Home rss business hindi Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की क्या है राय? सब्सक्राइब करें या...

Jio Platforms IPO पर ब्रोकरेज की क्या है राय? सब्सक्राइब करें या नहीं, जानिए

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • जियो प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी ताकत उसका बड़ा ग्राहक बेस है
  • जून 2026 तक कंपनी के पास 53.33 करोड़ सब्सक्राइबर थे
  • देश के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में Jio की हिस्सेदारी करीब 60% थी
  • इसके अलावा, कंपनी के पास 26,800.8 MHz का स्पेक्ट्रम भी है, जो देश में सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आने वाले IPO को लेकर बाजार के जानकारों का रुख पॉजिटिव नजर आ रहा है। कई ब्रोकरेज फर्मों ने निवेशकों को इस इश्यू में पैसा लगाने की सलाह दी है। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का मजबूत टेलीकॉम बिजनेस, करोड़ों का कस्टमर बेस और ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे नए सेक्टर में विस्तार की योजना है। हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए भारी निवेश, सरकारी नियमों में बदलाव और नई योजनाओं को सही तरीके से लागू करना निवेशकों के लिए अहम रहेगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स को लेकर इतनी उम्मीद क्यों?

जियो प्लेटफॉर्म्स की सबसे बड़ी ताकत उसका बड़ा ग्राहक बेस है। जून 2026 तक कंपनी के पास 53.33 करोड़ सब्सक्राइबर थे। देश के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में Jio की हिस्सेदारी करीब 60% थी। इसके अलावा, कंपनी के पास 26,800.8 MHz का स्पेक्ट्रम भी है, जो देश में सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कंपनी आने वाले समय में 2G ग्राहकों को 4G और 5G नेटवर्क पर लाने, होम ब्रॉडबैंड का कारोबार बढ़ाने और अपनी टेक्नोलॉजी से कमाई बढ़ाने पर फोकस करेगी।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

फिलिपकैपिटल के मुताबिक, 2016 में लॉन्च होने के बाद से Jio ने सस्ती कीमतों और बेहतर डिजिटल सेवाओं के दम पर देश के टेलीकॉम सेक्टर की तस्वीर बदल दी है। जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय स्थिति भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2026 के बीच कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एबिटा 73,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी का एबिटा मार्जिन करीब 50% है। आसान भाषा में कहें तो कंपनी अपने ऑपरेशन से अच्छी कमाई कर रही है। इससे भविष्य में कारोबार बढ़ाने और मुनाफा मजबूत करने की गुंजाइश बनती है।

टेलीकॉम के अलावा इन कारोबारों पर भी नजर

जियो प्लेटफॉर्म्स अब सिर्फ मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और AI आधारित सेवाओं में भी अपना कारोबार बढ़ा रही है। कंपनी की योजना मोबाइल और इंटरनेट प्लान के साथ OTT मनोरंजन, क्लाउड स्टोरेज, गेमिंग और AI सेवाएं जोड़ने की है। इससे ग्राहकों को एक ही जगह कई सुविधाएं मिलेंगी और कंपनी के लिए कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। होम ब्रॉडबैंड बिजनेस को भी कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर माना जा रहा है। भारत में अभी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की पहुंच सीमित है। वित्त वर्ष 2026 में यह करीब 21% थी, जिसके वित्त वर्ष 2031 तक बढ़कर लगभग 46% होने का अनुमान है। जून 2026 तक जियो के पास 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक थे। इनमें 1.40 करोड़ ग्राहक JioAirFiber के थे। ऐसे में आने वाले सालों में इस कारोबार में तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

अपनी टेक्नोलॉजी पर भी कंपनी का जोर

जियो ने अपनी खुद की 5G स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी तैयार की है। कंपनी 4G, 5G, 6G, AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में 7,220 पेटेंट आवेदन भी दाखिल कर चुकी है। अपनी टेक्नोलॉजी विकसित करने से कंपनी को बाहरी तकनीक पर निर्भरता कम करने और भविष्य में नई डिजिटल सेवाएं शुरू करने में मदद मिल सकती है। AI के क्षेत्र में विस्तार भी कंपनी के लिए लंबी अवधि में कमाई का एक अहम जरिया बन सकता है।

IPO का पैसा कहां होगा इस्तेमाल?

जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित IPO का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इस कीमत पर कंपनी की वैल्यूएशन करीब 9.8 लाख करोड़ रुपये से 10.3 लाख करोड़ रुपये के बीच बैठती है। इस इश्यू के जरिए करीब 28,800 करोड़ से 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इसमें से लगभग 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या उसका पहले भुगतान करने में इस्तेमाल किए जाएंगे। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा। कर्ज चुकाने से कंपनी पर ब्याज का बोझ कम हो सकता है। इससे कैश फ्लो मजबूत होने और भविष्य में कारोबार के विस्तार के लिए ज्यादा वित्तीय लचीलापन मिलने की उम्मीद है।

क्या IPO की वैल्यूएशन एक्ट्रैक्टिव है?

फिलिपकैपिटल का मानना है कि टेलीकॉम टैरिफ में संभावित बढ़ोतरी, प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) में सुधार और डिजिटल सेवाओं से होने वाली नई कमाई कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ा सकती है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने IPO की वैल्यूएशन को एक्ट्रैक्टिव बताया है। वहीं, एमके ग्लोबल के मुताबिक, Jio की बाजार में मजबूत पकड़, कीमत तय करने की कैपासिटी, कारोबार बढ़ाने के मौके और बेहतर एक्जीक्यूशन रिकॉर्ड को देखते हुए IPO की कीमत उचित लगती है। 5G नेटवर्क में बड़े निवेश का दौर धीरे-धीरे कम होने से कंपनी की कैश जनरेशन भी मजबूत हो सकती है। SBICAPS का मानना है कि IPO की कीमत में कंपनी का बड़ा कारोबार, कमाई बढ़ाने की क्षमता, टेक्नोलॉजी और भविष्य में नए बिजनेस से कमाई की संभावनाएं शामिल हैं। कंपनी के कर्ज में कमी आने से वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिल सकती है।

डिस्क्लेमर: ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों का प्रीमियम लगातार बदलता रहता है, इसलिए किसी भी आईपीओ पर दांव लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उसके कारोबार की पूरी जानकारी जरूर कर लें या फाइनेंशियल एडवायजर से सलाह ले लें)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN