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US में 9/11 जैसी घटना के 16 गुना के बराबर था 7 अक्टूबर का हमला, बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

हमले का पैमाना समझाने के लिए नेतन्याहू ने इजरायल की करीब 1 करोड़ की आबादी का हवाला दिया। 1200 लोगों की मौत को आबादी के अनुपात में देखें तो यह अमेरिका में 24 घंटे से भी कम समय में 40,000 लोगों के मारे जाने के बराबर होता।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की तुलना अमेरिका में हुए 11 सितंबर के आतंकी हमले से की। उन्होंने कहा कि इजरायल की आबादी के हिसाब से उस हमले का असर अमेरिका में 9/11 जैसी घटना के 16 गुना के बराबर था। नेतन्याहू ने बताया कि हमास के नेतृत्व में हुए हमले में करीब 1,200 इजरायली मारे गए और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इजरायल उस हमले के बाद टूटा नहीं, बल्कि उसने जवाब दिया।

अमेरिकी दर्शकों के सामने हमले का पैमाना समझाने के लिए नेतन्याहू ने इजरायल की करीब 1 करोड़ की आबादी का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 1200 लोगों की मौत को आबादी के अनुपात में देखें तो यह अमेरिका में 24 घंटे से भी कम समय में 40,000 लोगों के मारे जाने के बराबर होता। इसी आधार पर उन्होंने इसे 16 बार 9/11 बताया। नेतन्याहू ने हमास पर बेहद गंभीर आरोप लगाए और कहा कि हमले में लोगों की हत्या की गई, बच्चों को मारा गया और महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया। उस दिन इजरायल के दुश्मनों को लगा था कि देश टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सदी का सबसे बड़ा झूठ किसे बताया

बेंजामिन नेतन्याहू का यह भाषण ऐसे समय में हुआ जब गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कई देशों के नेताओं ने इजरायल पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार करने का आरोप लगाया है। नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें इस सदी का सबसे बड़ा झूठ बताया। उनके भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा में कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में बाहर चले गए। इस पर नेतन्याहू ने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को नैतिक रूप से कायर बताया। इजरायल अपनी रक्षा के साथ उन देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि सदन से बाहर चले गए।

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का बचाव

नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया और इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। उन्होंने ईरान को हत्यारा तानाशाही बताया और कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनका संकल्प था। वहीं, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के लोगों की हिंसा पर सवाल उठने के बाद नेतन्याहू ने कहा कि वह ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जिम्मेदार लोगों को कुछ युवा अपराधी बताया और अपनी सरकार को भीड़ के कानून से अलग किया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN