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OYO IPO: नवंबर में आ सकता है ₹6,650 करोड़ का इश्यू! कहां इस्तेमाल होगी इतनी बड़ी रकम?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • OYO की पैरेंट कंपनी Prism नवंबर 2026 में ₹6,650 करोड़ तक का IPO लॉन्च करने की तैयारी कर रही है
  • कंपनी की योजना इसमें से ₹4,987.5 करोड़ अपनी सब्सिडियरी के जरिए कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की है
  • FY25 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹6,252.8 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹244.8 करोड़ रहा

होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी OYO की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism) अपना IPO नवंबर 2026 में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी फिलहाल संभावित निवेशकों से बातचीत कर रही है, ताकि शेयर बाजार में उतरने से पहले यह समझा जा सके कि निवेशक इस इश्यू में कितनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, IPO की लॉन्चिंग का अंतिम फैसला बाजार की स्थिति और निवेशकों की मांग को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, IPO की तैयारी के तहत निवेशकों से बातचीत जारी है। इश्यू की टाइमिंग तय करने में बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (BRLMs) की भी अहम भूमिका होगी। ऐसे में नवंबर में IPO आने की संभावना है, लेकिन अभी इसकी तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज जैसी जानकारियों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

₹6,650 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने की योजना

Prism के 29 जून 2026 के अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, कंपनी IPO के जरिए ₹6,650 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है। यह पूरी रकम फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाई जाएगी, यानी कंपनी नए शेयर जारी करेगी और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS) का प्रस्ताव इसमें शामिल नहीं है।

IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी की योजना अपनी सब्सिडियरी Oravel Stays Singapore Pte Ltd में ₹4,987.5 करोड़ तक निवेश करने की है। इस रकम का इस्तेमाल कुछ कर्जों को चुकाने या उनका प्री-पेमेंट करने के लिए किया जाएगा, बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगी।

इस योजना का मकसद कंपनी पर ब्याज और कर्ज का बोझ कम करना है। हालांकि, IPO के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति में कितना सुधार होगा, यह उसके कर्ज के स्तर, कारोबारी प्रदर्शन और भविष्य की कमाई पर निर्भर करेगा।

OYO की कमाई बढ़ी, लेकिन टैक्स क्रेडिट से मुनाफे को सहारा

प्रिज्म (Prism) के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेशंस से रेवेन्यू करीब 16% बढ़कर ₹6,252.8 करोड़ हो गया, जो FY24 में ₹5,388.8 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹229.6 करोड़ से बढ़कर ₹244.8 करोड़ पहुंच गया। लेकिन, मुनाफे के आंकड़ों को समझते समय एक अहम बात पर ध्यान देना जरूरी है। FY25 में कंपनी को ₹767.6 करोड़ का डिफर्ड टैक्स क्रेडिट मिला था। इसने ₹489.3 करोड़ के प्री-टैक्स लॉस के असर को काफी हद तक संतुलित किया। इसका मतलब है कि रिपोर्ट किया गया नेट प्रॉफिट केवल कंपनी के सामान्य कारोबारी प्रदर्शन की तस्वीर नहीं दिखाता।

वहीं, दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में प्रिज्म (Prism) ने ₹6,941 करोड़ का रेवेन्यू और ₹748.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस अवधि में कंपनी का प्री-टैक्स प्रॉफिट ₹245.2 करोड़ रहा, जबकि ₹559.3 करोड़ के डिफर्ड टैक्स क्रेडिट ने नेट प्रॉफिट को और बढ़ाने में मदद की।

कर्ज का बोझ क्यों है अहम?

कंपनी की वित्तीय लागत यानी फाइनेंस कॉस्ट भी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। दिसंबर 2025 को समाप्त 9 महीनों में Prism की कंसोलिडेटेड फाइनेंस कॉस्ट ₹1,089.3 करोड़ रही। इसकी तुलना में पूरे FY25 में यह रकम ₹959.2 करोड़ थी। यह अंतर दिखाता है कि कंपनी के लिए कर्ज और उससे जुड़ी लागत पर कंट्रोल रखना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर IPO के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल योजना के मुताबिक कर्ज चुकाने में होता है, तो भविष्य में ब्याज का बोझ कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कंपनी के कर्ज की शर्तों और आगे की वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करेगा।

35 से ज्यादा देशों में फैला है OYO का कारोबार

भारत में 2012 में शुरू हुआ OYO अब केवल बजट होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। Prism ने होटल, वेकेशन होम और प्रॉपर्टी लिस्टिंग जैसे कारोबारों में विस्तार किया है। कंपनी प्रॉपर्टी मालिकों और होटल ऑपरेटरों को ब्रांडिंग, ऑनलाइन बुकिंग, प्राइसिंग, रेवेन्यू मैनेजमेंट और कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।

इसके होटल पोर्टफोलियो में OYO, संडे (Sunday), टाउनहाउस (Townhouse), टाउनहाउस ओक (Townhouse Oak), Palette, Motel 6 और Studio 6 जैसे ब्रांड शामिल हैं। वहीं, वेकेशन होम कारोबार में Belvilla, DanCenter और Checkmyguest जैसे ब्रांड हैं। यूरोप में कंपनी का सब्सक्रिप्शन आधारित लिस्टिंग बिजनेस भी मौजूद है। 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 35 से अधिक देशों में कुल 2,93,554 स्टोरफ्रंट थे। इनमें 24,303 होटल स्टोरफ्रंट, 1,24,668 होम स्टोरफ्रंट और 1,44,583 सब्सक्रिप्शन लिस्टिंग शामिल थीं।

कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार को बढ़ाने के लिए अधिग्रहण का रास्ता भी अपनाया है। FY25 में इसने Motel 6 और Studio 6 ब्रांड संचालित करने वाले G6 कारोबार का अधिग्रहण किया, जिसके लिए शुरुआती तौर पर करीब 503.6 मिलियन डॉलर का नकद भुगतान किया गया। इसके अलावा फ्रांस के CheckMyGuest कारोबार और ऑस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड में वेकेशन होम मैनेज करने वाली MadeComfy को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया।

निवेशकों को IPO से पहले किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?

Prism का प्रस्तावित IPO निवेशकों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि कंपनी एक तरफ अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार कर रही है, तो दूसरी तरफ कर्ज कम करने की योजना भी बना रही है। रेवेन्यू में बढ़ोतरी और हाल के 9 महीनों में दर्ज मुनाफा सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन डिफर्ड टैक्स क्रेडिट की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निवेशकों के लिए IPO का प्राइस बैंड, कंपनी का वैल्यूएशन, कर्ज की स्थिति, वास्तविक ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नकदी प्रवाह जैसे आंकड़े अहम होंगे। फिलहाल, नवंबर में लॉन्चिंग की संभावना है, लेकिन अंतिम तारीख और अन्य शर्तें घोषित होने के बाद ही इस इश्यू की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

(क्रेडिट- Moneycontrol)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN