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IPO में नहीं मिले Jio Platforms के शेयर? लिस्टिंग पर शेयर खरीदने की है तैयारी? जानें एक्सपर्ट्स की राय

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार 28 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे
  • कंपनी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुला था

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल हो चुका है। जिन निवेशकों को आईपीओ में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर नहीं मिले हैं, दांव लगाने के लिए उनकी नजर अब कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग पर है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार 28 अक्टूबर को बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं, ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि निवेशकों को लिस्टिंग पर कंपनी के शेयर खरीदने चाहिए या स्टॉक में करेक्शन का इंतजार करना चाहिए।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने 1119 रुपये फिक्स किया है फाइनल इश्यू प्राइस
जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का 30,188 करोड़ रुपये का आईपीओ दांव लगाने के लिए 21 अक्टूबर 2026 को खुला था और यह 23 अक्टूबर तक ओपन रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के डेटा के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ टोटल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के आईपीओ में सभी कैटेगरीज में मजबूत डिमांड देखने को मिली है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने फाइनल इश्यू प्राइस 1119 रुपये प्रति शेयर फिक्स किया। आईपीओ 27 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू था। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे।

लिस्टिंग प्राइस और उसके बाद की चाल पर नजर रखें निवेशक
मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स के लिस्टिंग प्राइस और इसके बाद शेयर की चाल पर बारीक नजर रखनी चाहिए, इसके बाद ही एंट्री प्वाइंट पर कोई फैसला लेना चाहिए। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में फंडामेंटल एनालिस्ट अंबरीश बलिगा ने कहा है कि आईपीओ के लिए इंस्टीट्यूशनल डिमांड उम्मीद से कहीं ज्यादा थी। हालांकि, अहम सवाल अब यह है कि लिस्टिंग के बाद सेकेंडरी मार्केट में वह डिमांड बनी रहेगी या नहीं। बलिगा ने कहा, ‘Jio के आईपीओ में इंस्टीट्यूशनल डिमांड उससे कहीं ज्यादा रही जितनी हममें से ज्यादातर लोगों ने उम्मीद की थी। अब सवाल यह है कि क्या यह डिमांड केवल आईपीओ तक सीमित है या यह लिस्टिंग के दौरान भी जारी रहेगी। अगर डिमांड मजबूत रहती है तो जियो के शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है।’

फिलहाल, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 20-22 पर्सेंट फायदे का इशारा कर रहा है। बलिगा ने कहा कि इश्यू के साइज को देखते हुए उन्हें 8-10 पर्सेंट के प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद है। हालांकि, बलिगा ने इनवेस्टर्स को चेताया है कि अगर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर काफी ऊपर खुलते हैं तो इससे पीछे ना भागें। जिन लोगों को आईपीओ में शेयरों का अलॉटमेंट नहीं मिला है, उनके लिए सलाह है कि अगर शेयर अपने शुरुआती फायदे को बरकरार रखने में नाकाम रहता है तो वह आईपीओ प्राइस के करीब एंट्री करने की सोचें।

जल्दबाजी में ना लगाएं दांव
अविनाश मेंटॉर रिसर्च सर्विसेज के फाउंडर और रिसर्च हेड अविनाश गोरक्षकर की आईपीओ में अलॉटमेंट ना पाने वाले निवेशकों को सलाह है कि शुरुआती ट्रेडिंग सेशंस में शेयर खरीदने की जल्दबाजी करने की बजाय लिस्टिंग के बाद स्टॉक के स्थिर होने का इंतजार करें। उनका कहना है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। इसके बाद प्रॉफिट बुकिंग भी हो सकती है। उन्होंने यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही है।

(डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN