Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन मुनाफे में गिरावट आई है
- सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30% घटकर 82 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 116 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था
Waaree Renewable Q2 results: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनी वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Waaree Renewable Technologies) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू जहां 36% से ज्यादा बढ़ा है, वहीं नेट प्रॉफिट में 30% की गिरावट दर्ज की गई है। इस खबर के बीच निवेशकों की नजर अब कंपनी के शेयर पर रहने वाली है। बता दें कि आज सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को कंपनी का शेयर एनएसई पर 0.44% गिरकर 833.40 रुपये पर बंद हुआ था।
क्या है डिटेल- जानिए
सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 30% घटकर 82 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 116 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। हालांकि, कंपनी की कमाई में बढ़ोतरी जारी रही। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 36.53% बढ़कर 1,057.84 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 775 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का कारोबार बढ़ा है, लेकिन इसका फायदा मुनाफे में उसी रेशियो में नहीं दिखा। कंपनी के शेयरों में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को गिरावट दर्ज की गई।
एबिटा में मामूली बढ़ोतरी, मार्जिन में गिरावट
कंपनी के एबिटा यानी कारोबार से होने वाली कमाई में भी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। सितंबर तिमाही में एबिटा 1.3% बढ़कर 160 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 158 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का एबिटा मार्जिन घटकर 15% रह गया, जो एक साल पहले 20% था। आसान भाषा में समझें तो कंपनी की कमाई तो बढ़ी, लेकिन हर 100 रुपये के रेवेन्यू पर होने वाला ऑपरेटिंग मुनाफा पहले के मुकाबले कम हो गया।
पहली छमाही में कैसा रहा कंपनी का परफॉर्मेंस
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान रेवेन्यू सालाना आधार पर 43.84% बढ़कर 1,982.09 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 1,377.97 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का एबिटा 21.04% बढ़कर 333.46 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 275.49 करोड़ रुपये था। हालांकि, नेट प्रॉफिट में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई। पहली छमाही में कंपनी का मुनाफा 200.44 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 202.75 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, अधिग्रहण से जुड़े फाइनेंसिंग खर्च और अलग-अलग मार्जिन वाले नए कारोबार जुड़ने की वजह से फिलहाल मुनाफे पर दबाव पड़ा है।
महाराष्ट्र में लगाएगी 35 MW का सोलर पावर प्लांट
वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज के बोर्ड ने महाराष्ट्र के वर्धा में 35 मेगावाट पीक क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए पूंजीगत खर्च को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट की AC क्षमता 25 मेगावाट होगी। यह प्लांट इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर यानी IPP मॉडल पर काम करेगा। इसका मतलब है कि कंपनी खुद बिजली बनाएगी और उसे बेचकर कमाई करेगी।
₹5,500 करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक
कंपनी के पास भविष्य में काम पूरा करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट मौजूद हैं। उसका अनएक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक यानी ऐसे प्रोजेक्ट जिनका काम अभी पूरा नहीं हुआ है, 5,500 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इसके अलावा, कंपनी के पास 34.6 गीगावाट पीक से ज्यादा क्षमता वाले सोलर प्रोजेक्ट्स की बिडिंग पाइपलाइन है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज से जुड़े 12.5 गीगावाट-घंटे से ज्यादा कैपासिटी के प्रोजेक्ट्स भी इसमें शामिल हैं। कंपनी के पास ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े 21,900 करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित कारोबार के अवसर भी हैं। हालांकि, बिडिंग पाइपलाइन में शामिल सभी प्रोजेक्ट्स का ऑर्डर मिलना तय नहीं है।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)
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