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छोटी बच्चियों को क्यों नहीं लगाना चाहिए लिप बाम-लिपस्टिक? बच्चों के डॉक्टर ने बताए खतरे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

त्योहारों का सीजन हो तो छोटी-छोटी बच्चियों को लोग मेकअप करके रेडी करते हैं, उन्हें लिप बाम, लिपस्टिक, लिप ग्लॉस जैसे मेकअप प्रोडक्ट लगाते हैं। कई बार बच्चियां मां को देखकर इन चीजों की डिमांड करती हैं लेकिन भूलकर भी उन्हें लिपस्टिक जैसे प्रोडक्ट ना लगाएं, इससे शरीर को कई तरह के नुकसान होते हैं।

आजकल पैरेंट्स अपनी छोटी बच्चियों को भी लिपस्टिक, लिपबाम लगाने से नहीं हिचक रहे। कोई त्योहार, रील्स बनानी हो या फिर फोटो खींचना हो झट से छोटी बच्चियों के होंठों को लाल रंग दे दिया जाता है। जबकि ये ट्रेंड सेहत के लिए खतरनाक है। लड़कियां होठों पर लिपस्टिक लगाना पसंद करती हैं और कई बार ये शौक उनकी सेहत पर भी भारी पड़ जाता है। ऐसे में छोटी 3-4 साल या उससे ऊपर की बच्चियों को लिपस्टिक लगाना उनकी सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ हो सकता है। कई केस छोटी बच्चियों को लिपस्टिक और लिपबाम की वजह से होने वाले एलर्जी के आते हैं। इन्हीं केस को शेयर करते हुए इंस्टाग्राम पर डॉक्टर पवन ने बच्चियों को लिपबाम और लिपस्टिक लगाने के नुकसान शेयर किए हैं।

बच्चियों में लिपस्टिक और लिपबाम की वजह से होने वाले नुकसान

1- हार्मोनल डिस्टर्बेंस

लिपस्टिक और लिपबाम में कई बार पैराबींस और पैथलेट्स होते हैं जो शरीर में एंडोक्राइन को डिस्टर्ब करते हैं। जिससे बच्चियों में जल्दी प्यूबर्टी आने का रिस्क रहता है। बच्चियों की ग्रोथ रुक जाती है, उन्हें जल्दी पीरियड्स आने का खतरा बढ़ जाता है।

2- टॉक्सिक केमिकल शरीर में जाने का रिस्क

छोटी बच्चियों को पता नहीं होता कि लिपस्टिक को खाना नहीं है उन्हें लिपस्टिक या लिप बाम लगाया जाए तो कई बार वो इसे चाट जाते हैं। होंठ चाटने की वजह से लिपस्टिक में मौजूद केमिकल डाई और कलर, आर्टीफिशियल फ्लेवर, वैक्स भी शरीर के अंदर चले जाते हैं। इसीलिए लिपस्टिक छोटी बच्चियों को भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए।

3- हैवी मेटल का संपंर्क

लिपस्टिक में कई तरह के मेटल की मात्रा भी पाई गई है। लेड, कैडमियम, क्रोमियम लिपस्टिक के साथ शरीर में पहुंचते हैं और इन हैवी मेटल की वजह से बच्चों के शरीर में बीमारियों का रिस्क रहता है। ये हैवी मेटल ऑस्टियोपोरोसिस, किडनी फेलियर, अस्थमा, ब्रोकाइटिस जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ाते हैं। बच्चियों को अगर काफी टाइम तक इनके संपंर्क में रखा जाए तो ये खतरे बढ़ जाते हैं।

4- स्किन इरिटेशन और होंठ फटना

छोटी बच्चियों के होंठ की स्किन बेहद नाजुक और कोमल होती है। हैवी केमिकल से बने लिपस्टिक और लिपबाम लगाने से होंठों पर कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस, रेडनेस, स्किन का मॉइश्चर खत्म होने का खतरा रहता है।

5- इम्यून सिस्टम को करते हैं खराब

छोटी बच्चियों को लिपबाम, लिपग्लास और लिपस्टिक जैसे प्रोडक्ट को लगाने से उनके डेवलप हो रहे लिवर, किडनी पर स्ट्रेस बढ़ता है क्योंकि जो भी टॉक्सिन, केमिकल्स होते हैं वो शरीर के अंदर जाते हैं और इन अंदरूनी अंगों के विकास को रोकते हैं। यहीं नहीं इस तरह के केमिकल वाले मेकअप प्रोडक्ट से लंबे टाइम में स्किन एलर्जी का रिस्क रहता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN