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इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट की ये 5 डेड लाइन कर लें नोट वरना बहुत पछताएंगे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ITR Filing 2026-27: इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए कुछ डेडलाइन जारी किए हैं। अगर आप सैलरीड पर्सन हैं या कारोबारी। अगर इन डेडलाइन्स को चूके तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए सीए अजय बगड़िया, सीए अभिनंदन पांडेय और सीए संतोष मिश्रा से समझते हैं 31 जुलाई 2026, 31 अगस्त 2026, 31 अक्टूबर 2026, 31 दिसंबर 2026 और 31 मार्च 2027 की डेड लाइन किसके लिए और क्यो हैं?

सबसे जरूरी तारीख 31 जुलाई 2026

अगर आप कहीं नौकरी करते हैं या पेंशन पाते हैं या फिर घर बेचने या शेयर से मुनाफा कमाते हैं। चाहे आपकी आमदनी का स्रोत सिर्फ सैलरी और कैपिटल गेन है तो आपके लिए ITR फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई है। अगर आप इस डेड लाइन तक ITR नहीं भरते हैं तो आपको जुर्माना और ब्याज दोनों चुकाना होगा। इसके अलावा शेयर या प्रॉपर्टी में हुए घाटे को भविष्य के मुनाफे से एडजस्ट करने का अधिकार भी खत्म हो जाएगा।

31 अगस्त 2026: यह डेड लाइन किसके लिए है

अगर आपका बिजनेसमैन हैं और आपके अकाउंट्स का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपको ITR-3 या ITR-4 भरना है। आपके लिए आईटीआर फाइल करने की लास्ट डेट 31 अगस्त 2026 है। अगर आप इस स्थिति में हैं तो 31 अगस्त का इंतजार करने के बजाय जल्दी तैयारी कर लें, ताकि आखिरी भीड़ और तकनीकी दिक्कतों से बच सकें।

31 अक्टूबर 2026: यह डेड लाइन किसके लिए है

जिन फर्मों का टैक्स ऑडिट जरूरी है, उन्हें आईटीआर दाखिल करने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय मिलता है। यह टाइम बाउंड उनके लिए है, जिन्हें सीए से ऑडिट रिपोर्ट लेना अनिवार्य है। अगर बिजनेस में इंटरनेशन ट्रांजैक्शन शामिल हैं या ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट जमा करनी है, तो लास्ट डेट और आगे बढ़कर 30 नवंबर 2026 हो जाती है। इसलिए अपने बिजनेस के अनुसार सही तारीख जरूर नोट कर लें।

31 दिसंबर 2026: बिलेटेड रिटर्न भरने की डेड लाइन

कई बार किसी कारण के चलते पहले दी हुई डेड लाइन तक आप आईटीआर दाखिल नहीं कर पाते हैं तो ऐसे में निराश होने की जरूरत नहीं है। आप विलंबित रिटर्न यानी बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं। इसके लिए लास्ट डेट 31 दिसंबर 2026 है। लेकिन याद रखें, यह सुविधा मुफ्त नहीं है।

लेट होने के हर महीने पर बकाया टैक्स का 1 प्रतिशत ब्याज लगता है। इसके अलावा अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है तो 5,000 रुपये का लेट फीस देना होगा। 5 लाख तक की आय पर यह चार्ज 1,000 रुपये है।

इसमें सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आप शेयरों, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में हुए कैपिटल लॉस और कारोबारी घाटे को अगले वर्षों में एडजस्ट नहीं कर पाएंगे। इसलिए हर हाल में 31 जुलाई या 31 अगस्त की असल डेडलाइन को पकड़ना ही समझदारी है।

31 मार्च 2027: गलती सुधारने की आखिरी मौका

आपने समय पर रिटर्न भर तो दिया, लेकिन बाद में पता चला कि उसमें कोई गलती रह गई है, कोई कटौती छूट गई है या किसी इनकम की एंट्री गलत हो गई है तो आप संशोधित रिटर्न (रिवाइज्ड रिटर्न) भर सकते हैं। इसे भरने की लास्ट डेट 31 मार्च 2027 है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN