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अमेरिका को भी लगा महंगाई का करंट, पेट्रोल में 9.1% का उछाल, बाजार का बुरा हाल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • US Inflation: अमेरिका में सितंबर में महंगाई दर उम्मीद से अधिक बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई
  • पेट्रोल की कीमतें 9.1 प्रतिशत बढ़ीं, जो महीने के दौरान कुल CPI में बढ़ोतरी का लगभग आधा हिस्सा है
  • नैस्डैक लगभग 2 प्रतिशत टूट गया, जबकि S&P 500 में 1 प्रतिशत की गिरावट आई

महंगाई के करंट का झटका केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लोगों को भी लग रहा है। अमेरिका में सितंबर में महंगाई दर उम्मीद से अधिक बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में सालाना मुद्रास्फीति की दर 3.4 प्रतिशत थी। वहीं, पेट्रोल की कीमतें 9.1 प्रतिशत बढ़ीं। उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। ब्लूमबर्ग के मुताबिक महंगाई बढ़ाने में अहम भूमिका ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल ने निभाई।

बता दें इससे पहले भारत को भी महंगाई ने झटका दिया है। यहां थोक मूल्य सूचकांक बढ़कर सितंबर में 11.39 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 9.9 प्रतिशत थी। जबकि, रिटेल महंगाई भी अगस्त के मुकाबले 4.83% से बढ़कर सितंबर 2026 में 5.54% हो गई।

अमेरिकी शेयर बाजार में तेज गिरावट

महंगाई के आंकड़ों, ऊंची ब्याज दरों की आशंका और कंपनियों के कमजोर नतीजों के बीच अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक लगभग 2 प्रतिशत टूट गया, जबकि S&P 500 में 1 प्रतिशत की गिरावट आई।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में कमजोरी तथा कर्ज से जुड़ी चिंताओं ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया। इस गिरावट के साथ S&P 500 का लगातार 53 कारोबारी सत्रों तक एक दिन में 1 प्रतिशत की गिरावट से बचने का सिलसिला समाप्त हो गया।

उम्मीद से अधिक महंगाई

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) सितंबर में मासिक आधार पर 0.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बाजार में सालाना महंगाई दर 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान था। खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को छोड़कर मापी जाने वाली कोर इन्फ्लेशन रेट सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत रही, जो 2.5 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है। मासिक आधार पर कोर CPI में 0.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि इसके 0.2 प्रतिशत रहने का अनुमान था।

पेट्रोल की कीमतों में 9.1% का उछाल

सितंबर में एनर्जी इंडेक्स में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पेट्रोल की कीमतें 9.1 प्रतिशत बढ़ीं, जो महीने के दौरान कुल CPI में बढ़ोतरी का लगभग आधा हिस्सा है। पिछले एक साल में पेट्रोल की कीमतों में 34.2 प्रतिशत और हीटिंग ऑयल की कीमतों में 74.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

सितंबर में खाद्य पदार्थों की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन सालाना आधार पर इनमें 2.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आवास, पुरानी कार व ट्रक के भी दाम बढ़े। कपड़ों की कीमतें महीने के दौरान 0.3 प्रतिशत और सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत बढ़ीं। कपड़ों की कीमतों पर टैरिफ का भी असर पड़ सकता है।

फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर बढ़ी नजर

महंगाई के ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले बढ़ती महंगाई आर्थिक और राजनीतिक चिंता का विषय बन गई है।

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बाद कारोबारियों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मोनेटरी पॉलिसी मीटिंग को लेकर अपने अनुमान बदल दिए। सीएमई ग्रुप के FedWatch टूल के मुताबिक, अक्टूबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना बाजार में लगभग 54 प्रतिशत आंकी गई।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN