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एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने पिछले दिनों वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 पर्सेंट ब्याज देने का ऐलान किया, तब से लेकर एंप्लॉयीज प्रोविडेंड फंड (EPF) उपभोक्ता अपने अकाउंट बैलेंस पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जून का पहला हफ्ता बीतने के साथ ही कई ईपीएफ मेंबर्स अपनी पासबुक खोलकर लगातार यह चेक कर रहे हैं कि उनके पीएफ खाते में सालाना ब्याज आया या नहीं? लगभग हर साल ब्याज आने से जुड़ा यह सवाल उठता है। कर्मचारियों के पीएफ खातों में ब्याज आने से काफी पहले इंटरेस्ट रेट की घोषणा हो जाती है, लेकिन खातों में यह ब्याज कई हफ्तों या महीनों के बाद दिखता है। यह देरी ईपीएफ सब्सक्राइबर्स के मन में कई तरह के सवाल खड़े करती है कि कहीं इस देरी का असर आगे के इंटरेस्ट कैलकुलेशन पर तो नहीं पड़ेगा?

क्या है EPF की मौजूदा ब्याज दर?
लेबर एंड एंप्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मांडविया की अगुवाई वाले EPFO के सेंट्रल बोर्ड ऑफ टस्ट्रीज (CBT) ने 28 फरवरी 2026 को हुई अपनी मीटिंग में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सालाना 8.25 पर्सेंट का इंटरेस्ट रेट अनाउंस किया है। लगातार तीसरे साल इंटरेस्ट रेट्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड पर मिलने वाला ब्याज 8.15 पर्सेंट था, जिसे बढ़ाया गया है। एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (EPF) पर ब्याज का कैलकुलेशन मंथली रनिंग बैलेंसेज पर किया जाता है, लेकिन जरूरी अप्रूवल्स और अकाउंट-अपडेशन प्रोसेस पूरी होने के बाद सालाना इसको अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है।

खातों में कब ब्याज आने की उम्मीद कर सकते हैं उपभोक्ता?
एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के इंटरेस्ट क्रेडिट होने की कोई तय तारीख अनाउंस नहीं की है। लेकिन, पिछले ट्रेंड संभावित टाइमलाइन का कुछ संकेत दे सकते हैं। पिछले साल फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मई 2025 में 8.25 पर्सेंट के ब्याज को मंजूरी दी। इसके बाद, EPFO ने जून में ईपीएफओ मेंबर्स के अकाउंट्स अपडेट किए। जुलाई के शुरुआती दिनों तक ऑर्गेनाइजेशन ने ज्यादातर उपभोक्ताओं के खातों में इंटरेस्ट क्रेडिट करने का काम पूरा कर लिया। इससे पहले के सालों में यह प्रक्रिया कहीं और तेज थी, जब साल की छमाही के आखिर में खातों में मिलने वाला ब्याज दिखने लगा। अगर वित्त वर्ष 2025-26 में इसी पैटर्न को अपनाया जाता है तो उपभोक्ताओं को आने वाले हफ्तों में अपने अकाउंट्स में ब्याज देखने को मिल सकता है। हालांकि, असल टाइमलाइन इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार कब अप्रूवल की प्रक्रिया को पूरा करती है और EPFO कितनी तेजी से अकाउंट अपडेट्स का काम पूरा करता है।

ब्याज की घोषणा और इसके क्रेडिट होने के बीच अंतर क्यों है?
इंटरेस्ट रेट की घोषणा के साथ ही यह ऑटोमैटिकली ईपीएफ मेंबर्स के अकाउंट में क्रेडिट नहीं हो जाता है। CBT के इंटरेस्ट रेट रिकमंड करने के बाद प्रपोजल को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा जाता है। सरकार की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद EPFO ब्याज का कैलकुलेशन और इसे लाखों खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू करता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी है। एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) दुनिया के सबसे बड़े रिटायरमेंट सेविंग्स सिस्टम्स में से एक को मैनेज करता है। ईपीएफओ फिलहाल योगदान करने वाले 7 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मेंबर्स को मैनेज करता है।

क्या देरी से ब्याज का कोई नुकसान?
कर्मचारियों के पीएफ खातों में ब्याज आने में होने वाली देरी से इंटरेस्ट का कोई नुकसान नहीं होता है। ईपीएफ पासबुक अपडेट में होने वाली देरी किसी सब्सक्राइबर के कमाए गए ब्याज पर असर नहीं डालती है। मतलब यह है कि अगर किसी उपभोक्ता की पासबुक में क्रेडिट देरी से होता है, तो उसे ब्याज का कोई नुकसान नहीं होगा। ईपीएफओ भी लगातार अपने सब्सक्राइबर्स को यह सलाह देता रहता है कि अगर रेट अनाउंस होने के तुरंत बाद इंटरेस्ट एंट्री नहीं दिखती है तो उपभोक्ताओं को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

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