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अडानी ग्रुप की कंपनियों ने शेयर बाजार में 3 महीने में गंवा दिए ₹2.66 लाख करोड़, क्या है बिकवाली की वजह?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Adani Group Stocks: बीते 3 महीनों के दौरान अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है
  • कंपनी की लिस्टेड कंपनियों ने इस दौरान 2.66 लाख करोड़ रुपये गंवा दिया है

Adani Group Stock: पिछले कुछ महीने अडानी ग्रुप की कंपनियों के लिए काफी कठिन रहे हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट की अनुसार बीते तीन महीने में अडानी ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों ने 2.66 लाख करोड़ रुपये गंवा दिया है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, अडानी एनर्जी लिमिटेड और एनडीटीवी के शेयरों की कीमतों में इस दौरान 15 से 23 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली है।

अडानी की किस कंपनी में कितनी गिरावट

अडानी एंटप्राइजेज के शेयरों में पिछले 3 महीने के दौरान 15.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एसीसी, अम्बुजा के शेयरों का दाम 16 से 20 प्रतिशत गिरा है। अडानी टोटल गैस के स्टॉक का दाम 290 प्रतिशत और अडानी पावर 13 प्रतिशत लुढ़क गया है। एनडीटीवी में 23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बता दें, इस दौरान गौतम अडानी की नेटवर्थ 97 बिलियन डॉलर से 120 बिलियन डॉलर के बीच बना हुआ है।

अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में गिरावट की वजह क्या?

इस साल लार्ज कैप कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का बुरा असर घरेलू शेयर बाजार पर पड़ा है। इसके अलावा ग्लोबल एआई ट्रे़ड की वजह से एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से जमकर पैसा निकाला है। इस निकासी की चपेट में अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर भी आ गए हैं।

बता दें, बॉन्ड मार्केट में भी उछाल देखने को मिल रही है। इसमें उछाल का असर उन कंपनियों पर पड़ रहा है जो अधिक कर्ज लेती हैं। बॉन्ड यील्ड में तेजी से उन कंपनियों की लागत बढ़ेगा। मार्जिन पर दबाव आएगा।

अडानी ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जुगेशिंदर रॉबी सिंह ने कहा कि जब भीड़ टिक-टिक की आवाज पर रिएक्ट कर रहा होता है। तब भी हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर सच्चाई और मजबूती के साथ टिका रहता है।

जीक्यूजी पार्टनर्स ने निकाला पैसा

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का दौर याद करिए। अचानक अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों की कीमतों में तूफानी गिरावट देखने को मिली थी। तब अमेरिकी फर्म जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी ग्रुप के स्टॉक को जमकर खरीदा था। लेकिन अब यह फाइनेंशियल इनवेस्टमेंट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी घटा रही है।

31 अगस्त के डाटा के अनुसार राजीव जैन की अगुवाई वाली इस कंपनी ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी 4.14 प्रतिशत से घटाकर 3.46 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी पावर, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स और अडानी ग्रीन में हिस्सेदारी को कम किया था। यह कटौती जून तिमाही के दौरान की गई थी।

(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN