Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी सरकार ने सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए Anthropic को अपने कुछ एडवांस्ड AI मॉडल्स की रीच विदेशी नागरिकों के लिए प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है। इसे लेकर एक्सपर्ट्स की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा और विवादित मामला सामने आया है। अमेरिकी सरकार ने AI कंपनी Anthropic को आदेश दिया है कि वह अपने कुछ एडवांस्ड AI मॉडल्स का एक्सेस विदेशी नागरिकों के लिए बंद कर दे। इस फैसले ने टेक इंडस्ट्री, रिसर्चर्स और अलग-अलग देशों की सरकारों के बीच नई बहस छेड़ दी है। कई एक्सपर्ट्स इसे AI के क्षेत्र में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन और खींचतान का संकेत मान रहे हैं।

Anthropic ने अपने Claude AI मॉडल के साथ ग्लोबली पहचान बनाई है, हाल के दिनों में OpenAI और Google जैसी कंपनियों की प्रमुख कॉम्पिटीशन बनकर उभरा है। कंपनी के लेटेस्ट मॉडल बेहद पावरफुल माने जाते हैं और मुश्किल रिसर्च, प्रोग्रामिंग, डाटा एनालिसिस और अन्य एडवांस्ड काम कर सकते हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ऐसी टेक्नोलॉजी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील क्षमताएं दे सकती हैं, इसलिए इन पर बेहतर कंट्रोल होना जरूरी है।

एडवांस्ड साइबर अटैक का खतरा

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि एडवांस्ड AI मॉडल साइबर अटैक्स, सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों की खोज और अन्य सेंसिटिव एक्टिविटीज में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि अगर ऐसी टेक्नोलॉजी अमेरिका के दुश्मन देशों या विदेशी संस्थाओं तक पहुंचती हैं, तो इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी वजह से एक्सपोर्ट कंट्रोल्स के तहत Anthropic पर यह बैन लागू किया गया है।

हालांकि, इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI एक ग्लोबल टेक है और उस पर ऐसे प्रतिबंध लगाया जाना इनोवेशन को प्रभावित कर सकता है। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि इससे इंटरनेशनल रिसर्च कोलैबरेशन कमजोर होगा और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में AI डिवेलपमेंट की गति पर असर पड़ सकता है। आलोचकों का यह भी कहना है कि अगर अमेरिकी कंपनियां विदेशी यूजर्स को सेवाएं देना बंद करती हैं, तो अन्य देशों में लोकल AI कंपनियों को तेजी से बढ़ने का मौका मिल सकता है।

सरकार का आदेश मानेगा Anthropic

Anthropic ने भी संकेत दिया है कि वह सरकार के आदेश का पालन कर रहा है, लेकिन कंपनी का मानना है कि केवल कुछ मॉडल्स को प्रतिबंधित करने से सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं का पूरी तरह समाधान नहीं होगा। कंपनी का कहना है कि कई समान क्षमताएं अन्य पब्लिक AI मॉडल्स में भी उपलब्ध हैं, इसलिए केवल एक कंपनी पर ऐसा बैन लगाने का कोई तुक नहीं है।

फैसले का असर केवल Anthropic तक सीमित नहीं रह सकता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में अन्य अमेरिकी AI कंपनियों पर भी इसी तरह के नियम लागू किए जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो AI इंडस्ट्री धीरे-धीरे अलग-अलग ब्लॉक्स में बंट सकती है, जहां अलग-अलग देश अपने-अपने AI सिस्टम डिवेलप करने पर ज्यादा जोर देंगे।

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