Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- MCX) पर बुधवार को गोल्ड 509 रुपये की गिरावट के साथ 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया
- वहीं, सिल्वर का प्राइस 2,124 रुपये (यानी 1 प्रतिशत) गिरकर 2,09,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया
- आइए जानते हैं कि क्या आगे भी गिरावट आएगी?
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। बुधवार को वायदा कारोबार में सोने की कीमत 509 रुपये गिरकर 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला गोल्ड 509 रुपये (यानी 0.35 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे था। इस दौरान कुल 699 लॉट का कारोबार हुआ। वहीं, वायदा कारोबार में चांदी की कीमतों में 2,124 रुपये की गिरावट आई और यह 2,09,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट 2,124 रुपये (यानी 1 प्रतिशत) गिरकर 2,09,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए। इस दौरान कुल 1,404 लॉट का कारोबार हुआ।
Fed के फैसले पर टिकी नजर, ब्याज दरों में क्या होगा?
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की अगली बैठक 27 और 28 अक्टूबर को निर्धारित है। बाजार में फिलहाल उम्मीद है कि इस बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा। हालांकि, दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज है।
CME FedWatch Tool के मुताबिक, कारोबारियों ने अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरें स्थिर रहने की संभावना करीब 84% आंकी थी। वहीं, दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना करीब 90% बताई गई थी। ये बाजार की उम्मीदों पर आधारित आंकड़े हैं, Fed के अंतिम फैसले की गारंटी नहीं।
अमेरिका में महंगाई का दबाव बना रहने से केंद्रीय बैंक के लिए ब्याज दरों पर फैसला आसान नहीं है। सितंबर की पिछली बैठक में Fed ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75% से 4.00% की रेंज में कर दी थी।
ब्याज दरें बढ़ने से सोने पर क्यों पड़ता है दबाव?
सोना ऐसा निवेश है, जिस पर ब्याज नहीं मिलता। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं या बाजार को आगे बढ़ोतरी की आशंका होती है, तो निवेशकों के लिए ब्याज देने वाले विकल्प आकर्षक हो सकते हैं। इससे सोने की मांग और कीमत पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी सोने के लिए चुनौती बनती है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदने वाले निवेशकों के लिए यह महंगा पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, सोने की कीमतें सिर्फ ब्याज दरों पर निर्भर नहीं करतीं। वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, निवेशकों की मांग और महंगाई को लेकर चिंताएं भी इसकी कीमत को प्रभावित करती हैं।
सोने के लिए $4,200 का स्तर अहम
LKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,200 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स का करीब 101.95 के स्तर पर मजबूत रहना भी सोने की तेजी को सीमित कर रहा है।
आने वाले दिनों में बाजार की नजर Fed के फैसले और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेतों पर रहेगी। बैठक से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर डॉलर मजबूत रहता है और ब्याज दरें ऊंची रहने के संकेत मिलते हैं, तो सोने की तेजी पर दबाव पड़ सकता है। इसके विपरीत केंद्रीय बैंक की ओर से नरम रुख या सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने पर कीमतों को सहारा मिल सकता है।
1-2 साल में $5,000 तक पहुंच सकता है सोना?
NDB वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक से दो साल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 4,200 से 5,000 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रह सकती है। रिपोर्ट में केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और एशियाई निवेशकों की मजबूत मांग को लंबी अवधि में कीमतों के लिए अहम सहारा बताया गया है। इस अनुमान का मतलब यह नहीं है कि सोना निश्चित रूप से 5,000 डॉलर तक पहुंचेगा। यह एक संभावित बाजार परिदृश्य है, जो मांग, वैश्विक अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीतियों जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
फिलहाल सोने और चांदी की दिशा तय करने में फेड (Fed) की बैठक, डॉलर की चाल और वैश्विक मांग की अहम भूमिका रहेगी। सोने में लंबी अवधि के लिए केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और एशियाई निवेशकों की मांग सकारात्मक कारक हो सकते हैं, जबकि मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें कीमतों पर दबाव बना सकती हैं।
इंवेस्टर्स निवेश से पहले ध्यान दें कि केवल इस उम्मीद में खरीदारी न करें कि सोना जल्द ही नया रिकॉर्ड बनाएगा। निवेश की अवधि, जोखिम उठाने की क्षमता और मौजूदा कीमत को ध्यान में रखना जरूरी है। चांदी में भी सोने के मुकाबले अलग तरह का उतार-चढ़ाव हो सकता है।
डिस्क्लेमर:- इस रिपोर्ट में दिए गए भाव और बाजार संभावनाएं स्रोत में उल्लिखित कारोबारी सत्र तथा विश्लेषकों के अनुमानों पर आधारित हैं। इन्हें मौजूदा लाइव कीमत या निश्चित भविष्यवाणी न माना जाए। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
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