Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने पात्र कर्मचारियों के लिए वॉलेंट्री एग्जिट स्कीम पेश की है
- इस ऑफर के तहत नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को हर पूरी की गई सर्विस के साल के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सेवाएं मिलेंगी
Microsoft India Voluntary Exit Scheme: माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प पेश किया है। इस कार्यक्रम के तहत चुने गए कर्मचारियों को कंपनी में पूरे किए गए हर साल के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी के बराबर सेवरेंस पैकेज दिया जाएगा। इसके अलावा हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन से जुड़ी सर्विस भी पैकेज का हिस्सा होंगी। कंपनी के मुताबिक, इस ऑफर के लिए पात्र कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक अपना फैसला बताना होगा। हालांकि, भारत में कितने कर्मचारियों पर इसका असर पड़ेगा, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों को क्या-क्या मिलेगा?
माइक्रोसॉफ्ट के स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक और अन्य सहायता भी दी जाएगी। कंपनी की ओर से बताई गई प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं।
- सेवरेंस पैकेज:- कंपनी में पूरे किए गए हर साल के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी।
- हेल्थ इंश्योरेंस:- पैकेज में स्वास्थ्य बीमा की सुविधा भी शामिल है।
- करियर ट्रांजिशन सेवाएं:- नौकरी छोड़ने के बाद करियर के अगले चरण में मदद के लिए सेवाएं।
- फैसले की समयसीमा:- पात्र कर्मचारियों को 1 दिसंबर तक अपना निर्णय लेना होगा।
यह एक स्वैच्छिक कार्यक्रम है। इसका मतलब है कि पात्र कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के तहत इस ऑफर को स्वीकार करने या नहीं करने का विकल्प दिया गया है। पैकेज की अंतिम राशि और अन्य शर्तें संबंधित कर्मचारी की पात्रता तथा कंपनी की ओर से दी गई व्यक्तिगत पेशकश पर निर्भर कर सकती हैं।
भारत में कितने कर्मचारियों पर पड़ेगा असर?
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में इस प्रोग्राम के तहत प्रभावित होने वाले कर्मचारियों की संख्या नहीं बताई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि भारत में किन-किन टीमों में कितने कर्मचारियों को यह ऑफर दिया जाएगा। कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह भारत के टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में निवेश जारी रखेगी। माइक्रोसॉफ्ट ने 2025 से 2029 के बीच भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशंस के लिए 20.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि वह 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को AI स्किल्स से लैस करने के अपने लक्ष्य पर काम कर रही है। इससे साफ है कि स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम की घोषणा के साथ-साथ कंपनी भारत में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेश को भी आगे बढ़ा रही है।
दुनियाभर में करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए ऑफर
माइक्रोसॉफ्ट का यह कार्यक्रम सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंपनी ने वैश्विक स्तर पर करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक एग्जिट का विकल्प पेश किया है। यह कंपनी के कुल 2,23,000 कर्मचारियों का लगभग 25% है।
कंपनी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन के मुताबिक, यह ऑफर कनाडा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका में भाग लेने वाली टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा। यह कार्यक्रम लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों पर लागू होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी होगी या सभी 60,000 कर्मचारी इस योजना को स्वीकार करेंगे। यह पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक विकल्प है।
AI के दौर में कंपनियां क्यों अपना रहीं ऐसे प्रोग्राम?
दुनियाभर में टेक्नोलॉजी कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सर्विस में निवेश बढ़ा रही हैं। इसके साथ ही कंपनियां अपनी लागत, काम करने के तरीके और कर्मचारियों की जरूरतों की समीक्षा भी कर रही हैं। ऐसे माहौल में कुछ कंपनियां कर्मचारियों की संख्या घटाने, स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम लाने या ऑर्गनाइजेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव करने जैसे कदम उठा रही हैं। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने इस प्रोग्राम को केवल AI के कारण नौकरी में कटौती के तौर पर पेश नहीं किया है।
एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर कर्मचारियों को अधिक लचीलापन देने और जहां संभव हो, उन्हें अपने करियर के अगले चरण के बारे में फैसला करने के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराने की पहल का हिस्सा है। इसलिए इस योजना को कंपनी की व्यापक वर्कफोर्स रणनीति के संदर्भ में देखना जरूरी है। केवल इस घोषणा से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि माइक्रोसॉफ्ट भारत में बड़े पैमाने पर अनिवार्य छंटनी करने जा रही है।
एक तरफ एग्जिट ऑफर, दूसरी तरफ नई भर्तियां
माइक्रोसॉफ्ट के स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी नई भर्तियां भी कर रही है। एमी कोलमैन ने शनिवार को LinkedIn पर एक पोस्ट में बताया था कि 19 से 23 अक्टूबर के बीच कंपनी में 1,600 नए कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने AI और नौकरियों को लेकर चल रही चर्चा का जिक्र करते हुए कहा कि माइक्रोसॉफ्ट शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों को भी अवसर देना चाहती हैं। उनके मुताबिक आज अपना करियर शुरू करने वाले लोग ही अगले दशक में कंपनी के भविष्य के नेतृत्व का हिस्सा बन सकते हैं।
नई नियुक्तियों और स्वैच्छिक एग्जिट ऑफर का एक साथ होना यह दिखाता है कि कंपनी अलग-अलग टीमों और भूमिकाओं के लिए अपनी कर्मचारी जरूरतों का प्रबंधन कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि किन विभागों में भर्ती बढ़ रही है और किनमें कर्मचारियों को एग्जिट ऑफर दिया जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?
जिन कर्मचारियों को यह ऑफर मिला है, उन्हें 1 दिसंबर की समयसीमा से पहले पैकेज की सभी शर्तों को ध्यान से समझना चाहिए। खास तौर पर इन बातों की जांच करना जरूरी है।
- सेवरेंस की कैलकुलेशन बेसिक सैलरी और पूरी की गई सर्विस अवधि के आधार पर कैसे होगी।
- हेल्थ इंश्योरेंस कितने समय तक और किन शर्तों पर उपलब्ध रहेगा।
- अंतिम भुगतान, टैक्स और अन्य बकाया लाभों की क्या शर्तें हैं।
- करियर ट्रांजिशन सर्विस में किस तरह की सहायता मिलेगी।
- ऑफर स्वीकार करने के बाद क्या शर्तें लागू होंगी और निर्णय वापस लेने का विकल्प है या नहीं।
कर्मचारियों को अपनी व्यक्तिगत पेशकश और HR की ओर से दिए गए आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही फैसला करना चाहिए।
माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक एग्जिट प्रोग्राम भारत के पात्र कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बदले आर्थिक सहायता, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सर्विस देने का विकल्प है। कंपनी में हर पूरे किए गए साल के लिए एक महीने की बेसिक सैलरी का सेवरेंस पैकेज इस ऑफर का प्रमुख हिस्सा है। लेकिन, भारत में प्रभावित कर्मचारियों की संख्या और सभी व्यक्तिगत शर्तों का खुलासा नहीं हुआ है। इसलिए पात्र कर्मचारियों के लिए अंतिम निर्णय लेने से पहले अपने ऑफर की शर्तें समझना सबसे जरूरी है।
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