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₹14.65 लाख CTC पर भी नहीं देना पड़ेगा इनकम टैक्स! नए टैक्स रिजीम में ऐसे जीरो हो सकती है टैक्स देनदारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Income Tax: ज्यादातर नौकरीपेशा लोगों को लगता है कि अगर उनकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपये से ज्यादा है तो उन्हें नए टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स देना ही होगा। लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। अगर आपकी सालाना कॉस्ट टू कंपनी (CTC) 14.65 लाख रुपये है। सैलरी का स्ट्रक्चर सही तरीके से बनाया गया है, तो आपकी टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये से नीचे आ सकती है। ऐसे में आपकी इनकम टैक्स देनदारी जीरो हो सकती है।

ये है 14.65 लाख रुपये सैलरी पर कैलकुलेशन

मान लीजिए किसी कर्मचारी की सालाना CTC 14.65 लाख रुपये है और उसकी बेसिक सैलरी कुल CTC का 50 प्रतिशत यानी 7,32,500 रुपये है। नए टैक्स रिजीम में सबसे पहले सभी सैलरीड कर्मचारियों को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसके बाद टैक्सेबल सैलरी घटकर 13.90 लाख रुपये रह जाती है।

अब अगर नियोक्ता (Employer) कर्मचारी के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में बेसिक सैलरी का 14 प्रतिशत योगदान करता है, तो यह 1,02,550 रुपये होगा। वहीं, बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत इम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF) में योगदान करने पर 87,900 रुपये होते हैं। इन दोनों को मिलाकर कुल 1,90,450 रुपये का अमाउंट टैक्सेबल इनकम को कम करने में मदद करेगा।

इस तरह 13.90 लाख रुपये की टैक्सेबल सैलरी में से 1,90,450 रुपये घटाने पर अंतिम टैक्सेबल इनकम 11,99,550 रुपये रह जाती है। अब यह अमाउंट 12 लाख रुपये से कम है, इसलिए नए टैक्स रिजीम में मिलने वाले सेक्शन 87A के तहत 60,000 रुपये की टैक्स छूट का फायदा मिल सकता है। इससे कर्मचारियों की इनकम टैक्स देनदारी जीरो हो सकती है।

इस टैक्स सेविंग में सबसे बड़ा रोल नियोक्ता के एनपीएस और ईपीएफ योगदान की है। सेक्शन 80CCD(2) के तहत नियोक्ता कर्मचारी के एनपीएस खाते में किये गए योगदान में टैक्स डिडक्शन के लिए पात्र होता है। नए टैक्स रिजीम में सभी तरह के नियोक्ता कर्मचारी की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर अधिकतम 14 प्रतिशत तक NPS योगदान पर यह लाभ दे सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर कंपनी का सैलरी स्ट्रक्चर अलग होता है। अगर आपके नियोक्ता की ओर से एनपीएस की सुविधा नहीं दी जाती या बेसिक सैलरी का रेशो अलग है, तो आपकी टैक्सेबल इनकम और अंतिम टैक्स देनदारी भी अलग हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN