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त्योहारी सीजन में RBI लेगा बड़ा फैसला! आम लोगों पर पड़ेगा सीधा असर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अक्टूबर में होने वाली मोनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है
  • महंगाई के बढ़ते दबाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए RBI रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है

Mumbai: A man walks past the RBI logo at RBI headquarters in Mumbai, Friday, Feb. 7, 2025. (PTI Photo/Shashank Parade) (PTI02_07_2025_000107B)

RBI MPC: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट बढ़ा सकता है। इकोनॉमिस्ट्स और बैंक अधिकारियों के एक सर्वे के मुताबिक, RBI रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा 5.25 प्रतिशत रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो जाएगा। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार होगा जब RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा।

बता दें कि अगर RBI रेपो रेट बढ़ाता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों के लोन पर पड़ सकता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें बढ़ने से EMI बढ़ सकती है। वहीं, बैंक FD और दूसरी जमा योजनाओं पर ब्याज बढ़ा सकते हैं, जिससे बचत करने वालों को फायदा हो सकता है। RBI का यह कदम महंगाई को काबू में रखने के लिए भी उठाया जा सकता है। अगर महंगाई कम होती है, तो लंबे समय में आम लोगों की रोजमर्रा की खरीदारी पर कीमतों का दबाव कम हो सकता है।

RBI के सामने दर बढ़ाने की चुनौती

कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि महंगाई के बढ़ते जोखिम को देखते हुए RBI को ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए। वहीं, कुछ इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि अभी तुरंत दर बढ़ाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इकोनॉमिक में मांग के कारण महंगाई बढ़ने के मजबूत संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसलिए अक्टूबर की बैठक में RBI के फैसले पर सभी की नजरें रहेंगी।

आगे 2-3 बार बढ़ सकती हैं दरें

सर्वे में शामिल कई एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 में RBI रेपो रेट 2 से 3 बार बढ़ा सकता है। एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि RBI अपनी मौद्रिक नीति में पहले के नरम रुख को धीरे-धीरे बदल सकता है।

GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ने की उम्मीद

महंगाई के दबाव के बावजूद इकोनॉमिक की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि RBI FY2026-27 के GDP ग्रोथ अनुमान को बढ़ा सकता है। RBI ने अगस्त की मोनेटरी पॉलिसी में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.7 प्रतिशत GDP ग्रोथ का अनुमान लगाया था। कुछ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इसे बढ़ाकर 7 प्रतिशत से ज्यादा किया जा सकता है।

RBI के फैसले पर नजर

कुल मिलाकर, अक्टूबर की मोनेटरी पॉलिसी बैठक में RBI के सामने महंगाई और आर्थिक विकास के बीच बैलेंस बनाने की चुनौती होगी। महंगा कच्चा तेल और बढ़ती महंगाई दर बढ़ाने के पक्ष में हैं, जबकि मजबूत आर्थिक गतिविधियां और मांग आधारित महंगाई का सीमित दबाव RBI को फिलहाल इंतजार करने का मौका देते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN