Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/06/08/1200x900/SM_Song_1780903352978_1780903357098_ad8a9d65-2599-4464-88a5-468b6cbf1377.jpgShankar Mahadevan: शंकर महादेवन का यह गाना काफी यूनिक है, लेकिन क्या आपको पता है कि इस गाने को गाने की चुनौती स्वीकार करते वक्त उन्हें भी नहीं पता था कि उन्हें इसे ऐसे कंपोज करना पड़ेगा।
शंकर महादेवन ने म्यूजिक इंडस्ट्री को इतने खूबसूरत और कमाल के गाने दिए हैं, जो आज भी लोगों के जेहन को सुकून दे रहे हैं और उनका मनोरंजन कर रहे हैं। लेकिन उनकी कुछ क्रिएशन्स बहुत आइकॉनिक हैं। ऐसा ही उनका एक गाना है ‘ब्रीदलेस’। कम लोग जानते हैं कि शंकर ने यह गाना कैब में बैठे-बैठे ही कंपोज कर दिया था। यह गाना सुनने में जितना मजेदार है, उतना ही गाने में मुश्किल। क्योंकि इस गाने के बीच में बमुश्किल ही कहीं पर वो गैप सिंगर को मिलता है, जहां वो सांस ले सके।
शंकर महादेवन ने लिया था यह चैलेंज
हर गाने के बीच में कुछ ब्रीदिंग गैप्स होते हैं जहां सिंगर बड़ी चालाकी से आगे का गाना गाने के लिए सांस लेता है और फिर आगे बढ़ता है। हालांकि इस गाने में वो गैप ना के बराबर हैं। इसीलिए इस गाने को गाना बहुत मुश्किल था। यह चैलेंज भी शंकर महादेवन ने खुद ही लिया था। सिंगर शंकर महादेव ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि वह बहुत वक्त से जावेद अख्तर के साथ काम करना चाहते थे। ब्रीदलेस उनका साथ में पहला प्रोजेक्ट था, शंकर इसे लेकर बहुत एक्साइटेड थे और फिर जावेद साहब ने एक अतरंगी सुझाव दिया।
जावेद अख्तर लाए क्रांतिकारी आइडिया
जावेद अख्तर ने शंकर महादेव को सुझाव किया कि कुछ ऐसा बनाया जाए जो बिलकुल हटकर हो। जावेद साहब ने सजेस्ट किया क्यों न एक ऐसा गाना बनाया जाए जो आमतौर पर गाए जाने वाले गानों से अलग हो। इसका पैटर्न बिलकुल जुदा हो, जैसा पहले नहीं सुना गया है। गानों में आमतौर पर मुखड़ा और अंतरा होता है, वैसा इस गाने में नहीं रहने वाला था। दोनों ने मिलकर एक ऐसा गाना बनाने का सोचा, जिसमें कोई स्ट्रक्चर ही न हो, या फिर जिसमें स्ट्रक्चर होने के बावजूद कोई स्ट्रक्चर्ड लगे।
गाड़ी में कंपोज की गई ब्रीदलेस की धुन
शंकर महादेवन को भी यह सुझाव बहुत पसंद आया और उन्होंने तय किया कि वो इस गाने को एक ही लेवल पर रखकर गाएंगे। शंकर महादेवन ने गाना लिखने को कहा और जब गाना लिख लिया गया तो शंकर महादेवन शॉक्ड थे। क्योंकि 2 दिन बाद जावेद साहब पूरे 2 पन्ने भरकर लिरिक्स लिख लाए थे। फिर बारी थी इसे गाने और कंपोज करने की। तब जावेद साहब ने इस गाने का टाइटल ब्रीदलेस बताया। इसके बाद बारी थी इस गाने को कंपोज किए जाने की। शंकर महादेवन खुद अपने कई इंटरव्यूज में यह बता चुके हैं कि नवी मुंबई में अपने स्टूडियो से काम खत्म करके घर लौटते समय टैक्सी में बैठकर उन्होंने इस गाने की धुन तैयार की थी।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN






