Source :- LIVE HINDUSTAN
मुख्य बातें
- Dollar Vs Rupee: रुपया मंगलवार को एशियाई करेंसी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता दिखा
- यह 0.8% तक बढ़कर 95.01 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया
- सोमवार को भी रुपये में 1% की बढ़त हुई थी
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की मेहनत रंग ला रही है। डॉलर के मुकाबले भारत का रुपया अब मजबूत हो रहा है। यह मंगलवार यानी आज और मजबूत हुआ। केंद्रीय बैंक ने रुपये को सहारा देने के लिए नए कदम उठाए। बता दें रुपये पर महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेश की निकासी का दबाव बना हुआ है।
मंगलवार को रुपया एशियाई करेंसी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करता दिखा। यह 0.8% तक बढ़कर 95.01 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। सोमवार को भी रुपये में 1% की बढ़त हुई थी। RBI ने कुछ तरह के डेरिवेटिव सौदों पर रोक बढ़ाई, ताकि इनसे रुपये पर दबाव न पड़े।
RBI ने क्या-क्या किया
पिछले कुछ दिनों में RBI के लगातार नियमों वाले कदम बताते हैं कि वह रुपये की कमजोरी पर लगाम लगाने को लेकर गंभीर है। करीब चार साल में पहली बार ब्याज दर बढ़ाने के बाद भी रुपये की चाल नहीं बदली। ऊंची तेल कीमतें और शेयर बाजार से विदेशी पैसों की लगातार निकासी नीति-निर्माताओं को सतर्क रख रही है।
सोमवार देर रात RBI ने कहा कि इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर में काम करने वाले बैंक नॉन रेजिडेंट लोगों को ऑफशोर Rupee-linked डेरिवेटिव सिर्फ हेजिंग के मकसद से दे सकते हैं। RBI ने नए फॉरेन करेंसी रिजर्व का दायरा भी बढ़ाया, ताकि यह बैंकों की खुद की संपत्तियों और देनदारियों पर भी लागू हो। ये कदम वीकेंड में उठाए गए कदमों के अलावा हैं।
वीकेंड में तेल कंपनियों की डॉलर मांग के लिए खास विंडो और डेरिवेटिव बाजार पर रोक जैसे फैसले हुए थे। 2013 के टेपर टैंट्रम दौर के बाद RBI द्वारा रुपये को बचाने के लिए उठाए गए ये सबसे मजबूत कदम माने जा रहे हैं। पिछले एक साल में रुपया कई बार नए निचले स्तर पर पहुंचा है।
रुपये का दायरा 95.10 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच
HDFC सिक्योरिटीज के करेंसी एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा, “रुपये के प्रति नेगेटिव ट्रेंड कम से कम अभी तो बदल गया है। बाजार पर लगी रोक के बाद पोजीशन खुलने से रुपये में तेजी आई है। लिक्विडिटी भी पतली है।” उन्होंने कहा कि फिलहाल रुपये का दायरा 95.10 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच है। अगर यह मजबूत स्तर की तरफ ब्रेक करता है, तो 94.50 तक जा सकता है।
इस साल रुपया 5% से ज्यादा गिर चुका है
बाजार से जुड़े ट्रेडर्स के मुताबिक, RBI ने नियमों के साथ-साथ करेंसी मार्केट में भी दखल दिया, जिससे मंगलवार को रुपये की बढ़त को और बल मिला। फिर भी इस साल रुपया 5% से ज्यादा गिर चुका है और आज की बढ़त को छोड़ दें तो इस साल अबतक एशिया की कमजोर मुद्राओं में शामिल है।
मुंबई में शिनहान बैंक के ट्रेजरी हेड कुणाल सोढानी ने ब्लूमबर्ग से कहा, “करेंसी मार्केट में आर्बिट्राज वैसे भी लगभग खत्म हो चुका था। नई रोक उसी दिशा में एक और कदम है। इन उपायों का मुख्य मकसद बाजार के व्यवहार और उतार-चढ़ाव को संभालना है।”
इनपुट्स: ब्लूमबर्ग
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