Source :- LIVE HINDUSTAN
काम का दबाव, फोन की लगातार घंटियां और सोशल मीडिया की भागदौड़ से परेशान हैं? Gen Z के बीच इन सबसे थोड़ी दूरी बनाकर खुद पर ध्यान देने का एक नया तरीका चर्चा में है, जिसे मोंक मोड कहा जाता है।
कभी काम इतना बढ़ जाता है कि समझ नहीं आता पहले क्या करें। ऊपर से फोन में लगातार मैसेज आते रहते हैं और सोशल मीडिया पर कुछ ना कुछ नया चलता रहता है। ऐसे में कई बार मन करता है कि कुछ समय के लिए सबसे दूर हो जाएं और बस खुद पर ध्यान दें। Gen Z के बीच इसी तरह का एक तरीका चर्चा में है, जिसे मोंक मोड कहा जाता है। लेकिन मोंक मोड में आखिर करना क्या होता है? और लोग इसे क्यों अपना रहे हैं? चलिए आसान भाषा में समझते हैं।
मोंक मोड क्या है?
मोंक मोड का सीधा सा मतलब है कुछ समय के लिए अपनी जिंदगी से ध्यान भटकाने वाली चीजों को दूर रखना। यानी कुछ समय के लिए फोन, सोशल मीडिया और दूसरी गैरजरूरी चीजों को कम करके अपने जरूरी कामों पर ध्यान देना। कोई पढ़ाई पर ध्यान देता है, कोई काम पर, तो कोई अपनी सेहत और रोज के रूटीन पर।
- सोशल मीडिया से थोड़ी दूरी
मोंक मोड में सबसे पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम करने का ट्राई करते हैं। कई लोग कुछ दिनों के लिए सोशल मीडिया के ऐप हटा देते हैं, जबकि कुछ लोग इन्हें चलाने का समय तय कर लेते हैं। मतलब बस इतना है कि हर थोड़ी देर में फोन उठाकर वीडियो या पोस्ट देखने की आदत कम हो।
- एक समय में एक ही काम
एक साथ कई काम करने से अक्सर किसी भी काम पर पूरा ध्यान नहीं लग पाता। मोंक मोड में एक समय पर एक काम करने पर फोकस किया जाता है। अगर पढ़ाई कर रहे हैं तो उस समय फोन दूर रखें। काम कर रहे हैं तो बार-बार मैसेज देखने से बचें। इससे ध्यान भटकने की आदत कम करने में मदद मिल सकती है।
Gen Z इसे क्यों अपना रहे हैं?
आजकल फोन और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं। खाली समय मिलते ही फोन देखना या लगातार छोटे-छोटे वीडियो देखना बहुत नॉर्मल हो गया है। इससे कई लोगों को लगता है कि उनका काफी समय बिना किसी काम के निकल जाता है। मोंक मोड इसी आदत को थोड़ा कम करने और अपना ध्यान जरूरी कामों पर लगाने का एक तरीका बन गया है।
क्या इसका मतलब पूरी तरह अकेले रहना है?
ऐसा जरूरी नहीं है। मोंक मोड का मतलब लोगों से पूरी तरह रिश्ता तोड़ना नहीं है। आप परिवार के साथ समय बिताएं, दोस्तों से बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर मदद भी ले सकते हैं। बस कोशिश इतनी रहती है कि अपना ज्यादातर समय उन चीजों को दिया जाए जो आपके लिए जरूरी हैं।
मोंक मोड शुरू कैसे करें?
इसके लिए एकदम से फोन बंद करने या कई दिनों तक सोशल मीडिया छोड़ने की जरूरत नहीं है। शुरुआत रोज सिर्फ एक-दो घंटे फोन से दूर रहकर की जा सकती है। इस समय में पढ़ाई, काम, एक्सरसाइज, किताब पढ़ना या कोई ऐसा काम करें जो आपको पसंद हो। धीरे-धीरे आप अपने लिए एक सिंपल रूटीन बना सकते हैं।
मोंक मोड के क्या फायदे हैं?
- ध्यान लगाने में मदद: बार-बार फोन देखने की आदत कम होने पर पढ़ाई या काम पर फोकस करना आसान हो जाता है।
- समय की बचत: सोशल मीडिया पर घंटों बिताने के बजाय वही समय किसी जरूरी या पसंदीदा काम में लगाया जा सकता है।
- रूटीन बेहतर होता है: रोज एक तय समय पर उठना, व्यायाम करना और जरूरी काम पूरे करना दिन को ज्यादा व्यवस्थित बनाता है।
- खुद के लिए समय मिलता है: हर समय दूसरों की जिंदगी देखने के बजाय अपने काम, पसंद और लक्ष्यों पर ध्यान देने का मौका मिलता है।
- दिमाग को ब्रेक मिलता है: लगातार आने वाले मैसेजेस और नोटिफिकेशंस से कुछ समय दूर रहने पर दिमाग को भी आराम मिलता है।
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