Home rss business hindi शेयर बाजार में कैसे लौटी बहार? आज निवेशकों के नुकसान में 5...

शेयर बाजार में कैसे लौटी बहार? आज निवेशकों के नुकसान में 5 लाख करोड़ की भरपाई

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • Stock Market Updates: आज सुबह के कारोबर में ही सेंसेक्स दिन में 854 अंक यानी 1.2% चढ़कर 72,447तक पहुंच गया
  • गुरुवार को बाजार में जो तबाही हुई थी, उसने निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से डूबो दिए थे
  • आज बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार के गिरावट के तूफान के बाद शुक्रवार 9 अक्टूबर को जोरदार वापसी देखने को मिली। दलाल स्ट्रीट में बहार लौट आई। सेंसेक्स-निफ्टी की इस उड़ान के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सैन्य हमले को लेकर रुख में बदलाव है। वहीं, टीसीएस के नतीजे भी इस तेजी के एक महत्वपूर्ण कारण में से एक हैं।

आज सुबह के कारोबर में ही सेंसेक्स दिन में 854 अंक यानी 1.2% चढ़कर 72,447 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 284 अंक यानी 1.3% की बढ़त के साथ 22,515का स्तर छुआ।

सुबह 10:30 बजे तक बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। गुरुवार को बाजार में जो तबाही हुई थी, उसने निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से डूबो दिए थे। ऐसे में शुक्रवार की तेजी ने निवेशकों की सांस थोड़ी लौटाई। हालांकि हर सेक्टर में खुशी नहीं लौटी है।

शेय बाजार में तेजी के 3 कारण

टीसीएस के नतीजे: बजार में सबसे बड़ा दम टीसीएस के नतीजों से आया। टीसीएस ने सितंबर तिमाही में मुनाफा 15% बढ़ाकर 13,884 करोड़ रुपये किया, जबकि रेवेन्यू 11% बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में 5% तक तेजी आई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ा। ट्रंप के H-1B वीजा पर 1,00,000 डॉलर फीस वाले बयान के बावजूद निवेशकों ने कंपनियों की कमाई और AI के बिजनेस पर फोकस किया।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी मदद की। ब्रेंट क्रूड 72 सेंट यानी 0.7% गिरकर 103.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। WTI क्रूड 52 सेंट यानी 0.6% फिसलकर 90.97 डॉलर प्रति बैरल रहा। गुरुवार को ब्रेंट में करीब 4% की उछाल आई थी। भारत जैसे देश के लिए तेल की कीमतें बहुत मायने रखती हैं, क्योंकि इससे आयात बिल, रुपया और महंगाई पर असर पड़ता है।

ईरान पर ट्रंप का बयान: ट्रंप के ईरान को लेकर बयान से भी बाजार को सहारा मिला। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि तेहरान के साथ उपयोगी बातचीत हुई है और होर्मुज स्ट्रेट से रिकॉर्ड तेल गुजर रहा है। उन्होंने अगले महीने अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान पर नए हमले टालने का संकेत दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नौसेना नाकाबंदी जारी रहेगी।

क्या बाजार में तेजी टिक पाएगी?

जियोजित के वी के विजयकुमार का कहना है कि महंगा कच्चा तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार पर भारी पड़ सकते हैं। इन दो कारणों से बाजार का नजरिया “सेल ऑन रैली” हो गया है। विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे अच्छे ब्लूचिप शेयरों में भी दबाव है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह करेक्शन मौका भी बना सकता है। इतिहास कहता है कि संकट में अच्छे शेयर सस्ते मिलते हैं। मिड से लॉन्ग टर्म के लिए रिस्क-रिवॉर्ड अब बेहतर दिख रहा है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN