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IPO के लिए कोल इंडिया की कंपनी ने बढ़ाए कदम, क्या है पूरा प्लान?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Mahanadi Coalfields Ltd IPO: आईपीओ मार्केट में कोल इंडिया की सब्सिडयरी कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) की भी एंट्री होने वाली है। इसके लिए महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) ने सक्रियता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए SBI कैपिटल मार्केट्स, एक्सिस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज, IDBI कैपिटल मार्केट्स और बैंक ऑफ बड़ौदा कैपिटल मार्केट्स को मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त किया है। एक सूत्र ने बताया कि इन नियुक्तियों को कुछ दिन पहले मंजूरी दी गई थी और SBI इसमें मुख्य बैंकर है।

वैल्यूएशन पर बातचीत अभी शुरुआती दौर में है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि इस आईपीओ का साइज लगभग ₹10,000 करोड़ हो सकता है। दूसरे सूत्र ने कहा कि यह आईपीओ ₹8,000-15,000 करोड़ के बीच हो सकता है और इसमें सिर्फ ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। इसके तहत कोल इंडिया कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेगी।

कोल इंडिया की दो सब्सिडयरी शामिल

बता दें कि हाल ही में कोल इंडिया ने अपनी दो सबसे बड़ी सब्सिडयरी- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) में आंशिक रूप से हिस्सेदारी बेचने की शुरुआती योजनाओं को मंजूरी दी थी। इसके कुछ महीनों बाद अब आईपीओ को लेकर ये अपडेट आया है।

यह कोल इंडिया की सब्सिडियरी लिस्टिंग की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के बोर्ड ने SECL में 35% तक हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसमें ‘ऑफर फॉर सेल’ के जरिए 25% हिस्सेदारी बेचना और IPO या अन्य स्वीकृत तरीकों से 10% तक नए इक्विटी शेयर जारी करना शामिल है। हिस्सेदारी बेचने का काम एक या ज्यादा चरणों में किया जा सकता है।

कोयला मंत्रालय ने दी थी सलाह

लिस्टिंग की ये योजनाएं कोयला मंत्रालय की सलाह के बाद बनी हैं। मंत्रालय ने कोल इंडिया से कहा था कि वह चालू वित्त वर्ष में अपनी सब्सिडियरी की लिस्टिंग को आसान बनाने के लिए ठोस कदम उठाए। अगर महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) की बात करें तो यह एक ‘मिनीरत्न’ कंपनी है। साल 1992 में लिस्टेड कंपनी ‘कोल इंडिया’ की पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी के तौर पर बनाई गई थी। इसे ओडिशा में खदानों से जुड़ी ‘साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड’ की संपत्तियों और देनदारियों को अपने हाथ में लेने के बाद बनाया गया था।

सरकारी माइनिंग कंपनी, कोल इंडिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली सब्सिडियरी में से एक है। यह मुख्य रूप से कोयले की माइनिंग और प्रोडक्शन का काम करती है और इसके सबसे बड़े ग्राहकों में पावर और स्टील सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN