Source :- LIVE HINDUSTAN

सुबह को खास बनाने के लिए आप एक दूसरे के साथ सफलता वाली कुछ बहतरीन शायरियों को शेयर कर सकते हैं। ये शायरियां  आपको अंदर नया जोश भर सकती हैं।  यहां पढ़िए सफलता वाली बेहतरीन शायरियां।

सुबह की शुरुआत पॉजिटिविटी के साथ करने के लिए सफलता वाली शायरियां बेहतरीन रहेंगी। सफलता के लिए मेहनत, हौसला और अटूट विश्वास बेहद जरूरी है। जब रास्ते में मुश्किलें आएं, तो शायरी दिल में एक नई ऊर्जा भर देती है। सुबह को खास बनाने के लिए कड़ी मेहनत, सही दिशा और खुद पर अटूट विश्वास वाली इन शायरियों को पढ़ें और अपनों के साथ शेयर करें। यह सीधे दिल पर असर करती हैं।

1) मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है,

पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।

2) मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन, यह फैले हुए उनके पर बोलते हैं,

वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं।

3) जीत की खातिर बस जुनून चाहिए, जिसमें उबाल हो ऐसा खून चाहिए,

यह आसमां भी आएगा जमीन पर, बस इरादों में जीत की गूंज चाहिए।

4) लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

5) सफर में मुश्किलें आएं तो हिम्मत और बढ़ती है,

कोई अगर रास्ता रोके तो जुर्रत और बढ़ती है।

6) वक्त से लड़कर जो नसीब बदल दे, इन्सान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,

कल क्या होगा कभी मत सोचो, क्या पता कल वक्त खुद अपनी तस्वीर बदल दे।

7) खोकर पाने का मजा ही कुछ और है, रोकर मुस्कुराने का मज़ा ही कुछ और है,

हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त, हारने के बाद जीतने का मजा ही कुछ और है।

8) जो मुस्कुरा रहा है उसे दर्द ने पाला होगा,

जो चल रहा है उसके पांव में छाला होगा,

बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता,

जो जलेगा उसी दिये में तो उजाला होगा।

9) हवाओं के भरोसे मत उड़, चट्टानें तूफानों का रुख मोड़ देती हैं,

अपने पंखों पर भरोसा रख, हवाओं के भरोसे तो पतंगें उड़ा करती हैं।

10) कामयाबी चुम्बक की तरह नहीं होती जो खुद खिंची चली आए,

यह तो वो मंजिल है जिसके लिए खुद पैरों को चलाना पड़ता है।

11) धीरे-धीरे ही सही मगर आगे बढ़ते रहो,

कदम रुके नहीं तो मंजिल खुद ब खुद पास आ जाएगी।

12) चलता रहूंगा पथ पर, चलने में माहिर बन जाऊंगा,

या तो मंजिल मिल जायेगी, या अच्छा मुसाफिर बन जाऊंगा।

13) मंजिल पाना तो बहुत दूर की बात है,

तुम घर से निकले ही नहीं तो रास्ते कैसे मिलेंगे।

14) अपनी काबलियत पर भरोसा रख ऐ राही,

तेरी मंजिल खुद तुझे ढूंढते हुए आएगी।

15) लकीरें अपने हाथों की बनाना सीख ले ऐ दोस्त,

किस्मत की नहीं, मेहनत की बदौलत जीना सीख ले।

16) सोने को कुंदन बनने के लिए आग में तपना पड़ता है,

मंजिल को पाने के लिए रातों की नींद को खोना पड़ता है।

17) शौक को थोड़ा मार कर, रातों को जागना पड़ता है,

यूं ही नहीं मिलती कामयाबी, आराम को त्यागना पड़ता है।

18) मंजिलें बड़ी जिद्दी होती हैं, हासिल कहां नसीब से होती हैं,

वहां तूफान भी हार जाते हैं, जहां कश्तियां जिद पर होती हैं।

19) बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता है,

कामयाबी के शिखर पर चढ़ने के लिए हर रोज खुद से लड़ना पड़ता है।

20) सोचने से कहां मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,

चलने की जिद भी जरूरी है मंजिल के लिए।

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