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AI बना नया हथियार, तय करेगा सुपरपावर; जकरबर्ग को क्यों सता रहा चीन के ग्लोबल दबदबे का डर?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने बड़े खतरे की घंटी बजा दी है। उनका साफ कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब महज तकनीक नहीं, बल्कि नया हथियार बन चुका है, जो भविष्य की सुपरपावर तय करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि भविष्य की सुपरपावर तय करने वाला नया हथियार बन चुका है। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ऊर्जा आपूर्ति और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में तेजी नहीं दिखाता, तो चीन एआई की रेस में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है। एक नोट में जकरबर्ग ने कहा कि एडवांस एआई के विकास और अपनाने में आगे रहने वाले देशों का वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने लिखा कि एडवांस एआई के विकास और तैनाती में कौन से देश नेतृत्व करेंगे, यह एक नए भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन में योगदान देगा। यह भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों, समृद्धि और सुरक्षा के प्रसार को तय करेगा। जकरबर्ग के अनुसार, एआई को सपोर्ट देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा बनाने में चीन की तेजी वाशिंगटन के लिए खास चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि सिलिकॉन डिजाइन में अमेरिका को फायदा है, लेकिन ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और एआई के लिए जरूरी भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में वह पीछे रह गया है। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देश हर दूसरे हफ्ते एक गीगावॉट से ज्यादा परमाणु क्षमता ऑनलाइन ला रहे हैं। इसलिए हमें प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए ऊर्जा और डेटा सेंटर दोनों बनाने में तेजी लानी होगी। जकरबर्ग ने सिलिकॉन पर अमेरिकी निर्यात नियंत्रण जारी रखने का समर्थन किया।

उनका कहना है कि इससे विदेशी एआई विकास कुछ जरूरी समय के लिए धीमा पड़ा है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि एआई में हुई तरक्की तेजी से दोहराई जा रही है, जिससे लगातार नेतृत्व बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। जकरबर्ग ने जोर देते हुए कहा कि एआई शायद इतिहास की सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्री है। नवाचार को तेजी से कॉपी किया जाता है और कुछ ही महीनों में अपना लिया जाता है। उन्होंने बताया कि दो महीने की लीड भी मायने रख सकती है।

उन्होंने ऐसी नीतियां बनाने की अपील की, जो घरेलू मॉडल रिलीज में देरी किए बिना अमेरिकी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज करें। जकरबर्ग ने कहा कि कोई भी नीति जो अमेरिकी मॉडल रिलीज को धीमा करती है, भले ही एक महीने के लिए… अमेरिकी नेतृत्व के लिए बड़ा जोखिम बढ़ा सकती है। इससे विदेशी मॉडलों को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बड़ी एआई कंपनियों के साथ सरकार के और करीबी सहयोग की भी मांग की। साथ ही अमेरिका से ओपन-सोर्स एआई पर हावी होने की अपील करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य यह होना चाहिए कि अमेरिकी ओपन सोर्स मॉडल दुनिया भर में सबसे अच्छे हों।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN