Home rss business hindi DA से जुड़ी ये जरूरी बातें, हर केंद्रीय कर्मचारी को होनी चाहिए...

DA से जुड़ी ये जरूरी बातें, हर केंद्रीय कर्मचारी को होनी चाहिए पता

2
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • सरकार इसे साल में दो बार, आमतौर पर जनवरी और जुलाई से लागू होने वाली दरों के हिसाब से संशोधित करती है
  • हालांकि, इसकी घोषणा अक्सर मार्च और अक्टूबर के आसपास होती है
  • अप्रैल 2026 में सरकार ने DA में 2 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया था
  • इसके बाद महंगाई भत्ता 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया

DA Hike: केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई भत्ते यानी DA की अहम भूमिका होती है। DA केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। यह कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का एक तय प्रतिशत होता है। सरकार इसे साल में दो बार, आमतौर पर जनवरी और जुलाई से लागू होने वाली दरों के हिसाब से संशोधित करती है। हालांकि, इसकी घोषणा अक्सर मार्च और अक्टूबर के आसपास होती है। अप्रैल 2026 में सरकार ने DA में 2 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया था। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू की गई थी। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि DA कितने तरह का होता है, इसकी गणना कैसे की जाती है और इसे कब रिवाइज किया जाता है? अगर आप भी केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो DA से जुड़े इन जरूरी बातों को जरूर जान लें…

दो तरह के होते हैं महंगाई भत्ते

महंगाई भत्ता मुख्य रूप से दो तरह का होता है। पहला इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA), जो पब्लिक सेक्टर के इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के लिए होता है। इसे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर हर तीन महीने में संशोधित किया जाता है। दूसरा वैरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) है, जो तय नियमों के तहत कर्मचारियों को महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। सरकारी कर्मचारियों के DA और इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के भत्ते की गणना के नियम अलग-अलग होते हैं।

कैसे होता है DA कैलकुलेट

DA में बढ़ोतरी का कैलकुलेशन कैसे होता है? केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की गणना इंडस्ट्रियल वर्कर्स के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी AICPI-IW के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर की जाती है। सातवें वेतन आयोग के तहत इसके लिए तय फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है। वहीं, पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों के लिए अलग फॉर्मूला लागू होता है, जिसमें पिछले तीन महीनों के औसत सूचकांक को आधार बनाया जाता है। सरकार सूचकांक में बदलाव और तय नियमों के अनुसार DA की दर निर्धारित करती है।

सरकारी कर्मचारियों को होता है फायदा

DA बढ़ने से किसे फायदा मिलता है? इसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है। इनमें रेलवे और डिफेंस सेक्टर के कर्मचारी भी शामिल हैं। राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता देती हैं, हालांकि इसकी दर और लागू होने की तारीख अलग हो सकती है। केंद्र सरकार के DA में बढ़ोतरी से करीब 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स समेत एक करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा मिलने का अनुमान है। कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अलग-अलग होने के कारण हर व्यक्ति की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी भी अलग होती है।

क्या DA पर इनकम टैक्स लगता है?

हां, DA से होने वाली आय आमतौर पर पूरी तरह टैक्स के दायरे में आती है। इसे सैलरी से होने वाली आय में शामिल किया जाता है और लागू इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक इस पर टैक्स लगता है। इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय DA की जानकारी संबंधित नियमों के अनुसार देनी होती है। इसलिए DA बढ़ने से जहां कर्मचारी की सैलरी बढ़ती है, वहीं उसकी टैक्स देनदारी पर भी असर पड़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN