Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांतिवार्ता के बीच शुक्रवार का दिन थोड़ा उथल-पुथल वाला रहा। जहां एक तरफ यूएई की तरफ से अलर्ट जारी हुआ। वहीं, ईरान ने तीन विदेशी जहाजों को वापस लौटा दिया।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांतिवार्ता के बीच शुक्रवार का दिन थोड़ा उथल-पुथल वाला रहा। जहां एक तरफ यूएई की तरफ से अलर्ट जारी हुआ। वहीं, ईरान ने तीन विदेशी जहाजों को वापस लौटा दिया। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है। ईरान के प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम्यूनिकेशन लाइन स्थापित हो चुकी है। इस बीच इजरायल की तरफ से भी ईरान के लिए चेतावनी जारी की गई है। यहां के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने शुक्रवार को कहाकि अगर ईरान इजरायल पर कोई भी हमला करता है तो इसे उसकी बहुत बड़ी गलती माना जाएगा।
किसने जारी किया अलर्ट
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अधिकारियों ने शुक्रवार को दुबई के लिए मिसाइल हमले का अलर्ट जारी किया। स्थानीय समयानुसार शाम 5:15 बजे के तुरंत बाद जारी की गई इस चेतावनी का कारण तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। ओमान के तट के पास गुरुवार को एक टैंकर पर ड्रोन हमले के लिए ईरान पर शक जताया जा रहा है। हालांकि कुछ मिनटों बाद अधिकारियों ने बिना कोई विस्तृत जानकारी दिए ‘ऑल क्लियर’ (खतरा टल जाना) का संकेत दे दिया। खबरों के मुताबिक दुबई की तरफ मिसाइल के आने के अलर्ट के बाद अधिकारियों ने लोगों से पिछले अलर्ट को नजरअंदाज करने के लिए कहा।
टैंकर लौटाने पर क्या बोला ईरान
ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि तीन विदेशी टैंकर्स को वापस लौटा दिया गया है। यह टैंकर अनाधिकारिक रूप से होमुर्ज से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसको लेकर आईआरजीसी नेवी ने उन्हें चेतावनी भी दी थी। यह घटना ईरान की उस चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद हुई है, जिसमें उसने कहा था कि जहाजों को सुरक्षित रास्ता तभी दिया जाएगा, जब वे ईरान द्वारा स्वीकृत रास्तों पर चलेंगे। ईरान का यह रुख अमेरिका के उस दावे को सीधे चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि हालिया युद्धविराम ढांचे के तहत होर्मुज को फिर से खोल दिया गया है।
यूके समुद्री व्यापार संचालन (यूकेएमटीओ) ने अलग से जानकारी दी कि ओमान के दाहित बंदरगाह से 7.5 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में एक जहाज पर अज्ञात हमला किया गया। हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ऊर्जा बाजार में टेंशन
इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों में चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसके चलते तेल की कीमतें ऊपर चली गईं। वजह, व्यापारियों ने होर्मुज से होने वाली शिपमेंट की सुरक्षा का नए सिरे से आकलन किया है। गौरतलब है कि वैश्विक कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। यह हमला इस जलमार्ग पर दबाव बनाने की ईरान की निरंतर क्षमता बताता है। होर्मुज एक ऐसा संकरा रास्ता है, जहां से दुनिया के कुल तेल प्रवाह का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान यह दबाव तब बना रहा है, जब वह एक ऐसे समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बिना किसी बाधा के होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना और दुश्मनी को कम करना है।
समझौते में क्या हुआ था
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच 17 जून को समझौता हुआ था। इसमें 60 दिनों के लिए होर्मुज को फिर से खोलने की प्रतिबद्धता जताई गई थी। वहीं, परमाणु प्रतिबंधों, प्रतिबंधों से राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्थाओं पर व्यापक बातचीत जारी है। यह ताजा तनाव ऐसे समय में आया है, जब यह समझौता अस्पष्टता और ईरान के दावे को लेकर पहले से ही आलोचना का सामना कर रहा है। इस दावे में ईरान ने कहा है कि होर्मुज से गुजरने वाले रास्तों को नियंत्रित करने का अधिकार उसी के पास है।
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