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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/10/16/1200x900/vvn_1792173824662_mMlf_1792173837443_kVyR_6c9f4e7a-e10a-42c1-b046-b738b9d8d3b9_xCXb.jpgनेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उनके हिरासत में लिए जाने के घंटों बाद अब विशाल ददलानी ने पोस्ट कर बताया है कि वह गायब हैं।
शुक्रवार को हाथों में तिरंगा लेकर और ‘जय हिंद’ के नारे लगाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के सैकड़ों समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार शाम मध्य दिल्ली में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए।
अभिजीत दीपके और नेहा को लिआ हिरासत में
इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उनके साथ ही वामपंथी छात्र संगठन AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। अब इस पर विशाल ददलानी का रिएक्शन आया है। विशाल ने दावा किया है कि नेहा गायब हैं।
विशाल बोले नेहा गायब हैं
विशाल ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें लिखा है, ‘नेहा को एक प्राइवेट कार में लेकर गए किसी अनजान लोकेशन में। ये काफी पहले हुआ और वह अब भी मिसिंग हैं। आप सब लोगों को अब आंख और कान बनना पड़ेगा। आप सबको उन्हें ढूंढना पड़ेगा। उनकी लोकेशन ढूंढनी होगी। दिल्ली पुलिस आपको बताना पड़ेगा कि वह कहां है। अमित शाह क्या यही है दिल्ली का लॉ?’
इस पोस्ट को शेयर कर विशाल ने लिखा, ‘कृपया दुनिया का ध्यान इस बात की ओर करें कि एक युवा नेता-एक ऐसी युवती जो इस समय भारत के लगभग सभी प्रगतिशील युवाओं का प्रतिनिधित्व करती है-उसे सरेआम ‘गायब’ कर दिया गया है।’
कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और संगठन का उनसे संपर्क टूट गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लेने के बाद दीपके को जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया।
आइसा के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस कृपया जवाब दे कि नेहा बोरा को सादे कपड़ों में आए लोगों ने बस में अकेले हिरासत में क्यों लिया? उनके आखिरी ठिकाने से पता चलता है कि उन्हें मंगोलपुरी स्थित मादक पदार्थ रोधी कार्यबल प्रकोष्ठ ले जाया गया था। फिर थाना यह क्यों कह रहा है कि वह वहां नहीं हैं?’
बता दें कि छात्रों और आइसा व एसएफआई के सदस्यों ने मंडी हाउस में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित अधिनियम को वापस लेने की मांग की।
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