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SBI ग्राहकों के लिए बड़ी खबर! 3.75 लाख ग्राहकों के डेटा चोरी होने का दावा, KYC डॉक्यूमेंट खतरे में

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Source :- LIVE HINDUSTAN

SBI Data Leak: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के 3.75 लाख ग्राहकों का डेटा लीक होने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘Siriusim’ नाम के एक हैकर ग्रुप ने ग्राहकों की पर्सनल डिटेल, KYC दस्तावेज और खाता खोलने से जुड़े कागज होने की बात कही है।

SBI Data Breach: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लाखों ग्राहकों के डेटा को लेकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी चिंता सामने आई है। एक हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उसके पास SBI के 3.75 लाख ग्राहकों के रिकॉर्ड मौजूद हैं। इनमें पर्सनल डिटेल, KYC से जुड़े डॉक्यूमेंट, लोन एप्लीकेशन और बैंक में खाता खोलने के लिए जमा किए गए डॉक्यूमेंटस शामिल होने की बात कही गई है। इस दावे के सामने आने के बाद ग्राहकों की जानकारी के गलत इस्तेमाल और ऑनलाइन धोखाधड़ी की आशंका पर सवाल उठ रहे हैं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ‘Siriusim’ नाम के हैकर ग्रुप ने डार्क वेब से जुड़े एक फोरम पर डेटा होने का दावा किया। खबर लिखते समय तक बैंक की ओर से इस मामले पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में ग्राहकों के लिए जरूरी है कि वे घबराने के बजाय सतर्क रहें और बैंक के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल, मैसेज और लिंक से बचें।

3.75 लाख रिकॉर्ड और 2,722 PDF फाइलों का दावा

हैकर ग्रुप का दावा है कि उसके पास 3,75,000 से ज्यादा रिकॉर्ड वाली CSV फाइल और 2,722 PDF दस्तावेज मौजूद हैं। CSV को स्प्रेडशीट की तरह देखा जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर ग्रुप ने कुछ दस्तावेज शेयर किए और उन्हें ग्राहकों के रिकॉर्ड बताया। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। किसी हैकर का डेटा होने का दावा करना और उस डेटा का सही व नया होना दो अलग बातें हैं। अभी इस खबर को फिलहाल कथित डेटा लीक के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

KYC और निजी जानकारी लीक होने से क्या खतरा हो सकता है?

KYC का पूरा नाम Know Your Customer है। बैंक ग्राहकों की पहचान और पते की पुष्टि के लिए यह प्रक्रिया अपनाते हैं। इसमें पहचान से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी जमा करनी पड़ सकती है। अगर किसी साइबर अपराधी के हाथ में ऐसी जानकारी पहुंच जाती है और वह असली होती है, तो उसका गलत इस्तेमाल करने की कोशिश की जा सकती है। ऐसी जानकारी का इस्तेमाल लोगों को निशाना बनाकर किए जाने वाले साइबर फ्रॉड में भी किया जा सकता है।

इस तरह के मामलों में सबसे जरूरी बात है कि फोन करने वाले व्यक्ति के पास आपकी कुछ जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का असली कर्मचारी है। OTP, ATM PIN, UPI PIN, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान ऐप इंस्टॉल करने से भी बचें।

डेटा लीक से बचने के लिए SBI ग्राहक क्या करें?

डेटा लीक की खबर सामने आने पर घबराने के बजाय अपने डिजिटल बैंकिंग इस्तेमाल को सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी है। ग्राहक इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

– OTP और PIN शेयर न करें: बैंक के नाम पर फोन करने वाला कोई व्यक्ति OTP, UPI PIN या पासवर्ड मांगे, तो उसे न बताएं।

– संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट करने या खाता चालू रखने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

– बैंकिंग ऐप सुरक्षित रखें: बैंकिंग ऐप और फोन के सॉफ्टवेयर को आधिकारिक अपडेट के जरिए अपडेट करते रहें।

– अगर आपके साथ वित्तीय साइबर फ्रॉड होता है, तो तुरंत बैंक को इन्फॉर्म करें और भारत के साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कांटेक्ट करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN