Home BUSINESS NEWS HINDI ₹522 करोड़ का मिला ऑर्डर तो HFCL शेयर खरीदने को टूटे निवेशक,...

₹522 करोड़ का मिला ऑर्डर तो HFCL शेयर खरीदने को टूटे निवेशक, 195% चढ़ा स्टॉक

4
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी HFCL के शेयर में सोमवार को जोरदार उछाल आया। बीएसई पर यह 5% चढ़कर 203 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी की वजह कंपनी को मिला एक बड़ा इंटरनेशनल ऑर्डर है, जिसकी कीमत करीब 522.73 करोड़ रुपए है। इस खबर ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया और वो खरीदारी के लिए टूट पड़े।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट जनवरी 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा, हालांकि ऑर्डर देने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनी का नाम उसने सार्वजनिक नहीं किया है।

पिछले 6 महीनों में 195% की छलांग

HFCL के शेयर ने पिछले 6 महीने में छप्परफाड़ रिटर्न दिया है। यह 195% तक चढ़ चुका है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भी ध्यान इस पर गया है। मार्च तिमाही में FIIs की हिस्सेदारी 7.1% थी, जो जून तिमाही में बढ़कर 15.7% हो गई। यानी उन्होंने अपनी हिस्सेदारी दोगुनी से भी ज्यादा कर ली।

Q1 नतीजे: घाटे से मुनाफे की ओर

HFCL ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 246 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे 29.30 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। कंपनी की ऑपरेशनल इनकम 1,915 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के 871 करोड़ रुपए से 120% ज्यादा है।

इस तिमाही में HFCL का ऑर्डर बुक भी अपने सर्वोच्च स्तर यानी करीब 26,665 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो उसकी सालाना आय का लगभग पांच गुना है। इससे आने वाले समय में राजस्व को लेकर साफ नजरिया मिलता है।

निर्यात से होने वाली कमाई में बूम

निर्यात से होने वाली कमाई भी तेजी से बढ़ी है। Q1FY27 में एक्सपोर्ट रेवेन्यू 1,063.30 करोड़ रुपए था, जो कुल आय का 55.53% है। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 209.70 करोड़ (कुल का 24.08%) था।

कंपनी ने अपने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को संशोधित कर 40% कर दिया है। साथ ही, बोर्ड ने एडवांस्ड AI डेटा सेंटर कनेक्टिविटी सॉल्यूशंस के लिए 215 करोड़ रुपए का निवेश भी मंजूर किया है।

क्या अब भी खरीदारी का समय है?

ब्रोकरेज फर्म देवेन चोकसे रिसर्च का मानना है कि HFCL में अभी भी 86.50% की तेजी की गुंजाइश है। उन्होंने स्टॉक पर ‘खरीदें’ की रेटिंग देते हुए 362 रुपए का टार्गेट प्राइस तय किया है। उनके अनुसार, कंपनी का डिफेंस और एयरोस्पेस सेगमेंट ‘एक्स-फैक्टर’ है, जो निवेश की पूरी थीम बदल सकता है।

HFCL ने अपने डिफेंस कारोबार को HFCL एडवांस सिस्टम्स (HASPL) में कंसोलिडेट कर दिया है। इसमें एयरोस्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग, रडार और सर्विलांस सिस्टम और थर्मल वेपन साइट्स शामिल हैं। आंध्र प्रदेश में एक गोला-बारूद मैंन्युफैक्चरिंग यूनिट भी स्थापित की जा रही है, जहां इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज, मल्टी-मोड हैंड ग्रेनेड और 155 मिमी आर्टिलरी शेल बनेंगे।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि डिफेंस से HFCL की आमदनी FY26 में 77 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 में 400 करोड़, 2028 में 1,200 करोड़ और 2029 में 5,000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इसमें 25% से ज्यादा EBITDA मार्जिन होगा। खास बात यह है कि डिफेंस ग्राहक एडवांस पेमेंट देते हैं, जिससे कंपनी की कार्यशील पूंजी पर दबाव कम होता है, यह पुराने EPC बिजनेस के मुकाबले बड़ा फायदा है।

AI ऑप्टिकल कनेक्टिविटी में नया कदम

HFCL अब सिर्फ ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बनाने वाली कंपनी नहीं रही, बल्कि वह ‘OptiQ AI’ ब्रांड के तहत हाई-वैल्यू AI ऑप्टिकल कनेक्टिविटी समाधान दे रही है। इसकी सहायक कंपनी HTL लिमिटेड के जरिए डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट सॉल्यूशंस से 2027 में 400 करोड़ और 28 में 800 करोड़ रुपए का राजस्व आने का अनुमान है, जो कंपनी के औसत मार्जिन से ज्यादा होगा। दुनियाभर में AI ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट का बाजार CY30 तक 73 अरब डॉलर का होने का अनुमान है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN