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महंगा होने वाला है हवाई सफर! 25% तक बढ़ सकते हैं एयर टिकट के दाम, सामने आई बड़ी वजह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक अहम खबर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और जेट फ्यूल (ATF) की सप्लाई में आ रही दिक्कतों के कारण एयर टिकट की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में हवाई किराया 20% से 25% तक महंगा हो सकता है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

दरअसल, एयरलाइंस के कुल ऑपरेशन खर्च का बड़ा हिस्सा फ्यूल पर खर्च होता है। आमतौर पर किसी एयर टिकट की कीमत में लगभग 30% हिस्सा फ्यूल कॉस्ट का होता है। ऐसे में अगर जेट फ्यूल महंगा होता है, तो एयरलाइंस अतिरिक्त बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य-पूर्व में बढ़े तनाव और कुछ प्रमुख रिफाइनरियों में उत्पादन संबंधी चुनौतियों के कारण जेट फ्यूल की सप्लाई प्रभावित हुई है। खासतौर पर खाड़ी देशों और एशिया के वे देश, जो दुनिया को बड़ी मात्रा में जेट फ्यूल सप्लाई करते हैं, वहां उत्पादन और निर्यात पर दबाव बढ़ा है। यही वजह है कि जेट फ्यूल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

एक्सपर्ट का कहना है कि “जेट फ्यूल क्रैक स्प्रेड” में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। क्रैक स्प्रेड उस अंतर को कहा जाता है, जो कच्चे तेल (Crude Oil) और उससे बनने वाले तैयार फ्यूल की कीमत के बीच होता है। आमतौर पर यह अंतर 20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहता था, लेकिन 2026 में इसके 50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने की आशंका जताई गई है।

स्थिति को और जटिल बनाने वाला एक बड़ा कारण है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz)। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है। हाल के संघर्षों के चलते यहां से तेल और ईंधन की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि, अब जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन वैश्विक भंडार (Inventories) काफी हद तक खाली हो चुके हैं और उन्हें दोबारा भरने में समय लगेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन, भारत और दक्षिण कोरिया जैसे कई एशियाई देशों ने अपने घरेलू हितों को देखते हुए ईंधन निर्यात पर कुछ प्रतिबंध लगाए हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई और सीमित हो गई है।

एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आने वाले महीनों में स्थिति कुछ बेहतर हो जाए, लेकिन जेट फ्यूल की कीमतें कई महीनों तक ऊंची बनी रह सकती हैं। इसका सीधा असर एयरलाइंस की लागत पर पड़ेगा और अंततः यात्रियों को महंगे टिकट के रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है, यानी अगर आप छुट्टियों, बिजनेस ट्रिप या किसी अन्य यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो टिकट पहले से बुक करना समझदारी भरा फैसला हो सकता है। आने वाले समय में हवाई सफर आपकी जेब पर पहले से ज्यादा भारी पड़ सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN