Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- फेसबुक से करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का प्राइवेट डेटा उनकी सहमति के बिना हासिल किया गया
- मेटा को इससे पहले 2019 में कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले पर यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन से 5 अरब डॉलर के जुर्माने का सामना करना पड़ा था
सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक, इंस्टाग्राम, ह्वाट्सअप की मूल कंपनी मेटा पर 25 अरब डॉलर यानी करीब 2.36 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी पर यह जुर्माना डेटा प्राइवेसी मामले में ठोका है। जूरी ने पाया था कि कंपनी ने फेसबुक यूजर्स को उनके प्राइवेट डेटा की सुरक्षा और उसके इस्तेमाल को लेकर गुमराह किया। मेटा ने फैसले के खिलाफ अपील करने का संकेत दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक यह मामला ब्रिटिश पॉलिटिकल कंसल्टिंग फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुड़ा है। आरोप था कि इस फर्म ने एक थर्ड-पार्टी ऐप के जरिए करीब 8.7 करोड़ फेसबुक यूजर्स का प्राइवेट डेटा उनकी सहमति के बिना हासिल किया। बाद में इस डेटा का इस्तेमाल राजनीतिक प्रोफाइलिंग और टार्गेटेड ऐड के लिए किया गया।
न्यू मैक्सिको प्रशासन ने 2021 में मेटा के खिलाफ केस फाइल किया था। स्टेट का आरोप था कि कंपनी ने यूजर्स को यह सही जानकारी नहीं दी कि उनके डेटा तक किन लोगों की पहुंच थी। कंपनी पर प्लेटफॉर्म पर नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट, नफरत फैलाने वाली सामग्री और गलत सूचनाओं से निपटने के तरीकों को लेकर भी यूजर्स को गुमराह करने के आरोप लगे। बता दें मेटा को इससे पहले 2019 में कैम्ब्रिज एनालिटिका घोटाले पर यूएस फेडरल ट्रेड कमीशन से 5 अरब डॉलर के जुर्माने का सामना करना पड़ा था।
43 लाख नहीं, 4.3 करोड़ से ज्यादा उल्लंघन
सितंबर 2026 में जूरी ने पाया कि कंपनी और उसके नेतृत्व के 29 बयानों में से 26 मिसलीडिंग थे। जूरी के अनुसार, इन बयानों के आधार पर न्यू मैक्सिको के उपभोक्ता संरक्षण कानून के 4.3 करोड़ से अधिक उल्लंघन हुए।
न्यू मेक्सिको के कानून के तहत प्रत्येक उल्लंघन पर अधिकतम 5,000 डॉलर का जुर्माना लगाया जा सकता था। इसी आधार पर संभावित जुर्माना 219 अरब डॉलर से अधिक आंका गया, लेकिन जज फ्रांसिस मैथ्यू ने अंतिम राशि घटाकर 25 अरब डॉलर कर दी। जुर्माने की रकम राज्य की शिक्षा पर खर्च की जाएगी।
न्यू मेक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने इस फैसले को “अमेरिकी इतिहास में किसी कंपनी के खिलाफ सबसे बड़े राज्य-स्तरीय फैसलों में से एक” बताया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सिलिकॉन वैली के लिए एक साफ संदेश है कि बड़ी टेक कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मेटा ने क्या कहा?
मेटा ने फैसले का विरोध किया है। कंपनी के मुख्य कानूनी अधिकारी सीजे महोनी ने कहा कि कंपनी को भरोसा है कि वह अपील में जीत हासिल करेगी। मेटा का तर्क है कि इस मामले में लगाए गए आरोप और जुर्माने की राशि उचित नहीं हैं। बता दें यह फैसला कंपनी के लिए बड़ी कानूनी चुनौती है। हालांकि, अपील के कारण अंतिम भुगतान और फैसले के प्रभाव पर आगे कानूनी प्रक्रिया का असर पड़ सकता है।
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