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घर में रखा सोना बेच रहे भारतीय, आखिर किस बात का है डर? सोने के गिरते दाम ने बढ़ा दी टेंशन

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Source :- LIVE HINDUSTAN

भारत में सोने की कीमतों में तेज गिरावट ने परिवारों को अपने पुराने गहने बेचने पर मजबूर कर दिया है। शादी और त्योहारों के पास आने और सोने के दाम आगे गिरने के डर ने लोगों को टेंशन दे दी है। सिर्फ 90 दिनों में 50,000 किलोग्राम सोना भारतीय परिवारों ने बेच दिया है। जनवरी 2026 में 10 ग्राम सोने का भाव 1,80,000 रुपये पर था। आज देश में MCX पर सोने का भाव 1,43,205 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। सोने का भाव बीते पांच महीनों में अपने पीक से करीब 36,000 रुपये नीचे आ चुका है। ज्यादातर भारतीय परिवारों और निवेशकों को सोने के भाव और गिरने का डर सताने लगा है।

90 दिनों में बिका 50 हजार किलोग्राम सोना

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA)के मुताबिक अप्रैल-जून तिमाही में ग्राहकों ने करीब 50 टन यानी 50,000 किलोग्राम पुराना सोना बेचा है। ये एक साल पहले की तुलना में 43 फीसदी अधिक है। देश में 10 ग्राम सोने का भाव 1.43 लाख रुपये है। ज्यादातर लोग पुराना सोना बेचकर नए गहने लेने की जगह कैश ले रहे हैं। ज्यादातर ग्राहकों को लग रहा है कि अगर सोने का भाव और कम हुआ, तो उन्हें अपने निवेश पर रिटर्न कम मिलेगा।

क्या 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आएगा सोना?

ऑल बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेजिडेंट योगेश सिंघल ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि जल्द सोने का भाव 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है। वहीं, ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने लाइव हिन्दुस्तान को बताया कि सोने के भाव में और गिरावट आएगी। बुलियन मार्केट में सोने का भाव 1,35,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। सोने का भाव इंटरनेशनल मार्केट में 3,850 डॉलर से लेकर 4,030 डॉलर प्रति आउंस की रेन्ज में रह सकता है।

क्या सोने के गिरते दाम बन गए चिंता का कारण?

ज्यादातर भारतीय परिवारों को लगता है कि सोने के भाव का पीक अब निकल चुका है। हाल-फिलहाल में नए पीक लेवल की तरफ सोना जाता नहीं दिख रहा है। ऐसे में घर में रखे सोने के दाम कम हो रहे हैं। कहीं दाम और कम न हो जाए, इसी डर से लोग अपना पुराना सोना बेच रहे हैं। सोना बेचने का एक और कारण ये भी है कि देश में तीन महीने बाद त्योहार और शादियों के साएं शुरू हो जाएंगे। जिन्हें शादियों में गहने खरीदने की जरूरत है, वह भी दाम कम होने के डर से पुराना सोना बेच रहे हैं। दिल्ली के मनोज अग्रवाल ने बताया कि नवंबर में उनकी बेटी की शादी है। उन्होंने कहा कि बेचने पर सोने की वैल्यू कम मिलती है। वहीं, खरीदने पर मेकिंग और डिजाइन चार्ज के कारण ज्वैलरी महंगी हो जाती है। ऐसे में दाम कम होने पर पुरानी गोल्ड ज्वैलरी बेचने पर कम पैसा हाथ आएगा। वह वैल्यू कम होने के डर से पुराना सोना बेच कर नया खरीदने का प्लान कर रहे हैं।

करीब 150 टन सोना मार्केट में आया वापिस

देश में सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा इंपोर्ट पर निर्भर करता है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश ने करीब 72.4 अरब डॉलर का सोना इंपोर्ट किया। वहीं, साल 2025 में रीसाइक्लिंग के जरिए लगभग 125 से 150 टन सोना वापस मार्केट में आया। इंडस्ट्री के मुताबिक अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहा तो 2026 में रीसाइक्लिंग से मिलने वाले सोने की क्वांटिटी बढ़कर 200 से 250 टन तक पहुंच सकती है। एक अनुमान के मुताबिक भारतीय परिवारों के पास करीब 30,000 टन सोना है। इंडस्ट्री का मानना है कि सोने की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देकर रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN