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Tata Sons की लिस्टिंग पर नया पेच, टाटा ग्रुप के इन शेयरों में गिरावट, समझें पूरा मामला

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • निवेशकों में टाटा संस की संभावित शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है
  • टाटा केमिकल्स का शेयर लगभग 3% गिरकर ₹622.55 पर कारोबार कर रहा था
  • इसी समय TMPV का शेयर भी करीब 3% नीचे था, जबकि टाटा इन्वेस्टमेंट में लगभग 2.2% की गिरावट दर्ज की गई

Tata Sons Listing: टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में मंगलवार, 29 सितंबर को दबाव देखने को मिला। टाटा ट्रस्ट की ओर से टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव सामने आने के बाद निवेशकों में टाटा संस की संभावित शेयर बाजार में लिस्टिंग को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। शुरुआती कारोबार में टाटा केमिकल्स और टाटा मोटर्स पैसेंजर ह्विकल्स (TMPV) के शेयर करीब 3% तक टूट गए।

सुबह टाटा केमिकल्स का शेयर लगभग 3% गिरकर ₹622.55 पर कारोबार कर रहा था। इसी समय TMPV का शेयर भी करीब 3% नीचे था, जबकि टाटा इन्वेस्टमेंट में लगभग 2.2% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह टाटा ट्रस्ट्स का वह प्रस्ताव है, जिसके तहत टाटा संस में दो समूह कंपनियों को मिलाने की बात कही गई है।

टाटा ट्रस्ट्स ने क्या प्रस्ताव दिया?

टाटा ट्रस्ट्स ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स का टाटा संस में मर्जर करने का प्रस्ताव दिया है। इसका उद्देश्य टाटा संस की संरचना को इस तरह बदलना है कि वह भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के मौजूदा नियामकीय दायरे से बाहर निकल सके और संभावित अनिवार्य लिस्टिंग से बच सके।

टाटा संस को 2022 में RBI ने ‘अपर लेयर’ कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी (CIC) यानी NBFC के एक विशेष नियामकीय वर्ग में रखा था। इस वर्गीकरण के तहत कंपनी पर कुछ अतिरिक्त नियामकीय आवश्यकताएं लागू होती हैं। इस महीने RBI ने Tata Sons के इस वर्गीकरण से बाहर निकलने के आवेदन को भी खारिज कर दिया था।

Tata Sons की लिस्टिंग से किन कंपनियों को क्या फायदा हो सकता था?

टाटा संस में कई लिस्टेड कंपनियों की टाटा ग्रुप की कंपनियों की हिस्सेदारी है। मनीकंट्रोल के अनुसार टाटा स्टील और TMPV की टाटा संस में 3.06%-3.06%, जबकि टाटा केमिकल्स की 2.53% हिस्सेदारी है। टाटा पावर की 1.65%, इंडियन होटल्स की 1.11%, टाटा कंज्यूमर की 0.4% और टाटा इन्वेस्टमेंट की 0.25% हिस्सेदारी है।

इसी वजह से Tata Sons की संभावित लिस्टिंग को इन कंपनियों के निवेशकों के लिए संभावित वैल्यू अनलॉकिंग के अवसर के रूप में देखा जा रहा था। खासकर Tata Chemicals की Tata Sons में हिस्सेदारी को लेकर बाजार में काफी चर्चा रही है।

अब आगे क्या होगा?

टाटा ट्रस्ट्स का प्रस्ताव अभी अंतिम फैसला नहीं है। प्रस्ताव को पहले Tata Sons के बोर्ड की मंजूरी की जरूरत होगी। इसके बाद इसे RBI के सामने रखा जाना है। इसलिए फिलहाल Tata Sons की लिस्टिंग को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है।

टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार प्रस्तावित मर्जर के बाद संयुक्त इकाई का परिचालन राजस्व करीब ₹1.05 लाख करोड़ होगा। Trusts का कहना है कि वित्तीय परिसंपत्तियों से होने वाली आय कुल आय का 64.3% होगी, जिससे कंपनी की संरचना को RBI के पुराने वर्गीकरण के अनुरूप लाने में मदद मिल सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN