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Nifty IT: 2001 के बाद सबसे बड़ी गिरावट, क्या अभी और बुरे दिन देखने पड़ेंगे?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

निफ्टी आईटी इंडेक्स इस साल जनवरी से जून के बीच 31 प्रतिशत लुढ़क चुका है। इससे बुरा प्रदर्शन इसी अवधि में केवल 2001 में देखने को मिला था, जब इंडेक्स 44 प्रतिशत टूटा था। यह सूचकांक अब 3 साल के निचले स्तर पर आ गया है। इस दौरान अधिकतर बड़ी आईटी कंपनियों जैसे Infosys, टीसीएस, एचसीएल टेक के शेयर 30 से 38 प्रतिशत तक गिरे हैं। वहीं, KPIT टेक, बुधवार को 17 प्रतिशत की गिरावट के चलते अब सालभर में 50 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुकी है।

अभी भी बहुत महंगे हैं भारतीय IT स्टॉक्स

इस करेक्शन के बाद अधिकांश आईटी कंपनियों का वैल्युएशन वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित आय के औसत 13 गुना पर आ गया है, जबकि इनका ऐतिहासिक दस साल का औसत 15 से 20 गुना रहा है। इसके बावजूद, भारतीय आईटी शेयर अभी भी ग्लोबल कंपटीटर की तुलना में बड़े प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं।

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, भारतीय आईटी का 14 गुना 12-महीने का अग्रिम प्राइस-टू-अर्निंग अनुपात इसके 10 साल के औसत से 25 प्रतिशत और 5 साल के औसत से 35 प्रतिशत छूट पर है, लेकिन एक्सेंचर, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी का औसत एडवांस मल्टीपल केवल 8 गुना है।

इसका मतलब यह है कि भारतीय आईटी अब अपने वैश्विक साथियों की तुलना में 90 प्रतिशत प्रीमियम पर है, जबकि ऐतिहासिक रूप से यह प्रीमियम सिर्फ 20 से 30 प्रतिशत रहा है। इसलिए 35 से 40 प्रतिशत की गिरावट के बाद भी भारतीय आईटी शेयर अभी भी महंगे हैं।

क्या भारतीय IT शेयरों के अभी और बुरे दिन आएंगे

मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि रेटिंग घटने की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है, क्योंकि पहले जब बड़ी आईटी कंपनियों के शेयर निचले स्तर पर पहुंचे थे तब उनका मल्टीपल 11 से 13 गुना के बीच था, इसलिए मौजूदा स्तरों से और गिरावट की गुंजाइश दिखती है।

गिरावट की असली वजह क्या है

इस गिरावट का मूल कारण एक ही है ग्रोथ। वित्त वर्ष 2027 संभवतः इन कंपनियों के लिए लगातार चौथा साल होगा, जब ग्रोथ बेहद कमजोर या दबी रहेगी। केपीआईटी टेक पहली तिमाही के लिए पहले ही आगाह कर चुकी है कि उसकी अमेरिकी डॉलर आय पिछले साल से 1 प्रतिशत नीचे रहेगी और दूसरी तिमाही भी कुछ ऐसी ही रह सकती है।

ग्लोबल फर्मों ने घटाया ग्रोथ का अनुमान

विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि इंफोसिस अपने वित्त वर्ष 2027 के ऑर्गेनिक रेवेन्यू को घटा सकती है, क्योंकि ऑर्गेनिक मांग में सुधार इतना धीमा है कि कंपनी के लिए ऊपरी सिरे पर बने रहना मुश्किल होगा। गोल्डमैन सैक्स पहले ही कुल ऑर्गेनिक ग्रोथ के अपने अनुमान को 3.2 प्रतिशत से घटाकर 2.4 प्रतिशत कर चुका है।

मॉर्गन स्टेनली ने भी अपने अनुमानों में तेजी से कटौती की है, खासकर टीसीएस के लिए लगभग 250 आधार अंकों की। इंफोसिस के लिए यह कटौती 150 आधार अंकों की है। इंफोसिस के मौजूदा वित्त वर्ष के 3 प्रतिशत राजस्व वृद्धि अनुमान में अधिग्रहणों से 2 प्रतिशत हिस्सा शामिल है, इसलिए ऑर्गेनिक ग्रोथ केवल 1 प्रतिशत के करीब रह जाएगी, जो वित्त वर्ष 2026 में दर्ज 2.4 प्रतिशत से भी काफी नीचे है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN