथ दिया और मामले को अदालत तक पहुंचाने के लिए भरोसा जताया।
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