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SBI साइबर अटैक पर बड़ा अपडेट: क्या सेफ है आपका पैसा? बैंक ने ये कहा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • SBI Cyber Attack: स्टेट बैंक के शुरुआती जांच में करीब 4,000 ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जिनमें ग्राहकों की निजी जानकारी है
  • जांच के तहत डार्क वेब पर मौजूद करीब 3,75,000 रिकॉर्ड देखे गए
  • बैंक ने कस्टमर से कहा है कि वे अपना OTP, ATM या डेबिट कार्ड PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने हालिया साइबर हमले की घटना को लेकर ग्राहकों के लिए अहम अपडेट जारी किया है। X पर जारी संदेश में बैंक ने कहा है, ‘ जिन ग्राहकों का डेटा इस घटना से प्रभावित होने की आशंका के दायरे में आया है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से ईमेल और WhatsApp के जरिए सूचना दी गई है। ग्राहकों के खाते में जमा रकम और बैलेंस सुरक्षित हैं।’ बता दें जुलाई में बैंक ऑफ बड़ौदा में भी ऐसा ही मामला सामने आया था।

…लेकिन OTP, ATM या डेबिट कार्ड PIN का इस्तेमाल सावधानी से करें

SBI ने ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ग्राहक अपना OTP, ATM या डेबिट कार्ड PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। इसके अलावा, संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज और ईमेल से भी सतर्क रहने को कहा गया है।

हालांकि, संदेश में प्रभावित ग्राहकों की संख्या, डेटा में किस तरह की जानकारी शामिल थी और घटना की तकनीकी वजह के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि,SBI ने जांच शुरू की है। शक है कि एक साइबर हमले की वजह से ग्राहकों के हजारों रिकॉर्ड डार्क वेब पर चले गए हैं, जिनमें निजी जानकारी है।

क्या है मामला

बैंक ने बुधवार को एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि शुरुआती जांच में करीब 4,000 ऐसे रिकॉर्ड मिले हैं जिनमें ग्राहकों की निजी जानकारी है। जांच के तहत डार्क वेब पर मौजूद करीब 3,75,000 रिकॉर्ड देखे गए।

SBI ने कहा कि लीक हुए रिकॉर्ड में ग्राहकों का नाम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल और घर का पता, ब्रांच और कस्टमर आईडी नंबर और लोन व लीड रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी शामिल है।

बैंक ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि लीक कहां से हुआ और इसका दायरा कितना है। साथ ही ग्राहकों और बैंक पर पड़ने वाले रिस्क का आकलन किया जा रहा है। SBI ने कहा कि इस घटना का उसके मुख्य कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन या कामकाज की निरंतरता पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

साइबर हमलों का दायरा लगातार बदल रहा

ग्रांट थॉन्टन भारत के पार्टनर विवेक अय्यर ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और AI की वजह से साइबर हमलों का दायरा लगातार बदल रहा है। वित्तीय संस्थानों को सिर्फ अपनी साइबर सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर भी मजबूत करने चाहिए।

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को साइबर रिस्क को लेकर कई बार चेताया है। केंद्रीय बैंक के 43 बैंकों और शैडो लेंडर्स के सर्वे में करीब एक-तिहाई ने कहा कि एक साल पहले के मुकाबले साइबर जोखिम मध्यम या काफी बढ़ा है।

इसी तरह की चिंता पूरे सेक्टर में भी है। जापान में Daiwa Securities, East Japan Railway और SoftBank जैसी कंपनियों पर डेटा चोरी की घटनाओं के बाद सरकार ने साइबर सुरक्षा कदम तेज किए हैं।

क्या करें SBI के ग्राहक?

  • किसी के साथ OTP, PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें।
  • संदिग्ध ईमेल, WhatsApp मैसेज और लिंक से सावधान रहें।
  • बैंक के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
  • खाते में कोई अनजान लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक को सूचित करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN