Home rss business hindi Jio IPO: 22% पहुंचा GMP, कल खुलेगा ₹30,200 करोड़ का इश्यू; यहां...

Jio IPO: 22% पहुंचा GMP, कल खुलेगा ₹30,200 करोड़ का इश्यू; यहां जानें ब्रोकरेज की राय

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

देश के सबसे बड़े IPO में निवेश करने का मौका जल्द मिलने वाला है। मुकेश अंबानी की Jio Platforms का ₹30,200 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच चर्चा में है। ग्रे मार्केट में इसके शेयरों का प्रीमियम (GMP) ₹245 तक पहुंचने की खबर है, जो ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 22% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, ग्रे मार्केट के संकेतों से शेयर बाजार में लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। दिए गए डिटेल्स के मुताबिक, इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। अगर शेयर ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,119 पर जारी होता है और ₹245 का GMP बना रहता है, तो इसका संकेतात्मक लिस्टिंग भाव ₹1,364 हो सकता है। लेकिन, लिस्टिंग के दिन वास्तविक कीमत इससे कम या ज्यादा हो सकती है।

इस IPO को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी की एक बड़ी वजह Jio का टेलीकॉम कारोबार, डिजिटल सेवाओं में विस्तार और मजबूत ग्राहक आधार है। वहीं, निवेश से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई और कारोबार से जुड़े जोखिमों को समझना भी जरूरी है।

Jio IPO की प्रमुख जानकारी

कंपनी Jio Platforms
IPO का साइज करीब ₹30,200 करोड़
प्राइस बैंड ₹1,065–₹1,119 प्रति शेयर
IPO खुलने की तारीख 21 अक्टूबर 2026
IPO बंद होने की तारीख 23 अक्टूबर 2026
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹245, रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े के अनुसार
संकेतात्मक लिस्टिंग भाव ₹1,364
अनुमानित संभावित लिस्टिंग गेन करीब 22%
IPO से मिलने वाली रकम का प्रमुख उपयोग कर्ज चुकाना या पहले से भुगतान करना

कंपनी इस इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल उधार चुकाने या समय से पहले कर्ज का भुगतान करने के लिए करना चाहती है। ऊपरी प्राइस बैंड पर IPO के बाद कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹10.30 लाख करोड़ बताया गया है।

एंकर निवेशकों से जुटाए ₹8,110 करोड़

IPO खुलने से पहले Jio Platforms ने एंकर निवेशकों से करीब ₹8,110 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने 212 निवेशक खातों और निवेश योजनाओं को ₹1,119 प्रति शेयर की दर से 7.25 करोड़ शेयर आवंटित किए। एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO खुलने से पहले शेयर दिए किए जाते हैं। इसमें भारतीय और विदेशी निवेशकों ने हिस्सा लिया। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), BlackRock, Fidelity, सिंगापुर के सरकारी निवेश फंड और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे नाम शामिल हैं।

घरेलू म्यूचुअल फंड्स को एंकर आवंटन का 34.34% हिस्सा मिला। 95 निवेश योजनाओं को करीब ₹2,785 करोड़ के शेयर आवंटित किए गए। LIC को लगभग ₹500 करोड़ के शेयर मिले। इसके अलावा HDFC Mutual Fund, SBI Mutual Fund, ICICI Prudential Mutual Fund, Nippon India Mutual Fund और Kotak Mutual Fund जैसी संस्थाओं ने भी भागीदारी की।

एंकर निवेशकों की भागीदारी IPO में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी दिखाती है। हालांकि, इसे इस बात की गारंटी नहीं माना जा सकता कि लिस्टिंग के बाद शेयर अच्छा रिटर्न ही देगा।

ब्रोकरेज ने दी Subscribe की सलाह

फर्म Emkay Global ने Jio Platforms IPO को ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की बाजार में मजबूत स्थिति, ग्राहकों की बड़ी संख्या और डिजिटल कारोबार में विस्तार की संभावनाएं इसके पक्ष में हैं।

जियो, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के जरिए भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम नेटवर्क ऑपरेट करती है। जून 2026 तक कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे। रिपोर्ट के अनुसार, वायरलेस ब्रॉडबैंड ग्राहकों में इसकी हिस्सेदारी करीब 50% और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों में 42.6% थी। देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का लगभग 60% हिस्सा भी इसके नेटवर्क से गुजरता है।

कंपनी की कमाई का आधार सिर्फ मोबाइल रिचार्ज तक सीमित नहीं है। ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज कनेक्टिविटी, क्लाउड सर्विस, मनोरंजन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में विस्तार से भविष्य में कमाई बढ़ने की संभावना है।

5G, ब्रॉडबैंड और AI से बढ़ सकती है कमाई

Jio की आगे की रणनीति में मोबाइल ग्राहकों को 4G से 5G पर लाना, घरों तक ब्रॉडबैंड सर्विस का विस्तार करना और छोटे-बड़े कारोबारों को डिजिटल समाधान उपलब्ध कराना शामिल है। कंपनी MyJio, JioTV+, JioSaavn, JioGames और JioAICloud जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल सर्विस देती है। कारोबारी ग्राहकों के लिए इसके पोर्टफोलियो में क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी, प्राइवेट 5G, मैनेज्ड नेटवर्क और अन्य टेक्निकल सर्विसेस शामिल हैं।

Jio ने नेटवर्क, सॉफ्टवेयर, डिवाइस और डिजिटल एप्लिकेशन से जुड़ी तकनीक विकसित करने में भी निवेश किया है। कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में उसके 12,477 कर्मचारी डिजिटल प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से जुड़े थे। यह कुल कर्मचारियों का लगभग 45% था।

ब्रोकरेज का मानना है कि इन सेक्टर में विस्तार से कंपनी को मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा कमाई के नए स्रोत मिल सकते हैं। हालांकि, इन योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी उन्हें कितनी प्रभावी ढंग से लागू कर पाती है और उनसे कितनी अतिरिक्त कमाई होती है।

कंपनी का मुनाफा और कैश फ्लो कितना मजबूत?

Jio Platforms के वित्तीय आंकड़ों में पिछले 2 सालों के दौरान सुधार दिखाई दिया है। कंपनी का EBITDA वित्त वर्ष 2024 के ₹54,341 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹73,382 करोड़ हो गया। इसी अवधि में शुद्ध मुनाफा ₹21,422 करोड़ से बढ़कर ₹30,064 करोड़ पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹77,556 करोड़ और फ्री कैश फ्लो ₹43,301 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी वित्त वर्ष 2024 के 49.6% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 50% हो गया।

Emkay का अनुमान है कि 5G नेटवर्क में बड़े निवेश का दौर कम होने के साथ कंपनी का कैश फ्लो आगे बेहतर हो सकता है। IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होने पर ब्याज खर्च घटाने और भविष्य के निवेश के लिए वित्तीय गुंजाइश बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

क्या Jio IPO महंगा है?

Jio के कारोबार और मुनाफे में वृद्धि के बावजूद निवेशकों के लिए वैल्यूएशन एक अहम सवाल है। Emkay Global के आकलन के मुताबिक, ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वित्त वर्ष 2026 के मुनाफे के मुकाबले प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल करीब 31.7 से 33.3 गुना है।

SBI सिक्योरिटीज ने इसी आधार पर IPO के बाद का P/E मल्टीपल करीब 34.4 गुना आंका है। इसका मतलब है कि निवेशक कंपनी के मौजूदा मुनाफे के मुकाबले एक बड़ा मूल्य चुका रहे हैं। ऐसे वैल्यूएशन में भविष्य में कमाई बढ़ने की उम्मीदें भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

इसलिए सिर्फ कंपनी का बड़ा ग्राहक आधार या IPO का आकार देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। निवेशकों को यह भी देखना चाहिए कि कंपनी आने वाले वर्षों में अपने कारोबार को कितना बढ़ा पाती है और क्या उसकी कमाई मौजूदा वैल्यूएशन को उचित ठहरा सकती है।

Jio IPO में निवेश के जोखिम क्या हैं?

SBI सिक्योरिटीज ने कंपनी के सामने मौजूद कुछ जोखिमों की ओर भी ध्यान दिलाया है। इनमें लगातार पूंजीगत खर्च की जरूरत, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं पर निर्भरता, साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्राइवेसी से जुड़ी चुनौतियां शामिल हैं। टेलीकॉम कारोबार में स्पेक्ट्रम लाइसेंस, नेटवर्क की क्वॉलिटी और सर्विस में संभावित रुकावटें भी महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा 5G, क्लाउड और AI जैसे सेक्टर्स में प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को लगातार निवेश करना पड़ सकता है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम भी निवेश का भरोसेमंद आधार नहीं है। यह अनौपचारिक बाजार का संकेत है, जो IPO खुलने से लेकर लिस्टिंग तक तेजी से बदल सकता है। अगर निवेशकों की धारणा बदलती है, तो संभावित लिस्टिंग गेन कम हो सकता है या शेयर इश्यू प्राइस से नीचे भी लिस्ट हो सकता है।

Jio IPO में पैसा लगाएं या नहीं?

Jio Platforms IPO के पक्ष में मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क, बड़ी ग्राहक संख्या, बढ़ता मुनाफा और डिजिटल सर्विसेस में विस्तार जैसे कारक हैं। एंकर निवेशकों की भागीदारी और Emkay Global की ‘Subscribe’ रेटिंग भी इश्यू को लेकर पॉजिटिव संकेत देती है।

दूसरी ओर कंपनी का वैल्यूएशन, भविष्य में होने वाला पूंजीगत खर्च और तकनीकी जोखिम नजरअंदाज नहीं किए जा सकते। ₹245 का GMP आकर्षक लग सकता है, लेकिन इसे लिस्टिंग पर मिलने वाले वास्तविक मुनाफे के रूप में नहीं देखना चाहिए।

(डिस्क्लेमर:- ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का प्रीमियम लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी आईपीओ पर दांव लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उसके कारोबार की पूरी जानकारी जरूर कर लें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN