Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान के बीच बड़े सैन्य हमलों में फिलहाल ठहराव है और कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू करने की कोशिश चल रही है। युद्ध 8वें महीने में पहुंच चुका है, लेकिन इसे खत्म करने के लिए बातचीत लगातार अटक रही है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की स्थिति में अमेरिका अपने विकल्प मजबूत कर रहा है। इस कड़ी में यूएस ने फारस की खाड़ी में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर और करीब 10 हजार नौसैनिकों व मरीन सैनिकों को भेजने का फैसला किया है। सीनियर अधिकारी के मुताबिक, USS थियोडोर रूजवेल्ट रविवार को सैन डिएगो स्थित अपने बेस से रवाना हुआ और मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके पहुंचने के बाद इस क्षेत्र में अमेरिका के 3 कैरियर स्ट्राइक ग्रुप फिर से मौजूद हो सकते हैं। हालांकि, तीनों समूहों को लंबे समय तक क्षेत्र में बनाए रखने का फैसला अभी नहीं हुआ है।
यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन अभी भी इलाके में है, जबकि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश अस्थायी रूप से क्षेत्र से बाहर गया है। अगर रूजवेल्ट के पहुंचने के बाद 3 कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मिडिल ईस्ट में रहते हैं, तो यह इस साल अप्रैल के आखिर जैसी स्थिति होगी। इससे पहले 2003 में इराक पर अमेरिकी हमले के शुरुआती दौर के दौरान अमेरिका के तीन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व में थे। हालांकि, यूएस सेंट्रल कमांड ने इन तैनातियों पर अधिक जानकारी नहीं दी। कमांड ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह सैन्य यूनिट्स के कार्यक्रम के बारे में जानकारी साझा नहीं करता।
तेल और गैस ठिकानों की कैसे होगी सुरक्षा
इसी बीच सोमवार को USS मेकिन आइलैंड एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप भी मिडिल ईस्ट के लिए रवाना हुआ। इसमें एक असॉल्ट शिप, विमान और करीब 2200 मरीन सैनिक हैं। यूएसएस बॉक्सर एम्फीबियस रेडीनेस ग्रुप पहले से होर्मुज स्ट्रेट के पास अभियान चला रहा है। अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों में कतर और सऊदी अरब में तेल और गैस ठिकानों की सुरक्षा के लिए 2 अतिरिक्त मिसाइल बैटरियां भी भेजी हैं। इस तैनाती का मकसद अमेरिकी सहयोगी देशों को यह भरोसा दिलाना था कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ नए हमले का आदेश देते हैं तो अमेरिका ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा करेगा।
क्या ईरान पर सैन्य हमले की संभवना?
डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर सैन्य हमले बढ़ना संभव है। इस बीच नौसेना की तैयारियों पर भी दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक 2 कैरियर रखना भी दबाव डाल सकता है, जबकि तीन कैरियर बनाए रखना इससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगा। मध्य पूर्व में फिर सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका का असर तेल बाजार पर भी दिख रहा है। सैन्य कार्रवाई की चिंता के बीच ब्रेंट क्रूड 0.4 प्रतिशत बढ़कर 102.74 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसमें 4 प्रतिशत की तेजी आई थी।
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