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‘खौफ के 32 साल…’,बॉलीवुड में क्या फिर वापस आ रहा 90 के दशक का डर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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गंदा है पर धंधा है, बॉलीवुड के इस कहानी की शुरुआत करीम लाला, हाजी मस्तान जैसे सरगना से शुरू हुई थी, जिसमें बाद में इसमें दाऊद इब्राहिम से लेकर छोटा राजन जैसे नाम जुड़ते गए। वहीं रविवार 18 अक्टूबर की घटी एक घटना एक बार फिर 90 के दशक के उस खौफनाक दौर की याद दिला दी है

अंडरवर्ल्ड की दुनिया को बॉलीवुड अक्सर सिल्वर स्क्रिन पर दिखाता आया है। 90 के दशक की कई फिल्मों में आपको अंडरवर्ल्ड और उससे जुड़े लोगों की कहानियां भी दिख जाएंगी। उस दशक में सिर्फ फिल्में ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी मायानगरी पर अंडरवर्ल्ड का दखल काफी हद तक था। गंदा है पर धंधा है, बॉलीवुड के इस कहानी की शुरुआत, हाजी मस्तान जैसे सरगना से शुरू हुई थी, जिसमें बाद में दाऊद इब्राहिम जैसे नाम जुड़ते गए। वहीं रविवार 18 अक्टूबर की घटी एक घटना ने एक बार फिर 90 के दशक के उस खौफनाक दौर की याद दिला दी है।

रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के कार पर फायरिंग हुई। इस घटना ने बॉलीवुड की उन पुरानी घटनाओं की याद दिला दी, जब फिल्मी सितारों को निशाना बनाकर गोलीबारी की जाती थी और उन्हें धमकियां दी जाती थीं। खासकर 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में अंडरवर्ल्ड के गिरोह बॉलीवुड में अपना दबदबा बनाने की कोशिश करते थे।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के अंडरवर्ल्ड और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के बीच संबंध 1960 के दशक से ही रहे हैं। उस दौर में हाजी मस्तान जैसे गैंगस्टर फिल्मी हस्तियों के साथ उठते-बैठते थे और फिल्मों में पैसा भी लगाते थे। लेकिन 1980 और 1990 के दशक में यह रिश्ता धीरे-धीरे दबाव और धमकियों में बदलने लगा। आरोप है कि आपराधिक गिरोह फिल्मों में पैसा लगाने के बदले अपनी शर्तें मनवाना चाहते थे। उनका दखल यहां तक था कि, वो कभी-कभी फिल्मों के हीरो तक चुनने का काम करते।

1990 का दशक: डर और खौफ

1990 के दशक में फिल्मी दुनिया से जुड़ी खौफनाक घटनाएं सामने आने लगीं। इनमें से एक मामला जून 1994 में फिल्म निर्माता जावेद रिजवी सिद्दीकी की हत्या का था। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई एक रिपोर्ट में जावेद रिजवी सिद्दीकी का नाम फिल्म इंडस्ट्री की उन हस्तियों में शामिल था, जिन्हें आपराधिक हिंसा का निशाना बनाया गया था। इसी लिस्ट में जुलाई 1994 में फिल्म निर्माता फिरोज सराफ खान पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया था।

7 मार्च 1997 को फिल्म निर्माता और निर्देशक मुकेश दुग्गल की मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित उनके ऑफिस में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वो गोपी किशन फिल्म के डायरेक्टर थे। पुलिस को शक था कि मुकेश दुग्गल की हत्या छोटा राजन और छोटा शकील के साथियों के बीच चल रही दुश्मनी से जुड़ी हो सकती है।

गुलशन कुमार की हत्या

31 जुलाई 1997 को फिल्म प्रोड्यूसर राजीव राय पर मुंबई के तारदेव इलाके में उनके ऑफिस के बाहर हमला किया गया था। राजीव राय ने त्रिदेव और गुप्त जैसी फिल्मों के डायरेक्टर थे। हमले के दौरान उनके बॉडीगार्ड ने जवाबी गोलीबारी की, जिससे राजीव राय की जान बच गई। बताया गया था कि हमलावर अबू सलेम के गिरोह से जुड़े थे। हमले से पहले राजीव राय को धमकियां भी मिली थीं। इसके करीब दो हफ्ते बाद, 12 अगस्त 1997 को संगीत कंपनी टी-सीरीज के फाउंडर और सिंगर गुलशन कुमार की मुंबई के अंधेरी इलाके में एक मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या बॉलीवुड और संगीत जगत में अंडरवर्ल्ड के बढ़ते दखल से जुड़ी सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गई।

मनमोहन शेट्टी और राकेश रोशन भी बने निशाना

1990 के दशक के अंतिम सालों में भी बॉलीवुड में हमलों का सिलसिला जारी रहा। फिल्म निर्माता और एडलैब्स के फाउंडर मनमोहन शेट्टी दिसंबर 1999 में अपनी जान पर हुए हमले में बाल-बाल बच गए थे। इंडिया टुडे की 2003 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अबू सलेम के लिए काम करने वाले एक शूटर ने 27 दिसंबर 1999 को मनमोहन शेट्टी को गोली मारने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद मनमोहन शेट्टी ने अपनी सेफ्टी के लिए हथियारों के साथ बॉडीगार्ड तक रखने लगे थे।

21 जनवरी 2000 को एक्टर और डायरेक्टर राकेश रोशन पर मुंबई के सांताक्रूज इलाके में उनके ऑफिस के बाहर गोलीबारी हुई थी। यह घटना उनके बेटे ऋतिक रोशन की पहली फिल्म ‘कहो ना…प्यार है’ के रिलीज के कुछ समय बाद हुई थी। इस हमले में एक गोली राकेश रोशन के हाथ में लगी, जबकि दूसरी उनके सीने को छूकर निकल गई। इलाज के बाद उनकी जान बच गई।

बाद में मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में राकेश रोशन ने बताया था कि अंडरवर्ल्ड चाहता था कि, ऋतिक रोशन उसके साथियों के पैसे से बनने वाली एक फिल्म में काम करें। लेकिन राकेश रोशन ने उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया था। उन्होंने अपने बेटे की शूटिंग की तारीखें बदलने से भी मना कर दिया था। अप्रैल 2026 में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने भी इस घटना को लेकर ऐसा ही दावा किया था। उनके मुताबिक, छोटा शकील के गिरोह के दबाव के आगे झुकने से राकेश रोशन के इनकार के बाद उन पर गोलीबारी की गई थी।

बॉलीवुड से जुड़े लोगों पर हमलों की टाइमलाइन

1994 — जावेद रिजवी सिद्दीकी (फिल्म प्रोड्यूसर): हत्या

1997 — मुकेश दुग्गल (फिल्म प्रोड्यूसर): हत्या

1997 — राजीव राय (फिल्म डायरेक्टर): हमले में सेफ

1997 — गुलशन कुमार (म्यूजिक डायरेक्टर): हत्या

1999 — मनमोहन शेट्टी (फिल्म प्रोड्यूसर): हमले में सेफ

2000 — राकेश रोशन (एक्टर और फिल्म प्रोड्यूसर): गोली लगने से घायल

2001 — दिनेश आनंद (फिल्म प्रोड्यूसर): हत्या

2002 — लॉरेंस डिसूजा (फिल्म प्रोड्यूसर और डायेक्टर): हमले में सेफ

2024 — सलमान खान (एक्टर): हमले में सेफ

2025 — दिशा पाटनी (एक्ट्रेस): हमले में सेफ

2026 — रोहित शेट्टी (फिल्म डायरेक्टर): हमले से सेफ

SOURCE : LIVE HINDUSTAN