Source :- LIVE HINDUSTAN
रोजाना चाय-कॉफी पीने के लिए हम कप का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या ये कप भी एक्सपायर हो जाते हैं। चलिए आपको बताते हैं आखिर चीनी मिट्टी के कप कब फेंक देने चाहिए?
रोजाना चाय-कॉफी पीने के लिए ज्यादातर घरों में चीनी मिट्टी के कप का इस्तेमाल किया जाता है। हर डिजाइन और रंग में ये कप लोग खरीदते हैं और फिर सालों तक एक ही सेट को इस्तेमाल करते हैं। लगभग घरों में रोजाना पीने के लिए सफेद कप रहते हैं और मेहमानों के लिए कप अलग सजाकर रखे जाते हैं। ये कप जब तक पूरी तरह से टूट न जाए या फिर खराब न हो जाए, तब तक हम लोग हटाते नहीं हैं लेकिन क्या इनकी एक्सपायरी डेट नहीं होती या फिर हमें इसके बारे में पता नहीं होता। चलिए आपको बताते हैं चीनी मिट्टी के कप कब बदल लेना चाहिए?
एक्सपायरी डेट नहीं होती
चीनी मिट्टी के कप की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती हैं लेकिन ऐसा भी नहीं है कि आप 10 सालों तक एक ही कप का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, सिरेमिक प्रोडक्ट्स की कोई एक्सपायरी नहीं होती और सिरेमिक काफी टिकाऊ होता है। अगर आप इसका सही से इस्तेमाल करते हैं और सफाई करते हैं, तो ये लंबा चलेगा। लंबे समय तक इन कप को इस्तेमाल करने से ये खराब हो जाते हैं, तेज गर्मी, गिरने, धोने से कप पर निशान पड़ते हैं।
दरार दिखने पर बदलना होगा सही
अगर आपके चीनी मिट्टी के कप में महीन दरारें दिख रही हैं, तो उन्हें बदल लेना चाहिए। दरार अगर छोटी है, तब भी उसे नजरअंदाज न करें और कप को बदल लें। कई बार छोटी दरार को हम अनदेखा कर देते हैं और फिर किसी दिन कप अचानक टूट जाता है।
चिटके कप न करें इस्तेमाल
अगर कप का कोना या फिर हैंडल कही से चिटक गए हैं, तो उन्हें भी इस्तेमाल करने से बचें। ऐसे कप में गर्म चाय रखने से वह अचानक फूट सकते हैं और आपको चिटके हुए कप से चोट भी लग सकती हैं। अगर कप की डिजाइन या रंग हल्के हो चुके हैं, तब भी उन्हें बदल दीजिए। कई बार कप की डिजाइन ऐसे रंगों से बनाई जाती है, जो गर्म चाय-कॉफी के कारण साफ होने लगती है। इसलिए ऐसे कप को इस्तेमाल करने से बचें।
साफ-सफाई सही से करें
चीनी मिट्टी के कप को सावधानी से साफ करें और उसके अंदर लगी चाय को सही से छुड़ा लें। कप को बार-बार गिरने या लुढ़कने से बचाए, इससे वह जल्दी फूटेगा नहीं और ज्यादा गर्म चाय अचानक से कप में ना डालें, वरना वह टूट सकता है। साथ ही 6 महीने में कप को बदल लीजिए, इससे ज्यादा इस्तेमाल करना सही नहीं रहता।
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