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भारतीय मैंस क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी से धैर्य रखने को कहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने मौक़े का इंतज़ार करना होगा. टी-20 में भारत अभी ऊपरी क्रम में ज़्यादा अनुभवी खिलाड़ियों को मौक़ा दे रहा है.
गुरुवार को अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ दिल्ली में भारत की जीत के बाद गंभीर ने सूर्यवंशी को ये मैसेज दिया. भारत ने तीन मैचों की टी-20 सिरीज़ 3-0 से अपने नाम कर ली.
इस मैच में भी, सिरीज़ के पहले दो मैचों की तरह सूर्यवंशी बाहर बैठे रहे. वहीं, उनके साथी सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने रिकॉर्ड बना दिया. उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल में अब तक का तीसरा सबसे तेज़ शतक लगाया. भारत ने इस मैच में अफ़ग़ानिस्तान को 127 रन से हराया.
इस पूरी सिरीज़ में गंभीर ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को पारी की शुरुआत करने का मौक़ा दिया. दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया. तीन मैचों की सिरीज़ में दोनों टीमों की ओर से सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले टॉप 2 बैट्समैन भी यही रहे.
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इसका मतलब कि सूर्यवंशी को अपने मौक़े के लिए इंतज़ार करना पड़ेगा क्योंकि कोच गंभीर ने संकेत दिया कि कुछ समय तक यही स्थिति बनी रह सकती है.
पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गंभीर ने कहा, “वैभव के मामले में हमारी बात बिल्कुल साफ़ थी. उसे अपने मौक़े का इंतज़ार करना होगा. हम जानते हैं कि उसमें कितना टैलेंट है और वह क्या कर सकता है. लेकिन जो खिलाड़ी पिछले दो-तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी टीम में जगह बनाई है.”
गंभीर ने कहा, “जब वैभव को मौक़ा मिलेगा, तो उसे लगातार कई मैच खेलने का मौक़ा भी मिलेगा. भारतीय क्रिकेट में यही होता है. हम टीम में प्रतिस्पर्धा और टैलेंट चाहते हैं. लेकिन क्रिकेट ऐसे ही चलता है. आप 15 साल के हों या 30 साल के. जब आपको अपने मौक़े का इंतज़ार करना हो, तो इंतज़ार करना ही पड़ता है.”
धमाकेदार शुरुआत
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सूर्यवंशी ने सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत की है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जुलाई में डेब्यू करने के बाद वह छह टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. इनमें पारी की शुरुआत करते हुए वह दो अर्धशतक लगा चुके हैं.
गंभीर ने कहा कि साल की शुरुआत में हुए आईसीसी पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप में अभिषेक और सैमसन की जोड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया था. इसलिए दोनों को अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए कई मौक़े मिलना तय था.
उन्होंने कहा, “इस सिरीज़ से पहले मेरी तरफ़ से बात बिल्कुल साफ़ थी. हम टी-20 वर्ल्ड कप में इस्तेमाल किए गए उसी कॉम्बिनेशन को वापस लाना चाहते थे. क्योंकि तीन-चार मैचों में नाकाम रहने से कोई खिलाड़ी ख़राब नहीं हो जाता.”
इसी साल सूर्यवंशी को आईपीएल और फिर श्रीलंका दौरे पर इंडिया ‘ए’ के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ के लिए टीम में जगह मिली थी. लेकिन दोनों सिरीज़ के अधिकांश मैचों में उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिल पाई.
भारत ये दोनों सिरीज़ हार गई थी. देश-विदेश के कई क्रिकेटर्स और एक्सपर्ट्स ने इस बात पर नाराज़गी जताई थी कि भारतीय टीम प्रबंधन 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ न्याय नहीं कर सका और उन्हें जितने मौक़े मिलने चाहिए थे, उतने नहीं मिले.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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