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8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवां वेतन आयोग एक्शन मोड में आ चुका है। वेतन आयोग अलग-अलग कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक भी कर रहा है। इस दौरान वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों की सुझाव और सिफारिशों पर मंथन भी कर रहा है। वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों को राहत देते हुए सुझाव और मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि को भी बढ़ा दिया है। आयोग ने अब यह समयसीमा 15 जून 2026 तक कर दी है। यह तीसरी बार है जब मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ाई गई है। इस फैसले के बाद एक बार फिर से ये सवाल उठने लगे हैं कि क्या वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में देरी होगी। बता दें कि वेतन आयोग को उसके गठन के बाद सिफारिशों को सौंपने के लिए 18 महीने का समय मिला है।

बैकडेट से लागू होने की उम्मीद

वेतन आयोग की सिफारिशों में देरी का असर कर्मचारियों और सरकार दोनों पर पड़ सकता है। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशें बैकडेट यानी 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। अगर सिफारिशों के लागू होने में देरी होती है तो कर्मचारियों का एरियर बढ़ जाएगा। वहीं, नई वेतन संरचना लागू होने पर सरकार को एकमुश्त भुगतान करना होगा। इससे सरकारी खजाने का बोझ बढ़ जाएगा।

विशेषज्ञों के अनुसार केंद्रीय कर्मचारियों का बेसिक सैलरी का एरियर मिल सकता है लेकिन हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे कुछ भत्तों का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। बता दें कि HRA का भुगतान आमतौर पर पूर्व प्रभाव से नहीं किया जाता। ऐसे में वेतन आयोग की रिपोर्ट जितनी देर से आएगी, कर्मचारियों की कुछ संभावित वित्तीय लाभों पर उतना ही असर पड़ सकता है।

वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया 5 मार्च 2026 को शुरू हुई थी। शुरुआत में इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की गई थी, जिसे बाद में 31 मई तक बढ़ाया गया। अब इसे 15 जून तक बढ़ा दिया गया है। मेमोरेंडम केवल वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ईमेल, पीडीएफ या हार्ड कॉपी के रूप में भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

बता दें कि पिछले साल जनवरी महीने में सरकार ने पहली बार आठवें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। हालांकि, इसकी घोषणा नवंबर महीने में की गई। वेतन आयोग के गठन के बाद फरवरी 2026 में वेबसाइट को लॉन्च किया गया। वेतन आयोग की इस वेबसाइट पर सुझाव दिए जा सकते हैं।

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