Source :- LIVE HINDUSTAN
देवर और भाभी का रिश्ता अक्सर हंसी-मजाक और छोटी-छोटी नोकझोंक से भरा रहता है। अगर आप भी इस रिश्ते से जुड़े मजेदार जोक्स पढ़ना पसंद करते हैं, तो ये 30 हल्के-फुल्के जोक्स आपको जरूर हंसाएंगे।
देवर-भाभी का रिश्ता घर के उन रिश्तों में आता है, जहां थोड़ी मस्ती और थोड़ी नोकझोंक अक्सर चलती रहती है। कभी भाभी देवर की खिंचाई करती हैं तो कभी देवर भी मौका देखकर मजेदार जवाब दे देता है। इसी हल्के-फुल्के मजाक की वजह से घर का माहौल भी हंसी से भर जाता है। अगर आपको भी छोटे और मजेदार जोक्स पढ़ना पसंद है, तो देवर-भाभी की नोकझोंक पर बने ये जोक्स पढ़कर चेहरे पर मुस्कान आ जाएगी। इनमें रोजमर्रा की बातें, घर के छोटे-छोटे किस्से और देवर-भाभी के बीच होने वाली मजेदार बातचीत को आसान अंदाज में रखा गया है।
भाभी: देवर जी, आज इतनी जल्दी तैयार कैसे हो गए?
देवर: भाभी, आज बाहर जाना है।
भाभी: अच्छा! घर में रहते हुए तो नहाने में भी दो घंटे लगते हैं!
देवर: भाभी, चाय मिलेगी?
भाभी: पहले अपना कमरा साफ करो।
देवर: चाय के बदले काम?
भाभी: घर में कोई चीज मुफ्त नहीं मिलती देवर जी!
भाभी: देवर जी, मेरी तारीफ करो।
देवर: भाभी, आप बहुत अच्छी हैं।
भाभी: बस इतनी सी?
देवर: ज्यादा तारीफ करूंगा तो फिर काम भी मिल जाएगा!
देवर: भाभी, आज खाना बहुत अच्छा बना है।
भाभी: सच में?
देवर: हां, आज नमक बिल्कुल सही है!
भाभी: देवर जी, मेरी मदद करोगे?
देवर: जरूर भाभी।
भाभी: ये सारे कपड़े तह कर दो।
देवर: भाभी, मैं अपनी बात वापस लेता हूं।
देवर: भाभी, आप इतनी जल्दी कैसे समझ जाती हैं कि मैंने कोई गलती की है?
भाभी: क्योंकि तुम्हारा चेहरा पहले ही सब बता देता है!
भाभी: देवर जी, बाजार जा रहे हो?
देवर: हां।
भाभी: तो ये सामान भी लेते आना।
देवर: भाभी, मैं बाजार जा रहा हूं, दुकान नहीं खोल रहा!
देवर: भाभी, आज घर में इतनी शांति क्यों है?
भाभी: क्योंकि तुम अभी तक सो रहे थे!
भाभी: देवर जी, फोन इतना क्यों चला रहे हो?
देवर: जरूरी काम है।
भाभी: अच्छा! खेलना भी अब जरूरी काम हो गया?
देवर: भाभी, मैं घर का सबसे समझदार इंसान हूं।
भाभी: ये बात तुम्हें किसने बताई?
देवर: मैंने खुद तय की है।
भाभी: फिर तो शक और बढ़ गया!
भाभी: देवर जी, कमरे में इतना सामान क्यों फैला है?
देवर: मैं ढूंढ रहा था।
भाभी: क्या?
देवर: सफाई करने की इच्छा!
देवर: भाभी, आज खाने में क्या बना है?
भाभी: जो तुम्हें पसंद नहीं है।
देवर: मतलब आज फिर वही?
भाभी: देवर जी, मेहमान आने वाले हैं, थोड़ा अच्छा बनकर रहना।
देवर: भाभी, मैं तो हमेशा अच्छा रहता हूं।
भाभी: तभी तो कह रही हूं, आज थोड़ा ज्यादा अच्छा रहना!
देवर: भाभी, आपकी एक बात मानूं?
भाभी: पहले बोलो।
देवर: आज मुझे कोई काम मत देना।
भाभी: ये बात मानने वाली नहीं है!
भाभी: देवर जी, मेरी चप्पल कहां है?
देवर: मुझे क्या पता?
भाभी: तुमने ही तो कल पहनी थी!
देवर: इसलिए तो कह रहा हूं, मुझे क्या पता!
देवर: भाभी, मैं आज खाना बनाऊंगा।
भाभी: ठीक है, पहले रसोई साफ करने की हिम्मत भी ले आना!
भाभी: देवर जी, तुम सुबह कब उठे?
देवर: जब नींद खुली।
भाभी: और नींद कब खुली?
देवर: जब सुबह हो गई!
देवर: भाभी, आज मैं बहुत थका हुआ हूं।
भाभी: अच्छा?
देवर: हां, पूरे दिन आराम किया है।
भाभी: देवर जी, घर में सबसे ज्यादा काम कौन करता है?
देवर: आप।
भाभी: और सबसे ज्यादा आराम?
देवर: मैं।
भाभी: कम से कम ईमानदारी तो है!
देवर: भाभी, मेरी शादी कब होगी?
भाभी: जिस दिन तुम घर के काम करना सीख जाओगे।
देवर: मतलब अभी काफी समय है!
भाभी: देवर जी, ये शर्ट कैसी लग रही है?
देवर: अच्छी है।
भाभी: सच?
देवर: हां, क्योंकि मैंने इसे पहनने की हिम्मत नहीं की!
देवर: भाभी, मुझे आज कोई डांट नहीं पड़ेगी ना?
भाभी: नहीं।
देवर: पक्का?
भाभी: आज नहीं, कल की बाकी है।
भाभी: देवर जी, घर में सबसे ज्यादा आवाज किसकी आती है?
देवर: मेरी?
भाभी: नहीं, तुम्हारे फोन की!
देवर: भाभी, मैं आज से सुबह जल्दी उठूंगा।
भाभी: कितने बजे?
देवर: जब आप मुझे उठाना बंद कर देंगी!
भाभी: देवर जी, मेरे लिए बाजार से कुछ लाए?
देवर: हां।
भाभी: क्या?
देवर: अपनी तरफ से शुभकामनाएं!
देवर: भाभी, घर में मेरी कोई इज्जत नहीं है।
भाभी: ऐसा क्यों?
देवर: क्योंकि कोई मेरी बात नहीं सुनता।
भाभी: अरे, सुनते हैं… बस मानते नहीं!
भाभी: देवर जी, पढ़ाई कैसी चल रही है?
देवर: बहुत अच्छी।
भाभी: किताब खोली?
देवर: अभी तो बस सोच रहा हूं।
देवर: भाभी, आज मैं आपकी मदद करूंगा।
भाभी: अच्छा, पहले ये सामान ऊपर रख दो।
देवर: भाभी, मदद का मतलब सलाह देना था!
भाभी: देवर जी, तुम इतने खुश क्यों हो?
देवर: आज मुझे कोई काम नहीं मिला।
भाभी: रुको, अभी देती हूं!
देवर: भाभी, आपके साथ मजाक करने में डर लगता है।
भाभी: क्यों?
देवर: क्योंकि आपका जवाब हमेशा मेरे मजाक से ज्यादा मजेदार होता है!
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