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गौतम अडानी का सबसे बड़ा ऐलान! भारत में बनाएंगे 10 GW का न्यूक्लियर पावर प्लांट, ये है पूरा प्लान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत के एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। देश के प्रमुख उद्योगपति और अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने घोषणा की है कि कंपनी साल 2035 तक 10 गीगावॉट (GW) परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। यह पहली बार है, जब अडानी ग्रुप ने आधिकारिक तौर पर परमाणु एनर्जी सेक्टर में एंट्री की योजना का खुलासा किया है। इस परियोजना के लिए अडानी एटॉमिक एनर्जी नाम से एक नई पहल शुरू की जाएगी, जिसके लिए जमीन की पहचान भी कर ली गई है।

गौतम अडानी ने ग्रुप की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कहा कि भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों और वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए परमाणु ऊर्जा देश के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा एक ऐसा स्रोत है, जो 24 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध करा सकता है और साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी बहुत कम होता है। यही कारण है कि अडानी ग्रुप इस क्षेत्र में शुरुआती बढ़त हासिल करना चाहता है।

अडानी के अनुसार, ग्रुप का उद्देश्य सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि भारत को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने बताया कि अडानी ग्रुप पहले से ही कोयला खनन, थर्मल पावर, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, गैस वितरण, ट्रांसमिशन और हाइड्रो पावर जैसे क्षेत्रों में एक्टिव है। अब परमाणु ऊर्जा को जोड़कर कंपनी एक पूर्ण “इंटीग्रेटेड एनर्जी प्लेटफॉर्म” तैयार कर रही है।

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अडानी ग्रुप ने बुनियादी ढांचे और एनर्जी सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जो भारत के कुल निजी सेक्टर के नए निवेश का लगभग 30 प्रतिशत माना जा रहा है। ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी पावर अगले 5 सालों में 45 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता हासिल करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है।

इसके अलावा अडानी ग्रुप ने भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन के साथ मिलकर 5,000 मेगावॉट की हाइड्रो पावर परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया है। वहीं, अडानी टोटल गैस ने 11 लाख से अधिक घरेलू पाइप्ड गैस कनेक्शन का आंकड़ा पार कर लिया है। इससे साफ है कि ग्रुप हर प्रकार की ऊर्जा में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है।

अडानी ग्रुप सिर्फ ऊर्जा तक सीमित नहीं है। कंपनी बंदरगाह, एयरपोर्ट, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और खनन जैसे सेक्टर में भी तेजी से विस्तार कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ग्रुप का कुल रेवेन्यू 2.92 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि नेट प्रॉफिट बढ़कर 46,376 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

एक्सपर्ट का मानना है कि अगर अडानी ग्रुप 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने में सफल रहता है, तो यह भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। इससे देश की बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर होगी, आयातित फ्यूल पर निर्भरता कम होगी और एनर्जी सेक्टर के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अडानी ग्रुप का यह कदम भारत को भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN