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Stock Market Today: तेजी की पटरी पर लौटा बाजार, सेंसेक्स 72000 और निफ्टी 22300 के पार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Stock Market Today: गुरुवार की भारी गिरावट के बाद आज बाजार की शुरुआत मजबूत रही
  • सेंसेक्स 183 अंकों की बढ़त के साथ 71776 के लेवल पर खुला
  • जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 83 अंक ऊपर 22315 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा

Stock Market Today Live 9:15 AM: शेयर मार्केट में आए कल के भूचाल के बाद आज उसकी चाल सुधरी नजर आ रही है। सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग ग्रीन हुई है और सेंसेक्स 72000 के पार चला गया है। सेंसेक्स में 411 अंकों की बढ़त है। जबकि, निफ्टी 110 अंक ऊपर 22339 पर पहुंच गया है। बता दें बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 183 अंकों की बढ़त के साथ 71776 के लेवल पर खुला। जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 83 अंक ऊपर 22315 के लेवल पर खुलने में कामयाब रहा।

Stock Market Today 7:36 AM: शेयर बाजार में कल यानी गुरुवार को आए भूचाल के बाद आज शुक्रवार, 9 अक्टूबर को सेंसेक्स और निफ्टी में तेज उतार-चढ़ाव के आसार हैं। शुरुआत में गिफ्ट निफ्टी करीब 22,370 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 140 अंक ऊपर था। बाद में यह तेजी घटकर 13 अंक तक आ गया। यानी गुरुवार की भारी गिरावट के बाद आज बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वैसे भी ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।

TCS-Infosys जैसे IT स्टॉक्स पर रहेगी नजर

अमेरिकी श्रम विभाग ने गुरुवार को माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी के साथ कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो, एचसीएलटेक और कैपजेमिनी को PERM कार्यक्रम से सस्पेंड करने की घोषणा की।

विभाग ने माइक्रोसॉफ्ट और एडोब के मामले में चल रही संघीय जांच का हवाला दिया, जबकि अन्य कंपनियों पर भी अमेरिकी रोजगार और इमिग्रेशन कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग को लेकर कार्रवाई की गई है। विभाग ने संबंधित कंपनियों के नए आवेदनों को मंजूर करने और लंबित आवेदनों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक लगाई है।

ऐसे में आज घरेलू शेयर बाजार में इन्फोसिस, TCS, विप्रो, एचसीएलटेक और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं। हालांकि, PERM कार्यक्रम पर रोक को H-1B वीजा रद्द होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। यह कार्रवाई मुख्य रूप से रोजगार-आधारित स्थायी निवास की प्रक्रिया को प्रभावित करती है।

गुरुवार को आया था भूचाल: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,045 अंक यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 71,593 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 371 अंक यानी 1.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,231 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,179 तक फिसल गया, जो एक नया इंट्राडे 52 सप्ताह का निचला स्तर था।

निफ्टी के लिए 22,180 का स्तर अहम सपोर्ट

टेक्नीकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,180 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। इसके नीचे फिसलने पर इसमें गिरावट 22,000 की ओर बढ़ सकती है। दूसरी ओर, 22,350 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। निफ्टी अगर इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो बाजार में रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्नीकल एनालिस्ट रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। आरएसआई में भी मंदी का संकेत बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को बाजार में स्पष्ट दिशा मिलने तक सतर्क रहने की जरूरत है।

सेंसेक्स के लिए 72,000 और 73,000 के स्तर महत्वपूर्ण

सेंसेक्स के तकनीकी आउटलुक में 72,000 से 72,300 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस दायरे के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है। वहीं, 73,000 से 73,200 के स्तर के ऊपर निर्णायक बढ़त खरीदारी को मजबूती दे सकती है। इसके विपरीत, 72,000 के नीचे लगातार कारोबार होने पर बाजार में मंदी का दबाव बढ़ सकता है।

आज के ग्लोबल संकेत

अमेरिकी बाजार: अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज शुरुआती गिरावट से उबरकर मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके उलट, एसएंडपी 500 में 0.5 प्रतिशत और नैस्डैक कंपोजिट में 1.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।

एशियन मार्केट: एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिखाई दी। जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में करीब एक प्रतिशत नीचे था। दक्षिण कोरिया और ताइवान के बाजार शुक्रवार को छुट्टी के कारण बंद रहे। वैश्विक बाजारों से मिले इन संकेतों के कारण भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतें: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए एक प्रमुख जोखिम बनी हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकता है। इससे ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं और कंपनियों की कमाई को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। यदि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार को राहत मिल सकती है। इसके उलट, कीमतों में फिर तेजी आने पर बिकवाली बढ़ने का जोखिम रहेगा।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN