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अटल बिहारी वाजपेयी के साथ पाकिस्तान गया था ये एक्टर, दीवारों को पकड़कर जोर-जोर से रोने लगा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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Bollywood Kissa: आइए आज आपको हम बॉलीवुड के उस एक्टर के बारे में बताते हैं जो आजादी मिलने के 52 साल बाद पाकिस्तान गया था और वहां जाकर उषा नाम पुकारने लगा था।

बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिनका रिश्ता पाकिस्तान (पहले अविभाजित भारत) से रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं बॉलीवुड के एक ऐसा दिग्गज एक्टर भी था जो भारत के बंटवारे के 55 साल बाद बस से पाकिस्तान गया था। इतना ही नहीं, वहां जाकर वह दीवारों को पकड़कर फूट-फूट कर रोने लगा था। आइए आपको ये किस्सा बताते हैं।

किस एक्टर की बात कर रहे हैं हम?

हम बात कर रहे हैं देव आनन्द की। साल 1999 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ देव आनन्द बस से पाकिस्तान के लाहौर गए थे। शायद आपको ये बात न पता हो, लेकिन देव आनन्द ने अपनी पढ़ाई लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से ही की थी। उन्होंने वहां अंग्रेजी साहित्य यानी इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया था। जब अटल बिहारी वाजपेयी के साथ देव आनन्द लाहौर गए थे तब पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ थे। नवाज शरीफ ने भी लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से ही पढ़ाई की थी।

रोते वक्त क्यों पुकारा उषा का नाम?

BBC की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जब देव आनन्द 55 साल बाद लाहौर और अपने कॉलेज पहुंचे तो उनकी आंखों से आंसू निकल गए। वह कॉलेज के दरवाजे को पकड़कर जोर-जोर से रोने लगे। वह वहां की दीवारों को पकड़कर भी रोए और स्टेज पर बैठकर भी। इस दौरान देवा आनन्द ने ‘उषा’ का नाम पुकारा। कौन उषा? उषा उनका प्यार थीं जिन्हें वह कॉलेज के दिनों में पसंद किया करते थे।

देव आनंद के बारे में

देव आनंद का पूरा नाम धर्मदेव पिशोरीमल आनंद था। उनका जन्म अविभाजित भारत के पंजाब के शकरगढ़ तहसील में हुआ था जो कि आज पाकिस्तान का हिस्सा है। BBC के मुताबिक, देव आनन्द लाहौर से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 1943 में बंबई के लिए निकल पड़े थे। तब देवानंद महज 30 रुपये लेकर बंबई आए थे। हालांकि, तब देव आनन्द को ये अंदाजा नहीं था कि उन्हें वापस लाहौर जाने के लिए 55 साल का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। बता दें, देव आनन्द ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्में की थीं। उनके काम की वजह से सिर्फ भारत और पाकिस्तान के लोग ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के लोग भी उन्हें पसंद करते थे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN