Home rss business hindi PF निकाल लिया लेकिन पेंशन का क्या? EPS सर्विस रिकॉर्ड ट्रांसफर नहीं...

PF निकाल लिया लेकिन पेंशन का क्या? EPS सर्विस रिकॉर्ड ट्रांसफर नहीं किया तो हो सकती है परेशानी

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • EPF बैलेंस निकाल लेने वाले कर्मचारियों को अपनी EPS सर्विस हिस्ट्री भी जरूर चेक करनी चाहिए
  • EPF और EPS अलग-अलग उद्देश्य के लिए काम करते हैं और PF विड्रॉल के बाद पेंशनेबल सर्विस अपने आप ट्रांसफर हो, यह जरूरी नहीं है
  • आइए जानते हैं कि EPS सर्विस रिकॉर्ड ट्रांसफर नहीं किया तो क्या परेशानी हो सकती है?

नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारी अपना पुराना EPF बैलेंस निकाल लेते हैं और मान लेते हैं कि पुराने PF अकाउंट से जुड़ा काम भी पूरा हो गया। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। एम्प्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) का सर्विस रिकॉर्ड अलग तरह से ट्रैक होता है। अगर नौकरी बदलने के बाद पुरानी नौकरी की पेन्शनेबल सर्विस नए रिकॉर्ड से लिंक नहीं हुई है, तो भविष्य में पेंशन बेनेफिट्स पर असर पड़ सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

EPF और EPS में क्या अंतर है?

EPF और EPS एक ही सोशल सिक्योरिटी सिस्टम (Social Security System) का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है। EPF में जमा रकम और उस पर मिलने वाला ब्याज कर्मचारी के रिटायरमेंट कॉर्पस (Retirement Corpus) को तैयार करता है। दूसरी ओर EPS का मुख्य संबंध कर्मचारी की पेंशनेबल सर्विस (Pensionable Service) से है। सामान्य तौर पर जितनी लंबी एलिजिबिल सर्विस होती है, पेंशन बेनिफिट्स की कैलकुलेशन में उसका महत्व उतना ही बढ़ता है।

EPS में योगदान कर्मचारी की सैलरी से अलग से नहीं काटा जाता। एम्पलॉयर के कुल 12% योगदान में से 8.33% EPS में जाता है, जबकि बाकी हिस्सा EPF में जाता है। इसलिए PF का पैसा निकाल लेने का मतलब यह नहीं है कि EPS का पुराना सर्विस रिकॉर्ड भी खत्म हो गया।

PF निकालने के बाद EPS सर्विस क्यों जरूरी?

नौकरी बदलने के बाद अगर कर्मचारी ने पुराना EPF बैलेंस निकाल लिया है, तब भी उसकी पुरानी EPS सर्विस हिस्ट्री महत्वपूर्ण रहती है। पेंशन के लिए एलिजिबल सर्विस की गणना में अलग-अलग नौकरियों की सेवा अवधि जुड़ सकती है। आम तौर पर मंथली पेंशन के लिए कम से कम 10 साल की एलिजिबिल सर्विस की आवश्यकता होती है।

ऐसे में अगर पुराने एम्पलॉयर की सर्विस नए EPF/EPS रिकॉर्ड से सही तरीके से लिंक नहीं है, तो कर्मचारी की कुल सर्विस अवधि अधूरी दिखाई दे सकती है। इसलिए नौकरी बदलते समय केवल PF बैलेंस पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है।

क्या बाद में EPS सर्विस ट्रांसफर हो सकती है?

अगर आपने PF का पूरा पैसा पहले ही निकाल लिया है और बाद में पता चलता है कि पुरानी EPS सर्विस ट्रांसफर (Service Transfer) नहीं हुई थी, तो मामला खत्म नहीं होता। उपलब्ध प्रक्रिया के तहत कर्मचारी फॉर्म 13 के जरिए अपनी सर्विस हिस्ट्री को ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसके लिए EPFO मेंबर पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, ट्रांसफर में देरी या परेशानी से बचने के लिए पहले UAN, नाम, जन्मतिथि, KYC और एम्पलॉयमेंट डिटेल्स जैसी जानकारियों को जरूर जांच लेना चाहिए। पुराने रिकॉर्ड में गलती होने पर सर्विस ट्रांसफर (Service Transfer) अटक सकता है।

डेट टू एक्जिट गलत है तो पहले इसे सुधारें

EPS ट्रांसफर में डेट ऑफ एक्जिट भी महत्वपूर्ण है। अगर पुराने एम्पलॉयर ने नौकरी छोड़ने की तारीख अपडेट नहीं की है या गलत तारीख दर्ज है, तो पहले इसे ठीक करना जरूरी हो सकता है। कर्मचारी EPFO पोर्टल पर उपलब्ध सुविधा के जरिए एक्जिट डेट अपडेट करने की कोशिश कर सकता है।

इसके लिए UAN और पासवर्ड से EPFO मेंबर पोर्टल में Login करें। इसके बाद मैनेज सेक्शन में जाकर मार्क एग्जिट विकल्प चुनें। संबंधित नौकरी और लीविंग रीजन का चयन करने के बाद आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार सही एग्जिट डेट दर्ज करें। इसके बाद आधार-बेस्ड OTP वेरिफिकेशन पूरा करके रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है।

ध्यान रखें कि OTP वेरिफिकेशन के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर आपके पास होना चाहिए। अगर ऑनलाइन फैसिलिटी से बदलाव नहीं हो पा रहा है, तो पुराने एम्प्लायर से संपर्क किया जा सकता है। समस्या बनी रहने पर EPFO के ग्रीवांस मैकेनिज्म के जरिए शिकायत दर्ज करने का विकल्प भी मौजूद है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN