Source :- LIVE HINDUSTAN
भारतीय IT शेयरों में हालिया तेज रैली के बाद बुधवार को भारी मुनाफावसूली देखने को मिली। TCS का शेयर 8% तक टूट गया। अमेरिकी बाजार में ADRs की कमजोरी और ओवरबॉट तकनीकी संकेतों के चलते निवेशकों ने बिकवाली की। हालांकि, CLSA जैसे ब्रोकरेज अब भी आईटी सेक्टर में आगे 12.5% तक की तेजी की संभावना जता रहे हैं।
भारतीय IT सेक्टर के शेयरों में पिछले कुछ दिनों की शानदार तेजी के बाद अब मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल रही है। बुधवार 3 जून को IT कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में शामिल TCS के शेयरो में भारी गिरावट देखी गई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं, बल्कि हालिया तेज उछाल के बाद सामान्य मुनाफावसूली का परिणाम है।
करीब 8% तक टूटा TCS का शेयर
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। मार्केट का सबसे ज्यादा दबाव TCS के शेयरों पर दिखाई दिया। कंपनी का शेयर करीब 8% तक टूट गया और मंगलवार को हुई पूरी बढ़त लगभग खत्म हो गई। खबर लिखे जाने तक स्टॉक 8.60% टूटकर ₹2,236.50 पर कारोबार कर रहा था। यह गिरावट हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली, वैश्विक आईटी सेक्टर में कमजोरी और अमेरिकी बाजार में आईटी कंपनियों के ADRs पर दबाव के कारण आई है।
दरअसल, पिछले चार ट्रेडिंग सत्रों में आईटी सेक्टर में जबरदस्त तेजी आई थी। निफ्टी IT इंडेक्स (Nifty IT Index) ने करीब 11% की छलांग लगाई थी और मंगलवार को अकेले ही इंडेक्स 4% से ज्यादा चढ़ा था। इंफोसिस (Infosys) के शेयर में 5% से ज्यादा की तेजी आई थी, जो मई 2025 के बाद उसका सबसे बड़ा एकदिवसीय उछाल था। इसी तरह TCS ने भी 6% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की थी। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा बुक करना बेहतर समझा, जिससे शेयरों पर दबाव बन गया।
अमेरिकी बाजार से भी कुछ कमजोर संकेत मिले। अमेरिका में लिस्टेड इंफोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) के ADRs में गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस (Infosys) ADR करीब 2.5% फिसला, जबकि विप्रो (Wipro) ADR में 8% से ज्यादा की गिरावट आई। हाल के दिनों में इन शेयरों में 10% से 25% तक की तेजी आ चुकी थी। इसलिए निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर बिकवाली करना शुरू कर दिया।
तकनीकी संकेतक भी कुछ हद तक सावधानी का इशारा कर रहे हैं। निफ्टी IT इंडेक्स (Nifty IT Index) का RSI (Relative Strength Index) मंगलवार के कारोबार के बाद 66.5 पर पहुंच गया था। RSI का 70 के ऊपर जाना किसी शेयर या सेक्टर के ओवरबॉट होने का संकेत माना जाता है, यानी तेजी इतनी ज्यादा हो गई कि थोड़ी गिरावट या ठहराव स्वाभाविक माना जाता है।
अभी खत्म नहीं हुई तेजी
हालांकि, सभी एक्सपर्ट इस गिरावट को नकारात्मक नहीं मान रहे हैं। ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA के चार्टिस्ट लॉरेंस बलांको का मानना है कि आईटी सेक्टर में अभी भी तेजी की गुंजाइश बनी हुई है। उनके अनुसार यह “Mean Reversion Trade” है, यानी लंबे समय तक दबाव में रहने के बाद सेक्टर अपने उचित मूल्य की ओर लौट रहा है। CLSA का अनुमान है कि मौजूदा स्तरों से Nifty IT Index में अभी भी लगभग 12.5% तक की अतिरिक्त तेजी देखने को मिल सकती है।
अन्य IT स्टॉक्स का हाल
TCS के अलावा LTIMindtree स्टॉक भी 7% से ज्यादा फिसल गया। वहीं, Persistent System का शेयर 5.85% गिर गया और Coforge में भी करीब 5.65% की कमजोरी देखने को मिली और यह 1,433.60 रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस (Infosys), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और HCLTech के शेयर भी 3% से 5% तक नीचे आ गए।
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हालिया गिरावट के बावजूद 2026 में आईटी कंपनियों के कई शेयर अभी भी सालाना आधार पर 20% से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी साबित हो सकती है। हालांकि, निकट भविष्य में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अमेरिकी आईटी खर्च और डॉलर की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही कारक भारतीय आईटी सेक्टर की दिशा तय करेंगे।
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