Source :- LIVE HINDUSTAN
अगर आप एक बेट ी क े पैरेंट्स है ं और अभ ी उसक ी उम्र काफ ी कम है, त ो जल्द ी पीरियड्स स े बचान े क े लिए य े छोट ी छोट ी बाते ं ध्यान मे ं रख सकत े हैं । आजकल बच्चियो ं मे ं जल्द ी पीरियड्स आन े क े मामल े कॉमन ह ो रह े हैं । ऐस े मे ं डॉक्टर क ी य े टिप्स आपक ो जरूर जानन ी चाहिए।
उम्र बढ़न े क े साथ बेट ी क े शरीर मे ं कई बदलाव आत े हैं । इन्ही ं बदलावो ं मे ं स े एक ह ै पीरियड्स क ी शुरुआत । आमतौर पर लड़कियो ं क ो 12 स े 15 साल क ी उम्र क े बीच पहल ी बार पीरियड्स आत े हैं, लेकिन कुछ बच्चियो ं मे ं य े और भ ी जल्द ी शुर ू ह ो सकत े हैं । खासकर आजकल त ो पीरियड्स बहुत ह ी कम उम्र मे ं आन े शुर ू ह ो गए हैं । ऐस े मे ं पैरेंट्स क े मन मे ं चिंत ा होन ा स्वाभाविक है । बच्चियो ं क े पीरियड्स सह ी उम्र मे ं शुर ू हो ं और उन्हे ं अर्ल ी प्यूबर्ट ी स े बचाय ा ज ा सक े इसक े लिए गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. शिवान ी न े कुछ खास सलाह द ी है । आइए जानत े हैं-
बेट ी क ो बहुत ज्याद ा दूध देन े स े बचे ं
दूध बच्चो ं क ी डाइट क ा अहम हिस्स ा है, क्योंक ि इसमे ं कैल्शियम और प्रोटीन जैस े जरूर ी पोषक तत्व मिलत े हैं । लेकिन द ो साल क ी उम्र क े बाद भ ी अगर बच्च ी बहुत ज्याद ा दूध पीत ी ह ै त ो उसक ा पेट भर ा रह सकत ा ह ै और वह दाल, सब्जियां, फल और दूसर े सॉलिड फूड्स कम ख ा सकत ी है । इसलिए डॉ. शिवान ी क ी सलाह क े अनुसार, बेट ी क ो जरूरत स े ज्याद ा दूध देन े क े बजाय उसक ी पूर ी डाइट पर ध्यान दें।
प्लास्टिक क ी बोतल और टिफिन क ा इस्तेमाल कम करे ं
बच्चो ं क े लिए प्लास्टिक क ी बोतल, टिफिन और दूसर े सामान क ा इस्तेमाल आम है । लेकिन कुछ प्लास्टिक मे ं ऐस े केमिकल ह ो सकत े है ं ज ो शरीर क े हार्मोंस पर असर डाल सकत े हैं । कुछ केमिकल शरीर मे ं एस्ट्रोजन जैस ी एक्टिविट ी भ ी दिख ा सकत े हैं । इसलिए जहा ं आसान ी स े संभव हो, वहा ं कांच य ा स्टेनलेस स्टील क ी बोतल और टिफिन क ा इस्तेमाल करन ा सह ी है।
बेट ी क ो स्ट्रेस स े दूर रखे ं
ड ॉ शिवान ी क ा कहन ा ह ै क ि बच्चियो ं क ो अर्ल ी प्यूबर्ट ी स े बचान े क े लिए उन्हे ं स्ट्रेसफुल माहौल स े दूर रखन ा चाहिए । दरअसल बच्चो ं क ी मानसिक सेहत क ा उनक ी ओवरऑल ग्रोथ पर असर पड़त ा है । घर मे ं लगातार झगड़े, डर क ा माहौल, परिवार स े जुड़ ी परेशानिया ं य ा लंब े समय तक बन ा रहन े वाल ा तनाव बच्च ी क ी सेहत क ो प्रभावित कर सकत ा है । ऐस े मे ं पैरेंट्स क ो कोशिश करन ी चाहिए क ि घर क ा माहौल सुरक्षित और प्यार भर ा रहे।
डाइट मे ं कैफीन क ो सीमित रखे ं
गाइनेकोलॉजिस्ट क े मुताबिक बेटियो ं क ो अर्ल ी प्यूबर्ट ी स े बचान े क े लिए उनक ी डाइट मे ं कैफीन क ी मात्र ा बहुत ह ी सीमित रखें । बेट ी क ो बचपन स े ह ी पानी, दूध और पौष्टिक पेय पदार्थो ं क ी आदत डालें । मीठ े सॉफ्ट ड्रिंक्स और कैफीन वाल े पेय क ो रोज क ी डाइट क ा हिस्स ा न ा बनाएं । य े उनक ी ग्रोथ पर नेगेटिव इफेक्ट डाल सकत े हैं।
बेट ी क ो उम्र क े हिसाब स े कंटेंट दिखाए ं
डॉ. शिवान ी कहत ी है ं क ि पैरेंट्स क ो बच्चो ं क ी ऑनलाइन एक्टिविट ी पर नजर रखन ी चाहिए और जरूरत पड़न े पर उनस े खुलकर बात करन ी चाहिए । अगर बच्च ी किस ी कंटेंट क ो लेकर सवाल पूछत ी है, त ो उस े उसक ी उम्र क े हिसाब स े सह ी जानकार ी दें । साथ ह ी बच्च ी क ो एडल्ट कंटेंट स े दूर रखन ा चाहिए और उसक ी उम्र क े मुताबिक ह ी कंटेंट दिखान ा चाहिए।
परफ्यूम और कॉस्मेटिक क ा इस्तेमाल
बच्च ी क े लिए प्रोडक्ट चुनत े समय उसक ी उम्र क े हिसाब स े सह ी विकल्प चुनें । तेज खुशब ू वाल े प्रोडक्ट्स स े परेशान ी होत ी है, त ो उनक ा इस्तेमाल न करें । किस ी प्रोडक्ट स े त्वच ा पर जलन य ा एलर्ज ी होन े पर उस े इस्तेमाल करन ा बंद कर दें । बच्चो ं क ो अनावश्यक केमिकल एक्सपोजर स े बचान ा अच्छ ी आदत है । क्योंक ि केमिकल वाल े प्रोडक्ट्स बच्चो ं क े हार्मोन पर भ ी गलत असर डाल सकत े हैं।
बेट ी क ो रोज फिजिकल एक्टिविट ी क े लिए मोटिवेट करे ं
बेट ी क ी अच्छ ी ग्रोथ क े लिए फिजिकल एक्टिविट ी बहुत जरूर ी है । रोज खेलना, साइकिल चलाना, डांस करना, दौड़न ा य ा अपन ी पसंद क ी कोई दूसर ी एक्टिविट ी करन ा उसक ी फिटनेस और मानसिक सेहत क ो बेहतर बनाए रखन े मे ं मदद कर सकत ा है । डॉ. शिवान ी क े मुताबिक, बेट ी क ो केवल पढ़ाई य ा स्क्रीन टाइम तक सीमित न ा रखें । उस े बाहर खेलन े और अपन ी पसंद क े खेल चुनन े क ा मौक ा दें । साथ ही, उसक ी उम्र क े अनुसार पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट क ा भ ी ध्यान रखें।
प्रोसेस्ड और रिफाइंड फूड कम दे ं
बच्चो ं क ो चिप्स, पैकेट वाल े स्नैक्स, मीठ े बिस्कुट, कैंडी, फास्ट फूड और मीठ े ड्रिंक्स पसंद आ सकत े हैं । कभी-कभ ी इन चीजो ं क ो खान ा आम बात है, लेकिन अगर य े रोज क ी डाइट क ा बड़ ा हिस्स ा बन जाए ं त ो बच्च ी क ो जरूर ी पोषक तत्व कम मिल सकत े हैं । साथ ह ी जरूरत स े ज्याद ा कैलोर ी लेन े क ी आदत बन सकत ी है । इनक ी जगह बेट ी क ी डाइट मे ं फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, प्रोटीन स े भरपूर चीजे ं शामिल करें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN


