Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Petrol Diesel Rates: लीबिया में पेट्रोल की कीमत महज 2.21 रुपये प्रति लीटर है
- ईरान में यह 2.72 रुपये और वेनेजुएला में 3.32 रुपये प्रति लीटर है
- दुनिया के सबसे सस्ते और सबसे महंगे पेट्रोल वाले देशों के बीच कीमत का अंतर करीब 190 गुना है
दुनिया में पेट्रोल की कीमतों में भारी अंतर है। दुनियाभर में पेट्रोल (ऑक्टेन-95) की औसत कीमत 151.18 रुपये प्रति लीटर है। वहीं, कुछ देशों में पेट्रोल 2 रुपये प्रति लीटर के करीब मिल रहा है, जबकि कुछ में इसकी कीमत 400 रुपये के पार पहुंच गई है। भारत में पेट्रोल की कीमत दुनिया के औसत से कम है। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड आज भी 105 डॉलर प्रति बैरल के पार है।
लीबिया में सबसे सस्ता, हांगकांग में सबसे महंगा पेट्रोल
ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार, लीबिया में पेट्रोल की कीमत महज 2.21 रुपये प्रति लीटर है। ईरान में यह 2.72 रुपये और वेनेजुएला में 3.32 रुपये प्रति लीटर है। यानी इन तीन देशों में पेट्रोल की कीमत भारत में मिलने वाले एक कप चाय से भी कम है। वहीं दूसरी ओर हांगकांग में पेट्रोल की कीमत 420.34 रुपये प्रति लीटर है। दुनिया के सबसे सस्ते और सबसे महंगे पेट्रोल वाले देशों के बीच कीमत का अंतर करीब 190 गुना है।
भारत में पेट्रोल के क्या हैं दाम?
वैसे तो मई के बाद भारत में सरकारी पंपों पर तेल के दाम नहीं बढ़े हैं। अलबत्ता नायरा ने सितबंर में और जियो-बीपी ने अक्टूबर यानी इसी महीने पेट्रोल-डीजल दोनों के दाम में 5 रुपये तक का इजाफा कर चुकी हैं। अगर ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज के 12 अक्टूबर के आंकड़ों की बात करें तो भारत में पेट्रोल की औसत कीमत 108.65 रुपये प्रति लीटर दर्ज है। यह दुनिया के औसत रेट 151.18 रुपये प्रति लीटर से करीब 42.53 रुपये कम है। हालांकि, भारत की कीमत लीबिया, ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
अमेरिका में पेट्रोल भारत से सस्ता
अमेरिका जैसे विकसित देश में भी पेट्रोल की कीमत भारत से कम है। अमेरिका में पेट्रोल 111.90 रुपये प्रति लीटर है। यह भारत की कीमत के करीब है। कीमतों में यह अंतर अलग-अलग देशों के टैक्स सिस्टम, सरकारी सब्सिडी और तेल के दाम के निर्धारण की नीतियों से जुड़ा है।
तेल उत्पादक देशों में पेट्रोल सस्ता क्यों है?
पेट्रोल की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव से तय नहीं होती। इसमें सरकारी टैक्स, सब्सिडी, रिफाइनिंग लागत, ट्रांसपोर्ट और स्थानीय बाजार की नीतियों की भी अहम भूमिका होती है। कुछ तेल उत्पादक देश घरेलू उपभोक्ताओं को कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराते हैं। वहीं, कई देशों में पेट्रोल पर भारी टैक्स लगाया जाता है, जिससे खुदरा कीमत बढ़ जाती है।
दुनिया में पेट्रोल की कीमतों में इतना अंतर क्यों?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें देशों के लिए एक साझा आधार बनाती हैं, लेकिन अंतिम खुदरा कीमत अलग-अलग होती है। कुछ देशों में सरकार कीमतों को नियंत्रित करती है, जबकि अन्य देशों में कीमतें बाजार के हिसाब से बदलती हैं। यही वजह है कि एक देश में पेट्रोल कुछ रुपये प्रति लीटर मिल सकता है, जबकि दूसरे देश में इसके लिए सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
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