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शेयर बाजार में टाटा संस की लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने दिए सख्त संदेश

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मुख्य बातें

  • आरबीआई गवर्नर ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि टाटा संस जैसी बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य है
  • बता दें कि टाटा संस, लिस्टिंग की बजाए दूसरे विकल्पों पर विचार करने के लिए आरबीआई से अपील करना चाहती है

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से बड़ा झटका लगा है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि टाटा संस जैसी बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब टाटा संस, लिस्टिंग की बजाए दूसरे विकल्पों पर विचार करने के लिए आरबीआई से अपील करना चाहती है।

क्या कहा आरबीआई गवर्नर ने?

संजय मल्होत्रा ने टाटा संस को अपर लेयर की एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किए जाने को सही ठहराते हुए कहा कि पब्लिक फंड तक प्रत्यक्ष या परोक्ष पहुंच रखने वाली बड़ी एनबीएफसी और मुख्य निवेश कंपनियों (सीआईसी) के लिए केंद्रीय बैंक के साथ रजिस्टर्ड होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टाटा संस जैसी बड़ी एनबीएफसी और सीआईसी समूह की कंपनियों के शीर्ष पर होती हैं और फंड जुटाने के लिए समूह की कंपनियों के बहीखाते का इस्तेमाल करती हैं। इससे पब्लिक फंड के लिए प्रणालीगत जोखिम पैदा होता है।

मल्होत्रा ने कहा, “पब्लिक फंड कॉरपोरेट बॉन्ड, बैंकों और अन्य माध्यमों से आता है। इसलिए ऐसी कंपनियों का आरबीआई के साथ रजिस्ट्रेशन जरूरी है। हालांकि, जिन सीआईसी की पब्लिक फंड तक प्रत्यक्ष या परोक्ष पहुंच नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता से छूट है।” आरबीआई गवर्नर ने कहा कि यदि कोई कंपनी आरबीआई की परिभाषा के तहत अपर लेयर की एनबीएफसी श्रेणी में आती है तो उसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध भी होना होगा।

रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लौटाने की अर्जी खारिज

बता दें कि पिछले महीने आरबीआई ने टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लौटाने की अर्जी खारिज कर दी थी। इससे टाटा संस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना बढ़ गई है। टाटा संस को सितंबर, 2022 में अपर लेयर की एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। कंपनी ने मार्च, 2024 में रजिस्ट्रेशन से बाहर होने के लिए आवेदन किया था और इस श्रेणी से बाहर निकलने की पात्रता हासिल करने के क्रम में अपना कर्ज भी चुका दिया था।

इस बीच, टाटा संस का निदेशक मंडल संभावित सूचीबद्धता से जुड़े कदम आगे बढ़ा चुका है। हालांकि, समूह के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद बढ़ने के बीच कंपनी ने अन्य विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही है। बीते दिनों टाटा संस की बैठक में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने लिस्टिंग का विरोध करते हुए आरबीआई के सामने नए विकल्पों के साथ जाने की सलाह दी थी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN